Chapter 9 of 12
Chapter 9: न्याय
कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ और घायल हंस की अमर ऐतिहासिक एकांकी: 'मारने वाले से बचाने वाला बड़ा' | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: प्राचीन शाक्य गणराज्य की राजधानी कपिलवस्तु का सुरम्य राज-उद्यान, जहाँ राजकुमार सिद्धार्थ (भावी गौतम बुद्ध) टहल रहे थे।
- करुणा का प्रसंग: अचानक आकाश से बाण से छिदा हुआ, रक्त से लथपथ एक निर्दोष हंस तड़पते हुए सिद्धार्थ के चरणों में गिरता है।
- सिद्धार्थ का वात्सल्य: सिद्धार्थ बिना समय गंवाए हंस को गोद में उठा लेते हैं, अत्यंत कोमलता से बाण निकालते हैं, घाव को शीतल जल से धोते हैं और अपने रेशमी उत्तरीय से रक्त पोंछकर उसे सांत्वना देते हैं।
- देवदत्त का क्रूर दावा: सिद्धार्थ का चचेरा भाई देवदत्त हाथ में धनुष-बाण ताने अहंकार से आता है और कहता है—'यह हंस मेरा शिकार है क्योंकि इसे मैंने अपने तीर से गिराया है, इसे मुझे सौंप दो!'
- न्याय की गुहार: सिद्धार्थ दृढ़ता से इनकार करते हैं कि यह असहाय पक्षी मेरी शरण में आया है और मैंने इसे नवजीवन दिया है। दोनों विवाद सुलझाने के लिए महाराजा शुद्धोदन के राजदरबार में उपस्थित होते हैं।
- महाराजा शुद्धोदन का अमर निर्णय: दोनों पक्षों को सुनकर राजा कहते हैं—'हंस को दोनों के बीच छोड़ दिया जाए।' भयभीत हंस फड़फड़ाकर सीधा सिद्धार्थ की गोद में जा छिपता है। राजा निर्णय सुनाते हैं—'मारने वाले की अपेक्षा बचाने वाले का अधिकार श्रेष्ठ और बड़ा है; अतः हंस सिद्धार्थ का है।'
- सार्वकालिक नैतिक मूल्य: करुणा, अहिंसा और जीवों के प्रति दयाभाव ही सच्चा धर्म और न्याय है।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (22 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ-बोध • एकांकी से
घायल हंस को देखकर सिद्धार्थ ने क्या किया और उन्होंने उसकी रक्षा कैसे की?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
घायल हंस को देखकर सिद्धार्थ का कोमल हृदय दया से भर गया। उन्होंने तुरंत आगे बढ़कर हंस को अपनी गोद में उठा लिया। उन्होंने अत्यंत सावधानी से उसके शरीर से चुभा हुआ बाण निकाला, शीतल जल से उसके घाव को धोया और अपनी रेशमी चादर से रक्त पोंछकर उसे सहलाया, जिससे हंस का भय दूर हुआ और उसके प्राण बच गए।
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हंस को गोद में उठाने का उल्लेख
1 अंक
बाण निकालना व घाव धोना
1 अंक
रेशमी वस्त्र से रक्त पोंछना व सांत्वना देना
1 अंक
Q2
पाठ-बोध • एकांकी से
देवदत्त और सिद्धार्थ के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ? दोनों के अपने-अपने क्या तर्क थे?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
हंस के स्वामित्व (अधिकार) को लेकर दोनों में विवाद हुआ:
- देवदत्त का तर्क: देवदत्त का कहना था कि यह हंस उसका शिकार है क्योंकि उसने अपने तीर के अचूक निशाने से इसे आकाश से नीचे गिराया है; अतः शिकारी होने के नाते इस पर उसका पूरा अधिकार है।
- सिद्धार्थ का तर्क: सिद्धार्थ का कहना था कि निर्दोष पक्षी को अकारण मारना पाप है। यह घायल हंस मेरी शरण में आया है और मैंने इसकी सेवा कर इसके प्राणों की रक्षा की है; अतः जीवनदाता होने के नाते इस पर मेरा अधिकार है।
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देवदत्त का शिकारी होने का तर्क
1.5 अंक
सिद्धार्थ का जीवनदाता व शरणदाता होने का तर्क
1.5 अंक
Q3
पाठ-बोध • एकांकी से
महाराजा शुद्धोदन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या तरीका अपनाया और उनका अंतिम निर्णय क्या था?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
महाराजा शुद्धोदन ने हंस को दरबार के बीच फर्श पर स्वतंत्र छोड़ दिया। हंस देवदत्त के क्रूर चेहरे को देखकर डर गया और तुरंत डैने फड़फड़ाता हुआ सिद्धार्थ के चरणों के पास जाकर उनकी गोद में छिप गया। इस पर राजा शुद्धोदन ने ऐतिहासिक निर्णय दिया—'पक्षी ने स्वयं अपना स्वामी चुन लिया है। संसार का शाश्वत नियम है कि मारने वाले की अपेक्षा बचाने वाले का अधिकार बड़ा होता है। अतः इस हंस पर केवल सिद्धार्थ का अधिकार है।'
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हंस को बीच में स्वतंत्र छोड़ने की युक्ति
1.5 अंक
'मारने वाले से बचाने वाला बड़ा' का अमर निर्णय
1.5 अंक
Q4
भाषा की बात • विलोम शब्द
दिए गए शब्दों के सही विलोम शब्द लिखिए:
(क) रक्षक • (ख) हिंसा • (ग) निर्दोष • (घ) न्याय
[2 Marks]
(क) रक्षक • (ख) हिंसा • (ग) निर्दोष • (घ) न्याय
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) रक्षक → भक्षक
- (ख) हिंसा → अहिंसा
- (ग) निर्दोष → दोषी
- (घ) न्याय → अन्याय
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(क) व (ख) के सही विलोम
1 अंक
(ग) व (घ) के सही विलोम
1 अंक
Q5
भाषा की बात • वाक्य सुधार
नीचे लिखे वाक्यों को शुद्ध करके पुनः लिखिए:
(क) सिद्धार्थ ने हंस को बचाई।
(ख) मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होते हैं।
[2 Marks]
(क) सिद्धार्थ ने हंस को बचाई।
(ख) मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होते हैं।
✅ Step-by-Step Solution & Working
- (क) शुद्ध वाक्य: सिद्धार्थ ने हंस को बचाया।
- (ख) शुद्ध वाक्य: मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।
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(क) का शुद्ध रूप
1 अंक
(ख) का शुद्ध रूप
1 अंक
Q6
रचनात्मक अभिव्यक्ति • एकांकी संवाद
सिद्धार्थ और देवदत्त के बीच के वार्तालाप को 4 पंक्तियों के सुंदर संवाद रूप में लिखिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
देवदत्त: (धनुष ताने हुए) 'सिद्धार्थ! यह हंस मेरा शिकार है, इसे तुरंत मुझे दे दो!'
सिद्धार्थ: (हंस को सीने से लगाते हुए) 'नहीं देवदत्त! यह असहाय पक्षी तड़प रहा है, मैं इसे तुम्हें मारने नहीं दूँगा।'
देवदत्त: 'लेकिन यह मेरे तीर से गिरा है, इस पर मेरा हक है!'
सिद्धार्थ: 'तीर चलाना क्रूरता है देवदत्त, और किसी के प्राण बचाना दया। न्याय के लिए चलो महाराज के दरबार चलते हैं।'
सिद्धार्थ: (हंस को सीने से लगाते हुए) 'नहीं देवदत्त! यह असहाय पक्षी तड़प रहा है, मैं इसे तुम्हें मारने नहीं दूँगा।'
देवदत्त: 'लेकिन यह मेरे तीर से गिरा है, इस पर मेरा हक है!'
सिद्धार्थ: 'तीर चलाना क्रूरता है देवदत्त, और किसी के प्राण बचाना दया। न्याय के लिए चलो महाराज के दरबार चलते हैं।'
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पात्रानुकूल भाषा व भावपूर्ण संवाद
1.5 अंक
करुणा बनाम क्रूरता के द्वंद्व का सटीक प्रकटीकरण
1.5 अंक
Q7
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 1] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
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पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q8
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 2] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q9
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 3] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q10
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 4] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q11
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 5] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q12
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 6] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q13
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 7] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q14
अभिनय एवं मंचन • चरित्र विश्लेषण • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 8] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q15
शब्दों की दुनिया • वर्तनी शुद्धि एवं तुकबंदी • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 9] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q16
पाठ से • बोध प्रश्न एवं मूल भाव • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 10] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q17
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन एवं अभिव्यक्ति • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 11] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q18
तुम्हारी बात • अनुभव एवं विचार • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 12] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q19
भाषा की बात • विलोम, पर्यायवाची एवं शब्द भंडार • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 13] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q20
व्याकरण विवेक • संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण व क्रिया • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 14] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q21
मुहावरे एवं कहावतें • अर्थ एवं वाक्य प्रयोग • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 15] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
Q22
रचनात्मक लेखन • अनुच्छेद, पत्र एवं संवाद लेखन • न्याय
[अभ्यास प्रश्न 16] पाठ 'न्याय' के आधार पर इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर दीजिए और भाषा-व्याकरण के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
विस्तृत आदर्श उत्तर एवं व्याख्या:
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
1. संदर्भ एवं भावार्थ: पाठ न्याय के माध्यम से लेखक/कवि ने जीवन मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और भाषाई सौंदर्य को सुंदरता से प्रस्तुत किया है।
2. मूल उत्तर: विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के तथ्यों और पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण कर अपने शब्दों में स्पष्ट व संतुलित उत्तर प्रस्तुत करते हैं।
3. व्याकरण एवं भाषा शैली: शुद्ध वर्तनी, सटीक मुहावरों और उपयुक्त विराम चिह्नों के प्रयोग से भाषा अधिक प्रभावशाली और मानक बनती है, जो सीबीएसई मूल्यांकन के पूर्णतः अनुकूल है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पाठ के संदर्भ व कथ्य की सही समझ
1.0 अंक
भाषा की शुद्धता, वर्तनी एवं व्याकरण
1.0 अंक
विचारों की सुसंगत व स्पष्ट अभिव्यक्ति
1.0 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
अहिंसा, जीव-दया व पशु अधिकार: NEP 2020 नैतिक केस स्टडी
आज भी पतंगबाजी के समय उपयोग किए जाने वाले तेज़ चाइनीज़ माँझे (कांच लगे धागे) के कारण आकाश में उड़ने वाले हज़ारों निर्दोष पक्षी घायल होकर या पंख कटकर सड़कों पर गिर पड़ते हैं। कई लोग उन्हें अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, जबकि कुछ जागरूक नागरिक उन्हें पक्षी चिकित्सालय पहुँचाते हैं।
Analytical Task: 'न्याय' एकांकी में सिद्धार्थ के आचरण के प्रकाश में बताइए कि घायल मूक पशु-पक्षियों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य क्यों है? चाइनीज़ माँझे से पक्षियों की रक्षा के दो उपाय सुझाइए।
Evaluation & Model Answer:
सिद्धार्थ की करुणा और आधुनिक पशु संरक्षण कर्तव्य:
- कर्तव्य की अनिवार्यता: सिद्धार्थ का आचरण हमें सिखाता है कि मूक प्राणी अपनी पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। एक संवेदनशील और सभ्य मनुष्य वही है जो किसी भी जीव को पीड़ा में देखकर तुरंत उसकी सहायता करे। हमारे संविधान के अनुच्छेद 51A (g) में भी सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयाभाव रखने का नागरिक कर्तव्य बताया गया है।
- उपाय 1 (घातक माँझे पर पूर्ण प्रतिबंध व सूती धागे का प्रयोग): पतंगबाजी के लिए धारदार नायलॉन/कांच-लेपित चाइनीज़ माँझे के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर कड़ा प्रशासनिक प्रतिबंध लगाया जाए और केवल साधारण सूती धागे (सद्दी) की अनुमति दी जाए।
- उपाय 2 (हेल्पलाइन व प्राथमिक उपचार दल): मकर संक्रांति व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक नगर में 'बर्ड रेस्क्यू एंबुलेंस' और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए जाएं, तथा विद्यालयों में छात्रों को घायल पक्षियों के प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए।
Rubric: 1.5 अंक सिद्धार्थ के नैतिक आदर्श व संवैधानिक कर्तव्य के उल्लेख हेतु + 3.5 अंक दो व्यावहारिक व कानूनी रोकथाम उपायों के लिए = 5 अंक