NCERT Class 5 Hindi • New NEP 2020 / NCF 2023

Chapter 4: साङ्केन

अरुणाचल प्रदेश के ताई-खामती समुदाय के पारंपरिक बौद्ध नववर्ष 'जल पर्व' का सजीव चित्रण | CBSE Session 2026–27

Core Pedagogical Competencies & Concepts
  • भौगोलिक व सांस्कृतिक परिवेश: पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश के लोहित ज़िले में स्थित चौखाम क्षेत्र की शांत व हरी-भरी प्राकृतिक सुंदरता।
  • साङ्केन पर्व का परिचय: बौद्ध धर्म को मानने वाले ताई-खामती समुदाय का यह सबसे बड़ा वार्षिक नववर्ष उत्सव है, जिसे 'जल पर्व' (Water Festival) भी कहते हैं।
  • शोभायात्रा व बुद्ध-वंदना: उत्सव के प्रथम दिन गाँव के बौद्ध विहार (मठ) से भगवान बुद्ध की पवित्र प्रतिमाओं को सजी-धजी पालकी में रखकर नदी तट तक शोभायात्रा निकाली जाती है।
  • बाँस का सुंदर मंदिर (क्यो-फ्रा): नदी किनारे बाँस, केलों और सुगंधित फूलों से सुंदर अस्थायी मंदिर बनाया जाता है, जहाँ पवित्र जल से बुद्ध प्रतिमाओं को स्नान कराया जाता है।
  • जल-क्रीड़ा व सामाजिक सौहार्द: लोग एक-दूसरे पर स्वच्छ, सुगंधित जल छिड़ककर पुराने वर्ष की बुराइयों व पापों को धो डालते हैं और नए वर्ष की मंगलकामना करते हैं।
  • सांस्कृतिक सेतु: साङ्केन की तुलना उत्तर व मध्य भारत के रंगों और जल के त्योहार 'होली' से की जा सकती है, जो भारत की 'अनेकता में एकता' को प्रमाणित करता है।
साङ्केन (जल पर्व): अरुणाचल प्रदेश का पावन नववर्ष उत्सव 🪷 शोभायात्रा विहार से पालकी 🎋 बाँस का मंदिर नदी तट पर स्थापना 💧 पवित्र जल-स्नान बुद्ध प्रतिमा पर जल 🎉 मंगलकामनाएं आपसी प्रेम व पकवान

All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)

100% Complete Ingestion
Q1 पाठ-बोध • पाठ से
साङ्केन किस राज्य का त्योहार है, और इसे कौन-सा समुदाय मनाता है? इसे 'जल पर्व' क्यों कहते हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
साङ्केन पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश (विशेषकर लोहित ज़िले के चौखाम क्षेत्र) का प्रमुख त्योहार है। इसे बौद्ध धर्म को मानने वाला ताई-खामती समुदाय नववर्ष के स्वागत के रूप में मनाता है। इसे 'जल पर्व' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस उत्सव में लोग पवित्र जल से भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं का अभिषेक करते हैं तथा एक-दूसरे पर स्वच्छ व सुगंधित जल छिड़ककर मन के मैल को धोते हैं और नववर्ष की खुशियाँ बाँटते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अरुणाचल प्रदेश व ताई-खामती समुदाय का उल्लेख 1.5 अंक
'जल पर्व' कहे जाने का कारण (जल अभिषेक व खुशियाँ बाँटना) 1.5 अंक
Q2 पाठ-बोध • पाठ से
साङ्केन के तीन दिवसीय उत्सव के दौरान कौन-कौन सी प्रमुख रस्में निभाई जाती हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
साङ्केन के तीन दिनों में निम्नलिखित मुख्य रस्में होती हैं:
  1. पहला दिन (शोभायात्रा): बौद्ध विहार से गाजे-बाजे के साथ भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को पालकी में रखकर नदी किनारे बने बाँस के सुंदर मंदिर (क्यो-फ्रा) तक ले जाया जाता है।
  2. दूसरा दिन (जल-क्रीड़ा व पूजा): प्रतिमाओं पर सुगंधित जल अर्पित किया जाता है, भिक्षुओं को दान दिया जाता है तथा लोग आपस में जल छिड़ककर पारंपरिक व्यंजन खाते हैं।
  3. तीसरा दिन (पुनः स्थापना व आशीर्वाद): बुद्ध प्रतिमाओं को ससम्मान वापस बौद्ध विहार में स्थापित किया जाता है और बौद्ध भिक्षु सभी को सुखी जीवन का आशीर्वाद देते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
प्रथम दिन: शोभायात्रा व बाँस का मंदिर 1 अंक
द्वितीय दिन: जल अर्पण व सामूहिक उल्लास 1 अंक
तृतीय दिन: प्रतिमा पुनर्स्थापना व आशीर्वाद 1 अंक
Q3 संस्कृति व तुलना • त्योहारों की समझ
अरुणाचल प्रदेश के 'साङ्केन' और हमारे यहाँ मनाए जाने वाले 'होली' के त्योहार में क्या समानताएं और अंतर हैं? तालिका बनाकर स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
पहलू साङ्केन (अरुणाचल प्रदेश) होली (संपूर्ण भारत)
समानता दोनों में लोग जल छिड़ककर पुरानी शत्रुता भुलाते हैं और प्रेम से मिलते हैं। दोनों में लोग गले मिलकर नववर्ष/वसंत का स्वागत करते हैं।
माध्यम केवल शुद्ध, स्वच्छ व सुगंधित जल का प्रयोग होता है। गुलाल, अबीर और रंगों के साथ जल का प्रयोग होता है।
धार्मिक संदर्भ बौद्ध परंपरा और भगवान बुद्ध की पूजा से जुड़ा है। भक्त प्रह्लाद व होलिका दहन की पौराणिक कथा से जुड़ा है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
जल व प्रेमभाव की समानता स्पष्ट करना 1 अंक
रंग बनाम केवल शुद्ध जल का अंतर 1 अंक
धार्मिक पृष्ठभूमि का सही अंतर 1 अंक
Q4 भाषा की बात • कारक चिह्न
उचित कारक चिह्नों (परसर्गों) से रिक्त स्थान भरिए (में, से, को, पर, के लिए):
(क) वल्लरी दिल्ली ____ चौखाम आई थी।
(ख) भगवान बुद्ध की प्रतिमा ____ पालकी ____ रखा गया।
(ग) नदी के तट ____ बाँस का मंदिर बना था।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
  • (क) वल्लरी दिल्ली से चौखाम आई थी।
  • (ख) भगवान बुद्ध की प्रतिमा को पालकी में रखा गया।
  • (ग) नदी के तट पर बाँस का मंदिर बना था।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
(क) में 'से' का सही प्रयोग 1 अंक
(ख) में 'को' व 'में' का सही प्रयोग 1 अंक
(ग) में 'पर' का सही प्रयोग 1 अंक
Q5 रचनात्मक लेखन • पत्र लेखन
वल्लरी की ओर से अपनी दिल्ली की सहेली को पत्र लिखकर साङ्केन त्योहार के अनूठे अनुभव बताइए।
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
चौखाम, अरुणाचल प्रदेश
दिनांक: 15 अप्रैल 2026


प्रिय सहेली रिया,
सप्रेम नमस्ते!
आशा है तुम सब कुशलपूर्वक होगे। मैं इन दिनों अरुणाचल प्रदेश के चौखाम गाँव में आई हुई हूँ। यहाँ मैंने ताई-खामती समुदाय का नववर्ष त्योहार 'साङ्केन' देखा, जिसे जल पर्व भी कहते हैं। यहाँ लोग बिना किसी रासायनिक रंग के केवल स्वच्छ और सुगंधित जल से एक-दूसरे का स्वागत करते हैं। बाँस और फूलों से बना क्यो-फ्रा मंदिर और बौद्ध भिक्षुओं की प्रार्थना देखकर मेरा मन शांति से भर गया। जब तुम मिलोगी, तो मैं तुम्हें यहाँ के ढेर सारे चित्र दिखाऊँगी। चाचाजी व चाचीजी को मेरा सादर प्रणाम कहना।

तुम्हारी सहेली,
वल्लरी
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पत्र का सही प्रारूप (स्थान, दिनांक, संबोधन) 1.5 अंक
साङ्केन के अनुभवों का सहज व सुंदर वर्णन 1.5 अंक
समापन व शिष्टाचार 1 अंक
Q6 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q7 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q8 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q9 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q10 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q11 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q12 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q13 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q14 शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q15 पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q16 बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q17 तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q18 भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q19 व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q20 मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q21 रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
Q22 अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • साङ्केन
[अभ्यास प्रश्न 17] पाठ 'साङ्केन' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ साङ्केन के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ 1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण 1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति 1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study

पर्यावरण-हितैषी उत्सव व सांस्कृतिक विविधता: NEP 2020 केस स्टडी

आजकल कई नगरों में होली अथवा अन्य त्योहारों के दौरान अत्यधिक जल की बर्बादी और रासायनिक हानिकारक रंगों के उपयोग से पर्यावरण व त्वचा को भारी नुकसान पहुँचता है, जबकि साङ्केन जैसे पारंपरिक पर्व स्वच्छता और प्राकृतिक सादगी का संदेश देते हैं।

Analytical Task: 'साङ्केन' पाठ के आलोक में बताइए कि भारतीय त्योहारों को पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) कैसे बनाया जा सकता है? तीन ठोस उपाय सुझाइए।
Evaluation & Model Answer:
पर्यावरण-अनुकूल पर्व मनाने के तीन ठोस उपाय:
  1. रासायनिक रंगों का पूर्ण बहिष्कार व प्राकृतिक जल का प्रयोग: साङ्केन की तरह रासायनिक व पक्के रंगों के स्थान पर फूलों (टेसू/पलाश), चंदन और हर्बल गुलाल का सीमित प्रयोग करना चाहिए ताकि जल और त्वचा दोनों सुरक्षित रहें।
  2. जल की मितव्ययिता व सांकेतिक उत्सव: त्योहारों में पीने योग्य स्वच्छ पानी की असीमित बर्बादी रोकने के लिए पाइप या हौज के बजाय केवल प्रतीकात्मक रूप से पुष्प-जल छिड़कने की परंपरा को बढ़ावा दिया जाए।
  3. प्राकृतिक व जैव-अपघटनीय सामग्री का उपयोग: साङ्केन में जिस तरह बाँस और पत्तों से मंदिर सजाए जाते हैं, उसी तरह उत्सवों में प्लास्टिक की सजावट और थर्माकोल के स्थान पर मिट्टी के दीपक, बाँस, जूट और पत्तों के बर्तनों का उपयोग अनिवार्य किया जाए।
Rubric: 1.5 अंक साङ्केन की सादगी से प्रेरणा का उल्लेख + 3.5 अंक तीन व्यावहारिक पर्यावरण-हितैषी उपायों के लिए = 5 अंक