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Chapter 1: सुभाषितानि (Subhashitani)

सुभाषित श्लोकों का अर्थ एवं अभ्यास | CBSE Marking Scheme 2026-27 | Ruchira Bhag-3

Q1
सुभाषितानि पाठ में किस प्रकार के श्लोक संकलित हैं? उनका मुख्य उद्देश्य क्या है?
3 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर: 'सुभाषितानि' पाठ में विभिन्न संस्कृत ग्रन्थों से चुने हुए नैतिक एवं जीवनोपयोगी श्लोक संकलित हैं। इन श्लोकों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उत्तम जीवन मूल्यों की शिक्षा देना है।

इन श्लोकों में परोपकार, परिश्रम, ज्ञान की महिमा, मातृभूमि प्रेम और सदाचार जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है। ये श्लोक विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठ मार्ग अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

सुभाषितानि का शाब्दिक अर्थ है — 'सुन्दर वचन' (सु + भाषित = सुन्दर + वचन)। ये वचन जीवन को सार्थक बनाने में सहायक होते हैं।

CBSE Marking Scheme 2026-27
श्लोकों का प्रकार एवं उद्देश्य1 Mark
नैतिक मूल्यों का विवरण1 Mark
सुभाषित का अर्थ1 Mark
Q2
निम्नलिखित श्लोक का हिन्दी में अनुवाद कीजिए: 'गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गं न च वयः।'
2 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर — अनुवाद: गुणवान व्यक्तियों में गुण ही पूजा के स्थान होते हैं, न कि लिंग (स्त्री-पुरुष भेद) और न ही आयु।

इस श्लोक का भाव यह है कि व्यक्ति की श्रेष्ठता उसके गुणों से होती है, न उसकी जाति, लिंग या आयु से। गुणवान व्यक्ति सदा पूजनीय होता है।

CBSE Marking Scheme 2026-27
शुद्ध हिन्दी अनुवाद1 Mark
भाव/अर्थ1 Mark
Q3
पाठ के किस श्लोक में परोपकार की महिमा बताई गई है? उसका भाव अपने शब्दों में लिखिए।
3 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर: पाठ में परोपकार की महिमा इस श्लोक में बताई गई है:

"परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थमिदं शरीरम्।।"

भाव: वृक्ष दूसरों के लिए फल देते हैं, नदियाँ दूसरों के लिए बहती हैं, गाय दूसरों के लिए दूध देती है — इसी प्रकार यह शरीर भी परोपकार के लिए ही है।

इस श्लोक के माध्यम से यह शिक्षा दी गई है कि हमें अपने जीवन का उपयोग दूसरों की भलाई में करना चाहिए।

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श्लोक की पहचान1 Mark
शुद्ध अनुवाद1 Mark
भाव विस्तार1 Mark
Q4
निम्नलिखित शब्दों के संधि-विच्छेद कीजिए: (i) परोपकाराय (ii) पूजास्थानम्
2 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर:

(i) परोपकाराय: पर + उपकाराय (गुण संधि — अ + उ = ओ)

(ii) पूजास्थानम्: पूजा + स्थानम् (दीर्घ संधि — आ + स् = आ)

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प्रत्येक शुद्ध संधि-विच्छेद1 Mark each
Q5
श्लोक में 'नद्यः' का प्रयोग किस रूप में हुआ है? इसका कारक बताइए।
2 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर: 'नद्यः' शब्द नदी (स्त्रीलिंग) का बहुवचन है।

श्लोक में 'नद्यः वहन्ति' प्रयोग में 'नद्यः' कर्ता कारक (प्रथमा विभक्ति, बहुवचन) में प्रयुक्त हुआ है।

क्रिया 'वहन्ति' (बहती हैं) के साथ 'नद्यः' कर्ता के रूप में प्रयुक्त है।

CBSE Marking Scheme 2026-27
शब्द-रूप पहचान1 Mark
कारक का नाम और कारण1 Mark
Q6
पाठ में वर्णित किस श्लोक से आपको सबसे अधिक प्रेरणा मिलती है और क्यों? उत्तर हिन्दी में लिखिए।
3 Marks
✅ CBSE Standard Answer (2026-27)

उत्तर: मुझे पाठ में वर्णित परोपकार विषयक श्लोक से सबसे अधिक प्रेरणा मिलती है —

"परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः..."

कारण: यह श्लोक हमें सिखाता है कि प्रकृति का हर तत्व — वृक्ष, नदी, गाय — दूसरों की सेवा में समर्पित है। हमें भी अपने जीवन को इसी प्रकार परोपकार में लगाना चाहिए।

आज के स्वार्थी युग में यह श्लोक हमें त्याग और सेवा का महत्व समझाता है। यह श्लोक समाज में भाईचारे और मानवता की भावना जगाता है।

CBSE Marking Scheme 2026-27
श्लोक का उल्लेख1 Mark
प्रेरणा का कारण1 Mark
समसामयिक संदर्भ1 Mark
📚 Passage-Based / CBQ Questions (CBSE 2026-27 Pattern) As per New Pattern

"गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गं न च वयः। विक्रमार्जितशास्त्राणां कर्मयोगे स्थितात्मनाम्।।"

📖 Passage-Based Question 1
Q1. पूजास्थान किसे बताया गया है?
गुणवान व्यक्तियों के गुणों को पूजास्थान बताया गया है।
📖 Passage-Based Question 2
Q2. श्लोक में 'लिङ्गम्' का क्या अर्थ है?
'लिङ्गम्' का अर्थ है — स्त्री-पुरुष का भेद।
📖 Passage-Based Question 3
Q3. श्लोक का मुख्य संदेश क्या है?
व्यक्ति की महानता उसके गुणों से होती है, न उसकी आयु या लिंग से।
📖 Passage-Based Question 4
Q4. 'विक्रमार्जित' का संधि-विच्छेद करें।
विक्रम + अर्जित (दीर्घ संधि: अ + अ = आ)