NCERT Class 5 Hindi • Classic CBSE Track

Chapter 2: फसलों के त्योहार

भारत की कृषि संस्कृति, ऋतु-परिवर्तन व प्रांतीय पर्वों का ज्ञानवर्धक निबंध | CBSE Session 2026–27

Core Pedagogical Competencies & Concepts
  • कृषि प्रधान संस्कृति: भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ फसलों की कटाई और नई फसल के आगमन पर विभिन्न राज्यों में उल्लासपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं।
  • मकर संक्रांति (खिचड़ी): उत्तर प्रदेश, बिहार व मध्य प्रदेश में तिल, गुड़ और नए चावल की खिचड़ी बनाकर तिल-दान व गंगा-स्नान की परंपरा।
  • सरहुल (झारखंड): आदिवासी समुदायों (उरांव, मुंडा, संथाल) द्वारा साल के वृक्ष की पूजा, सरना स्थल पर अनुष्ठान और पाहन द्वारा भविष्यवाणी।
  • पोंगल (तमिलनाडु): नए धान, गन्ने और हल्दी की फसल का स्वागत; मिट्टी की मटकी में दूध-चावल उबालकर 'पोंगल-पोंगल' का जयघोष।
  • लोहड़ी व बीहू: पंजाब में नई रबी फसल पर अग्नि प्रज्वलित कर रेवड़ी-मूंगफली अर्पित करना; असम में माघ बीहू पर 'भेलाघर' बनाकर सामूहिक भोज (उरुका)।
  • विविधता में एकता: भिन्न-भिन्न नाम, व्यंजन और रीति-रिवाज होने के बावजूद सभी पर्वों का मूल भाव प्रकृति, सूर्य व धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है।
फसलों के त्योहार: भारत की बहुरंगी कृषि संस्कृति 🪁🍲 मकर संक्रांति तिल-गुड़ व खिचड़ी 🌳🎉 सरहुल झारखंड में साल पूजा 🍯🌾 पोंगल तमिलनाडु में खीर 🔥🥁 लोहड़ी व बीहू पंजाब व असम

All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)

100% Complete Ingestion
Q1 निबंध से • प्रश्नोत्तर
मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तर भारत (विशेषकर उत्तर प्रदेश व बिहार) में क्या-क्या पकवान बनते हैं और क्या परंपराएं हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
मकर संक्रांति के दिन उत्तर भारत में तिल और गुड़ के स्वादिष्ट लड्डू, तिलकुट, चूड़ा-दही तथा उड़द दाल व नए चावल की खिचड़ी बनाई जाती है। इसी कारण इसे कई स्थानों पर 'खिचड़ी पर्व' भी कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों (गंगा-यमुना) में स्नान करने, गरीबों को तिल, ऊनी वस्त्र और अनाज दान करने तथा छतों पर रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाने की उल्लासपूर्ण परंपरा है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तिल-गुड़, तिलकुट, चूड़ा-दही व खिचड़ी का उल्लेख 1.5 अंक
पवित्र स्नान, तिल-दान व पतंगबाजी की परंपरा 1.5 अंक
Q2 निबंध से • प्रश्नोत्तर
झारखंड में 'सरहुल' त्योहार किस प्रकार मनाया जाता है और इसमें किस वृक्ष की पूजा की जाती है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
झारखंड में सरहुल पर्व चैत माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को चार दिनों तक बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से 'साल' (सखुआ) के वृक्ष की पूजा की जाती है क्योंकि इस समय साल के पेड़ों पर नए फूल आते हैं। गाँव के पुरोहित (पाहन) सरना स्थल पर सफेद मुर्गे की बलि देकर पूजा करते हैं और मिट्टी के घड़े में पानी रखकर वर्ष के वर्षा की भविष्यवाणी करते हैं। लोग स्त्री-पुरुष पारंपरिक पोशाक पहनकर मांदर और ढोल की थाप पर रातभर नृत्य करते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
'साल' (सखुआ) वृक्ष की पूजा का उल्लेख 1 अंक
पाहन द्वारा वर्षा की भविष्यवाणी का प्रसंग 1 अंक
मांदर की थाप पर रातभर सामूहिक नृत्य 1 अंक
Q3 निबंध से • प्रश्नोत्तर
तमिलनाडु में 'पोंगल' पर्व कैसे मनाया जाता है? 'पोंगल-पोंगल' का क्या अर्थ है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
पोंगल के दिन नए धान कूटकर चावल निकाले जाते हैं। नए मिट्टी के घड़े में दूध, नया चावल और गुड़ डालकर उसे धूप में खुले आँगन में पकाया जाता है। जब दूध उफनकर मटके से बाहर गिरने लगता है, तो सब लोग हर्षोल्लास से 'पोंगल-पोंगल' (खीर उफन गई, धन-धान्य बढ़ गया) कहकर खुशियाँ मनाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नए चावल, दूध व गुड़ को मटके में पकाने का उल्लेख 1 अंक
दूध उफनने पर 'पोंगल-पोंगल' जयघोष का अर्थ 1 अंक
Q4 भाषा की बात • वाक्य-रचना
नीचे दिए गए राज्यों को उनके प्रमुख फसली त्योहारों से सही सुमेलित कीजिए:
1. पंजाब • 2. असम • 3. केरल • 4. गुजरात
(क) ओणम • (ख) लोहड़ी • (ग) पतंग पर्व • (घ) बीहू
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
  • 1. पंजाब → (ख) लोहड़ी
  • 2. असम → (घ) बीहू
  • 3. केरल → (क) ओणम
  • 4. गुजरात → (ग) पतंग पर्व
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पंजाब व असम का सही मिलान 1 अंक
केरल व गुजरात का सही मिलान 1 अंक
Q5 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q6 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q7 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q8 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q9 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q10 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q11 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q12 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q13 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q14 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q15 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q16 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q17 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q18 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q19 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q20 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q21 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 17] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q22 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • फसलों के त्योहार
[अभ्यास प्रश्न 18] पाठ 'फसलों के त्योहार' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ फसलों के त्योहार के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study

कृषि, ऋतु-चक्र व पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता

प्राचीन काल से भारत के सभी फसली पर्व सूर्य के उत्तरायण होने, नई फसलों के पकने और प्रकृति के नए चक्र का सम्मान करने के लिए बनाए गए थे। आधुनिक उपभोक्तावादी संस्कृति में लोग इन त्योहारों के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय संदेश को भूलकर केवल औपचारिकता निभाते हैं।

Analytical Task: 'फसलों के त्योहार' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि ये पर्व हमें प्रकृति और अन्नदाताओं (किसानों) के प्रति किस प्रकार कृतज्ञ बनना सिखाते हैं?
Evaluation & Model Answer:
प्रकृति व कृषकों के प्रति कृतज्ञता का दर्शन:
  1. प्रकृति व सूर्य के प्रति आभार: सरहुल में वृक्षों की पूजा, पोंगल में सूर्य को नए अन्न का भोग तथा संक्रांति में जल-स्नान यह याद दिलाते हैं कि मानव जीवन सूर्य के ताप, स्वच्छ वायु, उर्वर मिट्टी और जल पर निर्भर है।
  2. किसानों के श्रम का सम्मान: ये सभी त्योहार महीनों तक खेतों में पसीना बहाने वाले कृषकों की मेहनत का उत्सव हैं। नई फसल का पहला दाना ईश्वर और समाज को समर्पित करना अन्न के अपव्यय को रोकने और किसान की गरिमा को पहचानने की सीख देता है।
Rubric: 1.5 अंक प्राकृतिक पंचतत्वों के प्रति आभार के लिए + 3.5 अंक अन्नदाता किसान के श्रम सम्मान के विवेचन हेतु = 5 अंक