NCERT Class 5 Hindi • Classic CBSE Track

Chapter 8: वे दिन भी क्या दिन थे

विश्वप्रसिद्ध विज्ञान-कथाकार आइज़ैक एसीमोव की भविष्योन्मुखी कहानी (वर्ष 2155 का भविष्य) | CBSE Session 2026–27

Core Pedagogical Competencies & Concepts
  • भविष्य का कालखंड: कहानी वर्ष 2155 की पृष्ठभूमि में घटित होती है, जब रोहित को अपने घर की पुरानी अटारी में दादाजी के ज़माने की कागज़ वाली छपी हुई पुस्तक मिलती है।
  • रोहित और कुम्मी का आश्चर्य: बच्चे हैरान हैं कि कागज़ की किताबों में पन्ने पलटने पड़ते थे और अक्षर स्थिर रहते थे, जबकि उनके युग में कंप्यूटर व टेलीविज़न स्क्रीन पर लाखों पुस्तकें चलती हैं।
  • यांत्रिक शिक्षक (Mechanical Teacher): बच्चों का अपना कोई स्कूल या मानव शिक्षक नहीं होता; घर के एक कमरे में बड़ा सा कंप्यूटर-मशीन (रोबोट) उन्हें पढ़ाता है, टेस्ट लेता है और तुरंत होमवर्क चेक करता है।
  • कुम्मी की उदासी: मशीन का भूगोल वाला पुर्ज़ा खराब होकर बहुत तेज़ चलने लगता है, जिससे कुम्मी को बार-बार डांट खानी पड़ती है।
  • पुराने स्कूलों का सम्मोहन: जब कुम्मी को पता चलता है कि पुराने ज़माने में सभी बच्चे एक साथ एक सुंदर इमारत (स्कूल) में जाते थे, मानव शिक्षक पढ़ाते थे, सब मिलकर हँसते-खेलते और होमवर्क में एक-दूसरे की मदद करते थे, तो वह सोचती है—'वे दिन भी क्या दिन थे!'
वे दिन भी क्या दिन थे: वर्ष 2155 का यांत्रिक स्कूल बनाम सहपाठी जीवन 📖⏳ पुरानी किताब कागज़ के पन्ने 🤖💻 रोबोटिक टीचर घर के कमरे में पढ़ाई 🏫👦👧 मानव स्कूल सब बच्चे साथ पढ़ते 💭❤️ वे दिन भी क्या दिन! हँसी, खेल व मित्रता

All Textbook Exercises & In-Text Tasks (20 Questions)

100% Complete Ingestion
Q1 विज्ञान-कथा से • प्रश्नोत्तर
कुम्मी और रोहित की पढ़ाई आज की हमारी पढ़ाई से किस प्रकार भिन्न थी?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
कुम्मी और रोहित (वर्ष 2155) किसी स्कूल की इमारत में नहीं जाते थे और न ही उन्हें कोई मनुष्य पढ़ाता था। उनके घर के एक विशेष कमरे में एक बड़ी स्क्रीन वाला यांत्रिक कंप्यूटर (रोबोटिक टीचर) लगा था। वे मशीन के खांचे (Slot) में पंच कोड वाले होमवर्क डालते थे, और मशीन तुरंत परिणाम सुना देती थी। उनके पास कागज़ की छपी हुई किताबें नहीं थीं, बल्कि स्क्रीन पर शब्द चला करते थे।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
स्कूल भवन व मानव शिक्षक की अनुपस्थिति 1.5 अंक
यांत्रिक स्क्रीन व पंच कोड वाले होमवर्क का उल्लेख 1.5 अंक
Q2 विज्ञान-कथा से • प्रश्नोत्तर
कुम्मी पुराने ज़माने के स्कूलों के बारे में जानकर क्या सोच रही थी?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
कुम्मी सोच रही थी कि पुराने ज़माने के स्कूलों में कितना आनंद आता होगा! एक ही उम्र के सारे बच्चे हँसते-खेलते, बातें करते एक साथ स्कूल जाते थे। उन्हें पढ़ाने वाले इंसान होते थे जो बच्चों की भावनाओं को समझते थे। सब बच्चे एक जैसा पाठ पढ़ते थे और एक-दूसरे के होमवर्क में मदद कर सकते थे। वह एकाकी यांत्रिक कमरे की तुलना में पुराने स्कूलों के उल्लास को याद कर भावुक हो गई।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
साथ बैठकर पढ़ने व खेलने का सुख 1.5 अंक
मानव शिक्षक के संवेदनशील व्यवहार की महत्ता 1.5 अंक
Q3 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q4 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q5 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q6 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q7 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q8 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q9 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q10 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q11 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q12 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q13 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q14 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q15 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q16 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q17 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q18 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q19 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 17] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q20 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • वे दिन भी क्या दिन थे
[अभ्यास प्रश्न 18] पाठ 'वे दिन भी क्या दिन थे' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ वे दिन भी क्या दिन थे के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study

ऑनलाइन शिक्षा बनाम विद्यालयी सामाजिक सह-अस्तित्व

कोविड काल में जब विद्यालयों में ताले लग गए और बच्चों को ऑनलाइन स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ी, तो कई छात्र अकेलापन महसूस करने लगे और सहपाठियों के साथ खेल-कूद व भोजन साझा करने को तरस गए।

Analytical Task: 'वे दिन भी क्या दिन थे' कहानी आज के डिजिटल युग में हमें क्या चेतावनी देती है? क्या कोई रोबोट या कंप्यूटर एक मानवीय शिक्षक का स्थान ले सकता है?
Evaluation & Model Answer:
मानवीय शिक्षक व सहपाठी सह-अस्तित्व की अनिवार्यता:
  1. कंप्यूटर शिक्षक की सीमाएं: कंप्यूटर जानकारी (Information) तो दे सकता है, परंतु वह बच्चे के मन की उदासी, उसके तनाव, उसकी नैतिक दुविधा या आँखों की भाषा नहीं समझ सकता। सहानुभूति, स्नेह, चरित्र-निर्माण और संस्कार केवल एक जीवित मानव शिक्षक ही दे सकता है।
  2. सहपाठियों का महत्व: विद्यालय केवल अक्षर सीखने की जगह नहीं है; यह साझा करना, टीम भावना, मित्रता, धैर्य और सहिष्णुता सीखने की सामाजिक प्रयोगशाला है, जो एकांत कमरे में स्क्रीन के सामने कभी प्राप्त नहीं हो सकती।
Rubric: 1.5 अंक तकनीकी शिक्षा की सीमाओं के उल्लेख हेतु + 3.5 अंक मानवीय संवेदना व सामाजिक सह-अस्तित्व के विवेचन के लिए = 5 अंक