NCERT Class 5 Hindi • Classic CBSE Track

Chapter 7: डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी

हिमाचल प्रदेश के समर्पित डाकिया कंवरसिंह का प्रेरणादायक साक्षात्कार (Interview) | CBSE Session 2026–27

Core Pedagogical Competencies & Concepts
  • कंवरसिंह का परिचय: हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले के नेरवा गाँव के रहने वाले 45 वर्षीय कर्तव्यनिष्ठ डाकिया (पैकर) कंवरसिंह।
  • पहाड़ी डाक सेवा की चुनौतियाँ: किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे बर्फीले दुर्गम पहाड़ी ज़िलों में प्रतिदिन 26 किलोमीटर पैदल चलकर डाक पहुँचाना; बर्फीले तूफानों में 'स्नो-ब्लाइंडनेस' और 'गैंग्रीन' (पैर गलना) का निरंतर खतरा।
  • डाकिए का आदर: पहाड़ी गाँवों में डाकियों को केवल पत्र लाने वाला नहीं, बल्कि सुख-दुख का साथी, पेंशन लाने वाला और 'देवदूत' मानकर अत्यधिक आदर दिया जाता है।
  • अदम्य साहस व वीरता पुरस्कार: शिमला के जनरल पोस्ट ऑफिस में रात को डाकुओं द्वारा तिजोरी लूटने के प्रयास को विफल करते हुए कंवरसिंह के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके लिए भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित 'बेस्ट पोस्टमैन अवार्ड' से सम्मानित किया।
डाकिया कंवरसिंह: कर्तव्यनिष्ठा, साहस व वीरता की मिसाल 🏔️🚶‍♂️ कंवरसिंह 26 किमी पैदल सफर ❄️⚠️ बर्फ की बाधाएं गैंग्रीन का खतरा 🛡️🏥 डाकुओं से रक्षा तिजोरी बचाई 🏅🎖️ बेस्ट पोस्टमैन राष्ट्रीय सम्मान

All Textbook Exercises & In-Text Tasks (20 Questions)

100% Complete Ingestion
Q1 साक्षात्कार से • प्रश्नोत्तर
पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे किन्नौर और लाहौल-स्पीति) में डाकियों को किन-किन भीषण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
पहाड़ी क्षेत्रों में डाकियों को प्रतिदिन 25-26 किलोमीटर ऊँचे-नीचे बर्फीले पहाड़ों पर पैदल चलना पड़ता है। सर्दियों में तापमान शून्य से बहुत नीचे चला जाता है, जिससे पैर बर्फ में धँसने पर 'गैंग्रीन' (पैर सुन्न होकर गल जाना) का खतरा रहता है। बर्फ पर सूर्य की तेज़ किरणों के परावर्तन से आँखों की रोशनी जाने (स्नो-ब्लाइंडनेस) और भूस्खलन की निरंतर आशंका रहती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
प्रतिदिन 26 किमी पैदल पहाड़ी सफर 1 अंक
गैंग्रीन व स्नो-ब्लाइंडनेस का खतरा 1 अंक
कड़ाके की ठंड व भूस्खलन की कठिनाई 1 अंक
Q2 साक्षात्कार से • प्रश्नोत्तर
कंवरसिंह को 'बेस्ट पोस्टमैन अवार्ड' क्यों और किस वीरतापूर्ण कार्य के लिए दिया गया?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
शिमला के जनरल पोस्ट ऑफिस में रात की ड्यूटी के दौरान कुछ हथियारबंद लुटेरे सरकारी तिजोरी लूटने घुस आए। कंवरसिंह ने निडरता से उनका मुकाबला किया और जान की बाज़ी लगाकर सरकारी खजाने को लुटने से बचा लिया। लुटेरों के रॉड के प्रहार से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी एक आँख की रोशनी चली गई। उनकी इस अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा व वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'बेस्ट पोस्टमैन अवार्ड' से सम्मानित किया।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सरकारी तिजोरी को डाकुओं से बचाने की वीरता 1.5 अंक
सिर में गंभीर चोट व आँख गंवाने के बावजूद कर्तव्य रक्षा 1.5 अंक
Q3 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q4 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q5 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q6 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q7 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q8 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q9 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q10 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q11 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q12 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q13 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q14 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q15 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q16 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q17 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q18 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q19 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 17] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q20 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी
[अभ्यास प्रश्न 18] पाठ 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की ज़ुबानी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study

सच्ची कर्तव्यनिष्ठा व सार्वजनिक सेवा की गरिमा

कंवरसिंह को अपने खतरनाक और थका देने वाले काम के लिए बहुत अधिक वेतन नहीं मिलता था, फिर भी वे अपनी नौकरी पर अत्यधिक गर्व करते हैं क्योंकि वे दूरदराज के असहाय ग्रामीणों के सुख-दुख के वाहक हैं।

Analytical Task: कंवरसिंह की जीवन-कथा से विद्यार्थियों को अपने कर्तव्य और समाज सेवा के प्रति क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भाव:
  1. काम की प्रतिष्ठा धन से नहीं, सेवा से है: कंवरसिंह का जीवन सिखाता है कि किसी भी काम की महत्ता केवल वेतन से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि हम कितने लोगों के जीवन में खुशियाँ ला रहे हैं।
  2. विपरीत परिस्थितियों में निष्ठा: परिस्थितियाँ चाहे जितनी कठिन हों, अपने दायित्व से पीछे न हटना और सत्य व संस्था के प्रति वफादार रहना ही एक सच्चे नागरिक का सबसे बड़ा भूषण है।
Rubric: 1.5 अंक सेवा-भाव व सामाजिक मूल्य के लिए + 3.5 अंक कर्तव्यनिष्ठा के व्यक्तिगत व सामाजिक प्रभाव हेतु = 5 अंक