Chapter 2 of 12
Chapter 2: न्याय की कुर्सी
लीलावती भागवत द्वारा रचित उज्जैन के विक्रमादित्य सिंहासन पर आधारित नैतिक लोककथा | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- कथानक: उज्जैन के खंडहरों के पास चरवाहे बालक गायें चराते समय एक ऊँचे टीले पर न्याय-न्याय का खेल खेलते हैं।
- चरवाहे बालक का कायाकल्प: जैसे ही एक साधारण चरवाहा बालक उस टीले पर बैठता है, उसके भीतर अद्भुत गंभीरता, निष्पक्षता और न्यायप्रिय विवेक जागृत हो जाता है; वह बड़े से बड़े जटिल झगड़े को चुटकियों में सुलझा देता है।
- राजा का कौतूहल व खुदाई: जब उज्जैन के वर्तमान राजा को यह बात पता चलती है, तो वे समझ जाते हैं कि टीले के नीचे महान न्यायप्रिय राजा विक्रमादित्य का प्रसिद्ध सिंहासन गड़ा है; राजा उसे खुदवाकर अपने महल में ले आते हैं।
- सिंहासन की पुतलियों का संवाद: जब राजा शुभ मुहूर्त में उस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते हैं, तो सिंहासन की पाषाण पुतलियाँ जीवित होकर प्रश्न करती हैं—'क्या तुम्हारा मन उस चरवाहे बालक की तरह छल-कपट, लोभ और अहंकार से मुक्त है?' राजा निरुत्तर हो जाते हैं।
- मूल शिक्षा: सच्चा न्याय केवल ऊँचे राज-पद या धन से नहीं होता; न्याय की कुर्सी पर बैठने का अधिकार उसी को है जिसका हृदय निष्पक्ष, पवित्र और परोपकारी हो।
- व्याकरण: संज्ञा के भेद, कारक चिह्न, मुहावरे तथा निष्पक्ष निर्णय लेने का विवेक।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ-बोध • कहानी से
मैदान में खेलते समय चरवाहे बालकों ने क्या अनोखा खेल शुरू किया, और टीले पर बैठने वाले बालक में क्या बदलाव आ जाता था?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
मैदान में खेलते समय चरवाहे बालकों ने न्याय-अदालत का खेल शुरू किया। उन्होंने एक ऊँचे टीले को राजा का सिंहासन माना और एक बालक को न्यायाधीश बनाकर उस पर बिठाया। जैसे ही बालक उस टीले पर बैठता, उसकी चंचलता समाप्त हो जाती थी; उसकी वाणी में अद्भुत गंभीरता, चेहरे पर दिव्य तेज और बुद्धि में ऐसी निष्पक्षता आ जाती थी कि वह बड़े-बड़े कठिन विवादों का भी सर्वसम्मत और सटीक फैसला सुना देता था।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
न्याय-अदालत के खेल का उल्लेख
1 अंक
टीले पर बैठने से चंचलता हटना व गंभीरता आना
1 अंक
निष्पक्ष और सटीक निर्णय सुनाने का वर्णन
1 अंक
Q2
पाठ-बोध • कहानी से
राजा ने उस टीले को खुदवाने का आदेश क्यों दिया? टीले के नीचे से क्या निकला?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
राजा को जब यह ज्ञात हुआ कि टीले पर बैठते ही एक साधारण चरवाहा बालक आश्चर्यजनक न्याय करने लगता है, तो उन्होंने अनुमान लगाया कि वहाँ अवश्य ही न्यायप्रिय राजा विक्रमादित्य की कोई स्मृति दबी है। खुदाई कराने पर टीले के नीचे से काले संगमरमर का एक अत्यंत भव्य राजसिंहासन निकला, जिसे बत्तीस सुंदर पाषाण पुतलियाँ अपने हाथों पर उठाए हुए थीं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
राजा द्वारा विक्रमादित्य के प्रभाव का अनुमान लगाना
1 अंक
बत्तीस पुतलियों वाला काला संगमरमर का सिंहासन निकलना
1 अंक
Q3
पाठ-बोध • कहानी से
जब राजा स्वयं उस सिंहासन पर बैठने लगे, तब पुतलियों ने उन्हें क्यों रोक दिया?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जब राजा राजसी वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना के बाद सिंहासन पर पैर रखने लगे, तो पुतलियों ने हँसकर उन्हें रोक दिया और पूछा—'ठहरो राजन्! क्या तुम इस पवित्र सिंहासन पर बैठने योग्य हो? क्या तुम्हारा मन उस चरवाहे बालक की भाँति निश्छल, निष्कपट और शुद्ध है? क्या तुमने कभी दूसरों के धन या राज्य को हड़पने की कामना नहीं की?' राजा अपने अंतर्मन में झाँककर लज्जित हो गए और पीछे हट गए।
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पुतलियों का प्रश्न: मन की निश्छलता व निष्कपटता की शर्त
1.5 अंक
राजा का अपने अहंकार व लोभ को पहचानकर लज्जित होना
1.5 अंक
Q4
भाषा की बात • संज्ञा के भेद
निम्नलिखित शब्दों को उनकी उचित संज्ञा-श्रेणी (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक) में वर्गीकृत कीजिए:
उज्जैन, बालक, न्याय, विक्रमादित्य, सिंहासन, पवित्रता
[3 Marks]
उज्जैन, बालक, न्याय, विक्रमादित्य, सिंहासन, पवित्रता
✅ Step-by-Step Solution & Working
- व्यक्तिवाचक संज्ञा: उज्जैन, विक्रमादित्य (विशेष स्थान व व्यक्ति के नाम)
- जातिवाचक संज्ञा: बालक, सिंहासन (एक ही वर्ग या वस्तु का बोध कराने वाले)
- भाववाचक संज्ञा: न्याय, पवित्रता (गुण, भाव व अवस्था का बोध कराने वाले)
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व्यक्तिवाचक संज्ञा का सही वर्गीकरण
1 अंक
जातिवाचक संज्ञा का सही वर्गीकरण
1 अंक
भाववाचक संज्ञा का सही वर्गीकरण
1 अंक
Q5
भाषा की बात • विलोम शब्द
दिए गए शब्दों के सही विलोम (विपरीतार्थक) शब्द लिखिए:
(क) न्याय • (ख) पवित्र • (ग) अहंकार • (घ) उपस्थित
[2 Marks]
(क) न्याय • (ख) पवित्र • (ग) अहंकार • (घ) उपस्थित
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) न्याय → अन्याय
- (ख) पवित्र → अपवित्र
- (ग) अहंकार → विनम्रता / निरभिमान
- (घ) उपस्थित → अनुपस्थित
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(क) व (ख) के सही विलोम
1 अंक
(ग) व (घ) के सही विलोम
1 अंक
Q6
रचनात्मक अभिव्यक्ति • विचार विस्तार
यदि आपकी कक्षा में दो सहपाठियों के बीच किसी पुस्तक या खेल की गेंद को लेकर विवाद हो जाए, तो आप एक निष्पक्ष मॉनिटर के रूप में उसे कैसे सुलझाएंगे?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
निष्पक्ष विवाद समाधान योजना:
1. दोनों पक्षों की शांत सुनवाई: मैं दोनों मित्रों को शांत करके अलग-अलग उनकी पूरी बात बिना टोके ध्यानपूर्वक सुनूँगा।
2. तथ्यों की निष्पक्ष जांच: पुस्तक पर लिखे नाम, बैग के स्थान अथवा खेल के प्रत्यक्षदर्शी साथियों से सच्चाई का पता लगाऊँगा।
3. मित्रतापूर्ण समाधान: किसी के प्रति पक्षपात किए बिना सत्य के आधार पर वस्तु उसके वास्तविक स्वामी को सौंपूंगा और दोनों को हाथ मिलवाकर पुनः मित्र बनाऊँगा।
1. दोनों पक्षों की शांत सुनवाई: मैं दोनों मित्रों को शांत करके अलग-अलग उनकी पूरी बात बिना टोके ध्यानपूर्वक सुनूँगा।
2. तथ्यों की निष्पक्ष जांच: पुस्तक पर लिखे नाम, बैग के स्थान अथवा खेल के प्रत्यक्षदर्शी साथियों से सच्चाई का पता लगाऊँगा।
3. मित्रतापूर्ण समाधान: किसी के प्रति पक्षपात किए बिना सत्य के आधार पर वस्तु उसके वास्तविक स्वामी को सौंपूंगा और दोनों को हाथ मिलवाकर पुनः मित्र बनाऊँगा।
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दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुनने का उल्लेख
1.5 अंक
सत्य पर आधारित निष्पक्ष व सौहार्दपूर्ण समाधान
1.5 अंक
Q7
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q8
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q9
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q10
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q11
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q12
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q13
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q14
अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q15
शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q16
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q17
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q18
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
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पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q19
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
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पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q20
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
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पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q21
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
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विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
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पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q22
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • न्याय की कुर्सी
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'न्याय की कुर्सी' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय की कुर्सी के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
बाल न्याय व नैतिक निर्णय-क्षमता: NEP 2020 केस स्टडी
विद्यालयी खेल प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक (रेफ़री) बने छात्र राहुल का सगा छोटा भाई फ़ाउल कर बैठता है। यदि राहुल फ़ाउल देता है तो उसके भाई की टीम हार जाएगी, और यदि वह अनदेखा करता है तो सामने वाली टीम के साथ घोर अन्याय होगा।
Analytical Task: 'न्याय की कुर्सी' पाठ की मूल शिक्षा के आधार पर बताइए कि राहुल को उस क्षण क्या निर्णय लेना चाहिए? निष्पक्ष निर्णय लेने से व्यक्ति के चरित्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Evaluation & Model Answer:
नैतिक द्वंद्व एवं निष्पक्ष न्याय:
- राहुल का कर्तव्य: 'न्याय की कुर्सी' हमें सिखाती है कि निर्णायक के पद पर बैठते ही व्यक्ति को भाई-भतीजावाद, पारिवारिक मोह और स्वार्थ से ऊपर उठ जाना चाहिए। राहुल को निसंकोच अपने सगे भाई के विरुद्ध सही फ़ाउल का निर्णय देना चाहिए।
- चरित्र पर प्रभाव: निष्पक्ष निर्णय लेने से व्यक्ति में नैतिक साहस (Moral Courage) और सत्यवादिता का विकास होता है। यद्यपि भाई को तात्कालिक हार का दुख हो सकता है, परंतु इससे वह भी नियमों का सम्मान करना और खेल भावना (Sportsmanship) सीखेगा। समाज व विद्यालय में राहुल की प्रामाणिकता और सम्मान कई गुना बढ़ जाएगा।
Rubric: 1.5 अंक मोह त्यागकर सत्य के पक्ष में निर्णय लेने के लिए + 3.5 अंक नैतिक साहस, खेल भावना व चरित्र निर्माण के विवेचन हेतु = 5 अंक