Chapter 1 of 12
Chapter 1: किरन
प्रकृति-सौंदर्य व नई उमंग जगाती सोहनलाल द्विवेदी की प्रेरक बाल-कविता | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- कविता का मूल भाव: सूर्य की पहली सुनहरी किरण का आगमन संपूर्ण प्रकृति में नवजीवन और ऊर्जा का संचार करता है।
- प्राकृतिक परिवर्तन: किरण के आते ही अंधकार विलीन हो जाता है, पूर्व दिशा में सुखद लालिमा छा जाती है, और प्रत्येक पत्ती व डाली सुनहरे रंग में रंग जाती है।
- जीव-जगत का जागरण: किरण की मुस्कान पाकर कलियाँ और फूल खिल उठते हैं, सुगंधित मंद पवन बहने लगती है तथा पक्षी मधुर प्रभाती गाने लगते हैं।
- जीवन-संदेश: कवि बच्चों को स्वयं ज्ञान और अच्छाई की किरण बनकर संसार में प्रकाश फैलाने और सबके जीवन को खुशियों से भरने की प्रेरणा देते हैं।
- व्याकरण व भाषा: विशेषण-विशेष्य, पर्यायवाची शब्द, तुकांत शब्द तथा प्रकृति वर्णन।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ-बोध • कविता से
किरन के आने पर प्रकृति और धरती में क्या-क्या सुखद परिवर्तन होते हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
किरन के आने पर निम्नलिखित सुखद परिवर्तन होते हैं:
1. पूरब दिशा में सुखद लालिमा छा जाती है और रात का अंधकार सहसा विलीन हो जाता है।
2. सूर्य के सुनहरे प्रकाश से प्रत्येक पत्ती, डाली और वृक्ष सुनहरे रंग में चमक उठते हैं।
3. बंद कलियाँ खिलकर मुस्कुराने लगती हैं, मंद-मंद सुगंधित पवन बहने लगती है तथा पक्षी कलरव करते हुए मधुर गीत गाने लगते हैं।
1. पूरब दिशा में सुखद लालिमा छा जाती है और रात का अंधकार सहसा विलीन हो जाता है।
2. सूर्य के सुनहरे प्रकाश से प्रत्येक पत्ती, डाली और वृक्ष सुनहरे रंग में चमक उठते हैं।
3. बंद कलियाँ खिलकर मुस्कुराने लगती हैं, मंद-मंद सुगंधित पवन बहने लगती है तथा पक्षी कलरव करते हुए मधुर गीत गाने लगते हैं।
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दिशाओं में लालिमा व अंधकार समाप्त होने का उल्लेख
1 अंक
पत्ती-डालियों का सुनहरा होना
1 अंक
फूलों का खिलना व पक्षियों के चहचहाने का वर्णन
1 अंक
Q2
पाठ-बोध • कविता से
कवि ने बच्चों को 'एक किरण बन जाने' की प्रेरणा क्यों दी है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जिस प्रकार सूर्य की एक नन्हीं किरण संसार से अंधकार दूर कर चारों ओर उजाला, जीवन और उमंग भर देती है, उसी प्रकार कवि बच्चों को भी अच्छाई, विद्या, प्रेम और परोपकार की किरण बनने की प्रेरणा देते हैं ताकि वे अज्ञानता व दुख मिटाकर समाज को सुंदर बना सकें।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
किरण के प्रकाश फैलाने वाले गुण की तुलना
1 अंक
ज्ञान, परोपकार व समाज कल्याण का स्पष्टीकरण
1 अंक
Q3
शब्द-ज्ञान • पर्यायवाची शब्द
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) किरन • (ख) सवेरा • (ग) पवन • (घ) फूल
[4 Marks]
(क) किरन • (ख) सवेरा • (ग) पवन • (घ) फूल
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) किरन: रश्मि, अंशु, मयूख।
- (ख) सवेरा: प्रभात, भोर, प्रातःकाल।
- (ग) पवन: वायु, समीर, हवा।
- (घ) फूल: पुष्प, सुमन, कुसुम।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
किरन और सवेरा के सही पर्यायवाची
2 अंक
पवन और फूल के सही पर्यायवाची
2 अंक
Q4
शब्द-ज्ञान • तुकबंदी (Rhyming Words)
कविता से खोजकर तुक मिलाने वाले (समान ध्वनि वाले) शब्दों के जोड़े बनाइए:
(क) निराली • (ख) सवेरा • (ग) मुस्काए
[3 Marks]
(क) निराली • (ख) सवेरा • (ग) मुस्काए
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) निराली — डाली-डाली
- (ख) सवेरा — अँधेरा
- (ग) मुस्काए — गाए / भाए
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निराली-डाली तुकबंदी
1 अंक
सवेरा-अँधेरा तुकबंदी
1 अंक
मुस्काए-गाए तुकबंदी
1 अंक
Q5
भाषा की बात • विशेषण और विशेष्य
नीचे दिए गए विशेषण शब्दों का उचित विशेष्य शब्दों से मिलान कीजिए:
1. सुनहरी • 2. सुगंधित • 3. सुखद • 4. लाल
(क) पवन • (ख) सवेरा • (ग) किरण • (घ) दिशाएं
[4 Marks]
1. सुनहरी • 2. सुगंधित • 3. सुखद • 4. लाल
(क) पवन • (ख) सवेरा • (ग) किरण • (घ) दिशाएं
✅ Step-by-Step Solution & Working
- 1. सुनहरी → (ग) किरण
- 2. सुगंधित → (क) पवन
- 3. सुखद → (ख) सवेरा
- 4. लाल → (घ) दिशाएं
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सुनहरी किरण व सुगंधित पवन का सही मिलान
2 अंक
सुखद सवेरा व लाल दिशाएं का सही मिलान
2 अंक
Q6
रचनात्मक लेखन • अनुभव व विचार
प्रातःकाल (सुबह) की सैर का आँखों देखा वर्णन करते हुए 4-5 पंक्तियाँ लिखिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
प्रातःकाल की सैर:
1. मैं प्रतिदिन प्रातःकाल 6 बजे अपने दादाजी के साथ निकट के उपवन (पार्क) में सैर करने जाता हूँ।
2. सुबह-सुबह ठंडी, ताज़ा और सुगंधित हवा चलती है जो मन और तन को स्फूर्ति से भर देती है।
3. हरी-हरी घास पर ओस की बूँदें मोतियों जैसी चमकती हैं और पेड़ों पर चिड़ियाँ मीठे स्वर में चहचहाती हैं।
4. उगते हुए सूर्य के दर्शन करना अत्यंत सुखद लगता है। सुबह की सैर हमें दिनभर स्वस्थ और ऊर्जावान रखती है।
1. मैं प्रतिदिन प्रातःकाल 6 बजे अपने दादाजी के साथ निकट के उपवन (पार्क) में सैर करने जाता हूँ।
2. सुबह-सुबह ठंडी, ताज़ा और सुगंधित हवा चलती है जो मन और तन को स्फूर्ति से भर देती है।
3. हरी-हरी घास पर ओस की बूँदें मोतियों जैसी चमकती हैं और पेड़ों पर चिड़ियाँ मीठे स्वर में चहचहाती हैं।
4. उगते हुए सूर्य के दर्शन करना अत्यंत सुखद लगता है। सुबह की सैर हमें दिनभर स्वस्थ और ऊर्जावान रखती है।
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सुबह के प्राकृतिक वातावरण का सजीव वर्णन
1.5 अंक
स्वास्थ्य लाभ व शुद्ध भाषा-शैली
1.5 अंक
Q7
परियोजना व खोजबीन (Let us Explore)
सूर्य का प्रकाश पौधों के जीवन के लिए क्यों आवश्यक है? एक छोटा प्रयोग करके समझाइए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सूर्य का प्रकाश और पौधे:
पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ही अपने पत्तों में उपस्थित क्लोरोफिल और जल की सहायता से प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा भोजन बनाते हैं।
प्रयोग विधि:
1. दो समान गमले वाले पौधे लीजिए। एक को खुली धूप में रखिए और दूसरे को किसी अंधेरे कमरे या गत्ते के डिब्बे से ढककर रख दीजिए।
2. दोनों को प्रतिदिन बराबर पानी दीजिए।
3. सात दिन बाद अवलोकन करने पर पाएंगे कि धूप में रखा पौधा हरा-भरा और स्वस्थ है, जबकि अंधेरे में रखा पौधा पीला पड़कर मुरझा गया है।
निष्कर्ष: सूर्य की किरणें पौधों और समस्त जीव-जगत के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं।
पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ही अपने पत्तों में उपस्थित क्लोरोफिल और जल की सहायता से प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा भोजन बनाते हैं।
प्रयोग विधि:
1. दो समान गमले वाले पौधे लीजिए। एक को खुली धूप में रखिए और दूसरे को किसी अंधेरे कमरे या गत्ते के डिब्बे से ढककर रख दीजिए।
2. दोनों को प्रतिदिन बराबर पानी दीजिए।
3. सात दिन बाद अवलोकन करने पर पाएंगे कि धूप में रखा पौधा हरा-भरा और स्वस्थ है, जबकि अंधेरे में रखा पौधा पीला पड़कर मुरझा गया है।
निष्कर्ष: सूर्य की किरणें पौधों और समस्त जीव-जगत के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं।
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प्रकाश-संश्लेषण का वैज्ञानिक कारण
1.5 अंक
गमले के प्रयोग की चरणबद्ध विधि व निष्कर्ष
1.5 अंक
Q8
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • किरन
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q9
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • किरन
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q10
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • किरन
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q11
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • किरन
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q12
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • किरन
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q13
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • किरन
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q14
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • किरन
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q15
अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • किरन
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q16
शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • किरन
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q17
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • किरन
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q18
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • किरन
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q19
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • किरन
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
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विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q20
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • किरन
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
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विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q21
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • किरन
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
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विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q22
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • किरन
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'किरन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ किरन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
प्राकृतिक सूर्य-प्रकाश व बाल-स्वास्थ्य: जीवन-कौशल केस स्टडी
आजकल महानगरों में बहुमंजिला इमारतों और लगातार मोबाइल व कंप्यूटर स्क्रीनों के कारण अनेक बच्चे प्रातःकालीन धूप और ताज़ी खुली हवा से वंचित रह जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनमें विटामिन-डी की कमी, दृष्टि-दोष तथा आलस्य की समस्याएँ बढ़ रही हैं।
Analytical Task: 'किरन' कविता के संदेश के आलोक में बताइए कि विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए प्रातःकालीन धूप क्यों अनिवार्य है? विद्यालय की दिनचर्या में इसे शामिल करने के दो व्यावहारिक सुझाव दीजिए।
Evaluation & Model Answer:
प्रातःकालीन धूप की महत्ता एवं व्यावहारिक सुझाव:
- शारीरिक व मानसिक लाभ: प्रातःकाल की कोमल धूप शरीर में विटामिन-डी का निर्माण करती है, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। सूर्य के प्रकाश से आँखों की दृष्टि पुष्ट होती है और सेरोटोनिन हार्मोन का स्तर सुधरने से मन शांत व प्रसन्नचित्त रहता है।
- सुझाव 1 (खुले मैदान में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा व योग): विद्यालय की दैनिक प्रार्थना सभा (Morning Assembly) बंद सभागारों के बजाय खुले मैदान में सूर्योदय के समय आयोजित की जानी चाहिए, जिसमें 15 मिनट का सूर्य नमस्कार और प्राणायाम अनिवार्य हो।
- सुझाव 2 (ओपन-एयर प्रकृति कक्षा व बागवानी): सप्ताह में कम से कम दो कालांश (Periods) विद्यालयी बगीचे या खुले मैदान में प्रकृति-अध्ययन व खेलकूद के लिए निर्धारित किए जाने चाहिए ताकि प्रत्येक बच्चा प्राकृतिक धूप का पूर्ण लाभ ले सके।
Rubric: 1.5 अंक धूप के स्वास्थ्य-सकारात्मक प्रभावों के लिए + 3.5 अंक दो क्रियान्वयन योग्य व्यावहारिक विद्यालयी सुझावों के लिए = 5 अंक