Chapter 5 of 12
Chapter 5: सुंदरिया
मानव और मूक पशु के अटूट वात्सल्य तथा संवेदना को दर्शाती भावुक कहानी | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- सुंदरिया का परिचय: हीरासिंह के घर की एक अत्यंत सुंदर, स्वस्थ, भोली और अत्यधिक दूध देने वाली प्रिय गाय, जिसका नाम 'सुंदरिया' था।
- परिवार का स्नेह: हीरासिंह का सात वर्षीय बेटा जवाहरसिंह सुंदरिया को परिवार का सदस्य मानता था और आदर व दुलार से उसे 'मौसी' कहकर पुकारता था।
- आर्थिक संकट व मजबूरी: सूखा पड़ने और अत्यधिक गरीबी के कारण हीरासिंह सुंदरिया के लिए हरा चारा और दाना जुटाने में असमर्थ हो जाता है; मजबूरी में वह उसे दिल्ली के एक धनी सेठ को बेचने का कठोर निर्णय लेता है।
- मूक पशु का विरह-दुख: दिल्ली की पक्की कोठी में पहुँचकर सुंदरिया अपने पुराने मालिक और छोटे बालक जवाहरसिंह के विरह में व्याकुल हो जाती है; वह खूंटे पर मुँह लटकाए खड़ी रहती है, चारा नहीं खाती और दूध देना बिल्कुल बंद कर देती है।
- सेठ का भ्रम व हीरासिंह का आत्मबोध: सेठ को लगता है कि हीरासिंह ने उसे ठग लिया है; हीरासिंह समझ जाता है कि सुंदरिया धन की नहीं, केवल सच्चे प्रेम की भूखी है।
- सुखद पुनर्मिलन: हीरासिंह सेठ के पैसे लौटा देता है और अपनी प्यारी सुंदरिया को वापस गाँव ले आता है, जहाँ सुंदरिया और जवाहरसिंह का मिलन देखकर सबकी आँखें भर आती हैं।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ-बोध • कहानी से
जवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहकर बुलाता था और उसका सुंदरिया से कैसा रिश्ता था?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जवाहरसिंह सुंदरिया को प्यार और आदर से 'मौसी' कहकर बुलाता था। उसका सुंदरिया के साथ परिवार के एक अभिन्न सदस्य जैसा गहरा आत्मीय रिश्ता था। वह स्कूल से लौटते ही सबसे पहले सुंदरिया के गले से लिपट जाता था, उसकी पीठ पर हाथ फेरता था और उसे हरी-हरी घास खिलाता था।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
'मौसी' कहकर पुकारने का उल्लेख
1 अंक
पारिवारिक सदस्य जैसा आत्मीय व गहरा स्नेह
1 अंक
Q2
पाठ-बोध • कहानी से
हीरासिंह को सुंदरिया को दिल्ली के सेठ के हाथ क्यों बेचना पड़ा?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
गाँव में भयंकर सूखा पड़ने और फसल नष्ट हो जाने के कारण हीरासिंह के परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था। घर में सुंदरिया के लिए चारा और दाना खरीदने तक के पैसे नहीं बचे थे। भूख से तड़पती गाय की दशा हीरासिंह से देखी नहीं गई, इसलिए मजबूरी और भारी मन से उसने सुंदरिया को दिल्ली के एक सेठ को बेच दिया।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सूखे व गरीबी के कारण चारे की कमी
1 अंक
भूख से गाय की रक्षा हेतु लाचारी में बेचना
1 अंक
Q3
पाठ-बोध • कहानी से
दिल्ली पहुँचकर सुंदरिया ने चारा खाना और दूध देना क्यों बंद कर दिया? इससे क्या सिद्ध होता है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
दिल्ली के सेठ की पक्की हवेली में पहुँचकर सुंदरिया अपने पुराने मालिक हीरासिंह और लाडले बालक जवाहरसिंह के विरह में अत्यधिक दुखी हो गई थी। नया वातावरण और अनजान लोग उसे रास नहीं आए। इससे यह सिद्ध होता है कि पशु केवल पेट भरने के भूखे नहीं होते; उनमें भी मनुष्य की तरह गहरी भावनाएं, संवेदनाएं और प्रेम की प्यास होती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
हीरासिंह व जवाहरसिंह के विरह-दुख का उल्लेख
1.5 अंक
पशुओं में गहरी संवेदना व प्रेम की भावना का सिद्ध होना
1.5 अंक
Q4
भाषा की बात • लिंग परिवर्तन
दिए गए शब्दों के लिंग बदलकर लिखिए:
(क) गाय • (ख) सेठ • (ग) बेटा • (घ) मौसी
[2 Marks]
(क) गाय • (ख) सेठ • (ग) बेटा • (घ) मौसी
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) गाय → बैल
- (ख) सेठ → सेठानी
- (ग) बेटा → बेटी
- (घ) मौसी → मौसा
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(क) व (ख) का सही लिंग परिवर्तन
1 अंक
(ग) व (घ) का सही लिंग परिवर्तन
1 अंक
Q5
भाषा की बात • मुहावरे
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(क) आँखें भर आना • (ख) कलेजे पर पत्थर रखना
[3 Marks]
(क) आँखें भर आना • (ख) कलेजे पर पत्थर रखना
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) आँखें भर आना (भावुक होकर आँसू आ जाना): सुंदरिया को वापस घर देखकर जवाहरसिंह की आँखें भर आईं।
- (ख) कलेजे पर पत्थर रखना (भारी मन से कठोर निर्णय लेना): अपनी प्रिय गाय को बेचते समय हीरासिंह ने अपने कलेजे पर पत्थर रख लिया था।
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दोनों मुहावरों के सटीक अर्थ
1.5 अंक
पाठ के संदर्भ में सार्थक वाक्य-प्रयोग
1.5 अंक
Q6
रचनात्मक लेखन • पशु-संवेदना डायरी
सुंदरिया के वापस लौट आने पर जवाहरसिंह के मन में जो खुशी हुई होगी, उसे जवाहरसिंह की डायरी के रूप में 4-5 वाक्यों में लिखिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
दिनांक: 20 अक्टूबर 2026
आज मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है! मेरी प्यारी सुंदरिया मौसी वापस हमारे घर लौट आई है। जब पिताजी उसकी रस्सी थामे आँगन में आए, तो मैं दौड़कर उसके गले से लिपट गया। सुंदरिया ने भी अपनी जीभ से मेरा चेहरा चाटा और रंभाने लगी। उसकी आँखों में भी खुशी के आँसू थे। मैंने उसे अपने हाथों से हरी दूब और गुड़ खिलाया। अब मैं उसे कभी अपने से दूर नहीं जाने दूँगा।
आज मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है! मेरी प्यारी सुंदरिया मौसी वापस हमारे घर लौट आई है। जब पिताजी उसकी रस्सी थामे आँगन में आए, तो मैं दौड़कर उसके गले से लिपट गया। सुंदरिया ने भी अपनी जीभ से मेरा चेहरा चाटा और रंभाने लगी। उसकी आँखों में भी खुशी के आँसू थे। मैंने उसे अपने हाथों से हरी दूब और गुड़ खिलाया। अब मैं उसे कभी अपने से दूर नहीं जाने दूँगा।
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डायरी प्रारूप व आत्मीय अभिव्यक्ति
1.5 अंक
पशु-प्रेम व वात्सल्य का सजीव चित्रण
1.5 अंक
Q7
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q8
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q9
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q10
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q11
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q12
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q13
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q14
अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q15
शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q16
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q17
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q18
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q19
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q20
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q21
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q22
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • सुंदरिया
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'सुंदरिया' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ सुंदरिया के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
मूक पशुओं के प्रति मानवीय संवेदना व नैतिक दायित्व
आजकल शहरों में कई लोग शौक में विदेशी नस्ल के कुत्ते या बिल्ली पालते हैं, परंतु जब वे बीमार या बूढ़े हो जाते हैं अथवा उनकी देखभाल में खर्च बढ़ने लगता है, तो उन्हें सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं।
Analytical Task: 'सुंदरिया' कहानी से सीख लेते हुए समझाइए कि पालतू पशुओं के प्रति हमारा क्या नैतिक दायित्व है? पशुओं के परित्याग (Abandonment) की समस्या को रोकने के दो उपाय सुझाइए।
Evaluation & Model Answer:
पशुओं के प्रति नैतिक दायित्व एवं संरक्षण उपाय:
- नैतिक दायित्व: पालतू पशु खिलौने नहीं होते, वे परिवार के संवेदी सदस्य होते हैं। 'सुंदरिया' कहानी हमें सिखाती है कि पशु अपने पालक से निःस्वार्थ प्रेम करते हैं। गरीबी के बावजूद हीरासिंह ने अपनी गाय को वापस लाकर यह सिद्ध किया कि मानवीय प्रेम धन-दौलत से बहुत ऊँचा है। पशुओं को जीवनपर्यंत भोजन, चिकित्सा और स्नेह देना हमारा कर्तव्य है।
- उपाय 1 (पंजीकरण व माइक्रोचिपिंग): नगर निगमों में सभी पालतू पशुओं का अनिवार्य डिजिटल पंजीकरण होना चाहिए ताकि किसी पशु को सड़क पर छोड़ने पर मालिक पर भारी जुर्माना लगाया जा सके।
- उपाय 2 (सामुदायिक पशु-आश्रय व गोद लेने की संस्कृति): केवल दिखावे के लिए पशु खरीदने के बजाय बेसहारा पशुओं को गोद लेने (Adopt Don't Shop) को प्रोत्साहित किया जाए और वरिष्ठ पशुओं के लिए वृद्धाश्रम/गौशालाएं संचालित की जाएं।
Rubric: 1.5 अंक पशु-संवेदना व नैतिक कर्तव्य के विवेचन हेतु + 3.5 अंक दो सुविचारित कानूनी व सामाजिक उपायों के लिए = 5 अंक