NCERT Class 5 Hindi • New NEP 2020 / NCF 2023

Chapter 3: चाँद का कुरता

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा रचित प्रसिद्ध हास्य-रस व बाल-मनोविज्ञान कविता | CBSE Session 2026–27

Core Pedagogical Competencies & Concepts
  • कविता का प्रसंग: बाल-चाँद अपनी माता से ज़िद करता है कि उसे ठंड से बचने के लिए ऊन का एक मोटा झिंगोला (ढीला-ढाला कुर्ता) सिलवा दिया जाए।
  • चाँद का कष्ट: रात भर आकाश के निर्जन मार्ग पर सन-सन ठंडी हवा चलती है और वह ठिठुरते हुए किसी प्रकार अपनी यात्रा पूरी करता है।
  • माता की ममतामयी विवशता: माता अपने सलोने पुत्र को प्यार करती है, परंतु उसकी समस्या यह है कि चाँद का आकार कभी एक समान नहीं रहता।
  • वैज्ञानिक तथ्य का काव्यात्मक चित्रण: चाँद कभी एक अंगुल चौड़ा, कभी फुट भर मोटा और किसी दिन पूरा गोल हो जाता है, जबकि अमावस्या के दिन वह आकाश में बिल्कुल दिखाई ही नहीं देता।
  • हास्य-समाधान: माँ असमंजस में पड़कर कहती है—'अब तू ही बता कि तेरी नाप किस दिन ली जाए, जो झिंगोला रोज़ तेरे शरीर में ठीक आ सके?'
  • भाषा व सौंदर्य: अनुप्रास अलंकार, चंद्र-कलाओं की वैज्ञानिकता, बाल-हठ और माँ-बेटे का वात्सल्य।
चाँद की बदलती नाप: चंद्र-कलाओं का अद्भुत चक्र अंगुल भर चौड़ा आधा चाँद 🌝 पूर्णिमा (पूरा गोल) 🧥❓ नाप किस रोज़? माँ की विवशता

All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)

100% Complete Ingestion
Q1 पाठ-बोध • कविता से
चाँद ने अपनी माँ से किस चीज़ के लिए हठ (ज़िद) की और उसने इसके पीछे क्या कारण बताया?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
चाँद ने अपनी माँ से ऊन का एक मोटा झिंगोला (ढीला-ढाला कुर्ता) सिलवाने की हठ की। उसने कारण बताया कि रात भर आकाश में सन-सन करती हुई अत्यधिक सर्द हवा चलती है, जिससे वह जाड़े से काँपता रहता है और ठिठुर-ठिठुर कर किसी तरह अपनी यात्रा पूरी करता है। यदि नया कुर्ता संभव न हो, तो कम से कम भाड़े का ही कोई कुर्ता ला दिया जाए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
ऊन का मोटा झिंगोला सिलवाने की ज़िद 1.5 अंक
रातभर सन-सन हवा में ठिठुरने व यात्रा करने का कारण 1.5 अंक
Q2 पाठ-बोध • कविता से
चाँद का झिंगोला सिलवाने में माँ को क्या कठिनाई थी?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
माँ की कठिनाई यह थी कि चाँद का आकार कभी भी एक समान नाप में नहीं रहता। वह कभी एक अंगुल जितना पतला हो जाता है, कभी फुट भर मोटा और पूर्णिमा के दिन पूरा गोल-मटोल हो जाता है, जबकि किसी दिन वह आकाश में बिल्कुल दिखाई ही नहीं देता। इसलिए माँ यह तय नहीं कर पाती कि उसकी नाप किस दिन ली जाए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
चाँद का निरंतर घटता-बढ़ता आकार 1 अंक
नाप न ले पाने की व्यावहारिक असमर्थता 1 अंक
Q3 शब्द-ज्ञान • शब्दार्थ व वाक्य-प्रयोग
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(क) हठ • (ख) झिंगोला • (ग) सलोने
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
  • (क) हठ (ज़िद): बालक कृष्ण ने माखन खाने के लिए माता यशोदा से हठ की।
  • (ख) झिंगोला (ढीला कुर्ता/वस्त्र): सर्दियों में छोटे बच्चों को ऊनी झिंगोला पहनाया जाता है।
  • (ग) सलोने (सुंदर/प्यारे): माँ अपने सलोने बच्चे को देखकर सारी थकान भूल जाती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों शब्दों के सही अर्थ 1.5 अंक
सार्थक एवं व्याकरण-सम्मत वाक्य-प्रयोग 1.5 अंक
Q4 विज्ञान से जुड़ाव • चंद्र-कलाएं
चाँद के घटते-बढ़ते आकार को विज्ञान की भाषा में क्या कहते हैं? 'अमावस्या' और 'पूर्णिमा' में क्या अंतर है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
चाँद के प्रतिदिन बदलने वाले स्वरूप को चंद्र-कलाएं (Phases of the Moon) कहा जाता है।
  • पूर्णिमा (Full Moon): इस रात चंद्रमा पृथ्वी के सामने पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है और आकाश में दूधिया रोशनी बिखेरता हुआ पूरा गोल-मटोल दिखाई देता है।
  • अमावस्या (New Moon): इस रात चंद्रमा का अप्रकाशित भाग पृथ्वी के सामने होता है, जिससे आकाश में चाँद बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता और रात घने अंधेरे से भरी होती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
चंद्र-कलाएं पारिभाषिक शब्द 1 अंक
पूर्णिमा और अमावस्या का सही वैज्ञानिक अंतर 2 अंक
Q5 भाषा की बात • अनुकरणात्मक शब्द
कविता में हवा चलने की आवाज़ के लिए 'सन-सन' शब्द आया है। नीचे दिए गए कार्यों की ध्वनियों के लिए सही शब्द लिखिए:
(क) पानी की बूँदें गिरना • (ख) पत्तों का हिलना • (ग) चूड़ियों की आवाज़ • (घ) घुँघरू बजना
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
  • (क) पानी की बूँदें गिरना → टप-टप
  • (ख) सूखे पत्तों का हिलना → सर-सर / खड़-खड़
  • (ग) चूड़ियों की आवाज़ → खन-खन
  • (घ) घुँघरू बजना → छम-छम
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
(क) व (ख) के सही ध्वनि-शब्द 1 अंक
(ग) व (घ) के सही ध्वनि-शब्द 1 अंक
Q6 रचनात्मक लेखन • काल्पनिक संवाद
चाँद और दर्ज़ी के बीच झिंगोला सिलने को लेकर होने वाले काल्पनिक संवाद को 4-5 वाक्यों में लिखिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
चाँद और दर्ज़ी का संवाद:
चाँद: 'अरे दर्ज़ी भैया! मुझे रात में बहुत ठंड लगती है, क्या तुम मेरे लिए एक गर्म ऊनी कुर्ता सिल दोगे?'
दर्ज़ी: (फीता हाथ में लेकर) 'सिल तो दूँगा चंदा मामा, पर तुम्हारी नाप कैसे लूँ? आज तुम पतले हो, कल मोटे हो जाओगे!'
चाँद: 'भैया, तुम ऐसा लचीला (इलास्टिक वाला) कुर्ता सिल दो जो मेरे घटने-बढ़ने पर भी अपने-आप फिट हो जाए!'
दर्ज़ी: (हँसते हुए) 'वाह चंदा मामा! यह तो बहुत ही कमाल का विचार है, मैं आज ही ऐसा जादुई कुर्ता सिलता हूँ!'
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
रोचक बाल-सुलभ संवाद व विराम-चिह्न 1.5 अंक
चाँद के आकार की समस्या का रचनात्मक समाधान 1.5 अंक
Q7 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q8 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q9 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q10 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q11 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q12 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q13 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q14 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q15 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q16 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q17 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q18 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q19 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q20 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q21 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q22 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • चाँद का कुरता
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'चाँद का कुरता' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ चाँद का कुरता के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study

वैज्ञानिक तथ्य बनाम लोक-कल्पना: NEP 2020 विश्लेषणात्मक केस स्टडी

कक्षा 5 के छात्र आरव ने 'चाँद का कुरता' कविता पढ़कर अपनी विज्ञान शिक्षिका से पूछा कि क्या वास्तव में चाँद को ठंड लगती है और क्या उसका आकार सचमुच घटता-बढ़ता है?

Analytical Task: एक शिक्षक अथवा मार्गदर्शक के रूप में आप आरव की बाल-जिज्ञासा को शांत करने के लिए कविता की 'काल्पनिक सुंदरता' और 'खगोलीय विज्ञान' के बीच किस प्रकार अंतर स्पष्ट करेंगे?
Evaluation & Model Answer:
काव्य-कल्पना और खगोल-विज्ञान का समन्वय:
  1. काव्य-सौंदर्य की सराहना: आरव को समझाएंगे कि कवि दिनकर जी ने चाँद को एक छोटे बच्चे की तरह चित्रित किया है। बाल-हठ और माँ के वात्सल्य को दर्शाने के लिए ठंड लगना और कुर्ता माँगना एक अत्यंत सुंदर साहित्यिक कल्पना (Poetic Imagination) है।
  2. खगोलीय वैज्ञानिक यथार्थ: विज्ञान के स्तर पर चंद्रमा का आकार कभी नहीं बदलता। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और उसके जितने भाग पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है, पृथ्वी से हमें केवल उतना ही प्रदीप्त भाग दिखाई देता है, जिसे हम चंद्र-कलाएं कहते हैं।
  3. सीख: साहित्य हमें भावनाओं और प्रकृति से प्रेम करना सिखाता है, जबकि विज्ञान हमें घटनाओं के पीछे छिपे वास्तविक नियमों को समझाता है; दोनों का जीवन में अपना अमूल्य स्थान है।
Rubric: 1.5 अंक साहित्यिक कल्पना के स्पष्टीकरण हेतु + 3.5 अंक परिक्रमा व सूर्य-प्रकाश के खगोलीय यथार्थ की सरल प्रस्तुति के लिए = 5 अंक