Chapter 12 of 13
Chapter 12: शतरंज में मात
भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर: चतुरंग, मोहरों की चाल, दूरदर्शिता और शह-ओ-मात | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- शतरंज की उत्पत्ति: प्राचीन भारत में गुप्तकाल के दौरान 'चतुरंग' (चार सेना अंग: हाथी, घोड़ा, रथ, पैदल) के रूप में जन्म।
- बिसात का ढांचा: 64 काले-सफेद खाने (8×8 ग्रिड) और 32 मोहरे (16 सफेद और 16 काले)।
- मोहरों की विशेषताएँ: वजीर (सबसे शक्तिशाली), राजा (सबसे महत्वपूर्ण), ऊँट, घोड़ा (ढाई घर की अनोखी चाल), हाथी और प्यादा।
- मानसिक लाभ: दूरदर्शिता, योजना बनाना, धैर्य, एकाग्रता और जीवन में हार-जीत को सहज स्वीकारना।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (13 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ बोध • ऐतिहासिक तथ्य
शतरंज के खेल की उत्पत्ति किस देश में हुई थी और इसे प्राचीन काल में किस नाम से जाना जाता था? इस नाम का क्या अर्थ है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्पत्ति: शतरंज के खेल का आविष्कार हमारे देश भारत में लगभग छठी शताब्दी (गुप्त साम्राज्य के काल) में हुआ था।
प्राचीन नाम: इसे प्राचीन भारत में 'चतुरंग' कहा जाता था। संस्कृत में 'चतुः' का अर्थ चार और 'अंग' का अर्थ सेना की चार शाखाएँ हैं— हाथी, घोड़ा, रथ और पैदल सैनिक (प्यादे)। बाद में यह खेल फारस (ईरान) होते हुए पूरे विश्व में शतरंज (Chess) के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
प्राचीन नाम: इसे प्राचीन भारत में 'चतुरंग' कहा जाता था। संस्कृत में 'चतुः' का अर्थ चार और 'अंग' का अर्थ सेना की चार शाखाएँ हैं— हाथी, घोड़ा, रथ और पैदल सैनिक (प्यादे)। बाद में यह खेल फारस (ईरान) होते हुए पूरे विश्व में शतरंज (Chess) के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
भारत में उत्पत्ति का स्पष्ट उल्लेख
1.0 M
प्राचीन नाम 'चतुरंग' और सेना के चार अंगों का विवरण
2.0 M
Q2
पाठ बोध • खेल के नियम व मोहरे
शतरंज की बिसात पर कितने खाने होते हैं? घोड़े (Knight) की चाल अन्य सभी मोहरों से अनोखी क्यों होती है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
बिसात के खाने: शतरंज की बिसात पर कुल 64 खाने (8 पंक्तियाँ और 8 स्तंभ) होते हैं, जिनमें 32 खाने सफेद और 32 खाने काले होते हैं।
घोड़े की अनोखी चाल:
1. घोड़ा हमेशा ढाई घर (L-आकार) में चलता है (दो कदम सीधे और एक कदम दाएँ या बाएँ)।
2. घोड़ा शतरंज की बिसात का एकमात्र ऐसा मोहरा है जो बीच में आने वाले अन्य किसी भी मोहरे (अपने या विरोधी) के ऊपर से कूदकर (छलांग लगाकर) आगे बढ़ सकता है।
घोड़े की अनोखी चाल:
1. घोड़ा हमेशा ढाई घर (L-आकार) में चलता है (दो कदम सीधे और एक कदम दाएँ या बाएँ)।
2. घोड़ा शतरंज की बिसात का एकमात्र ऐसा मोहरा है जो बीच में आने वाले अन्य किसी भी मोहरे (अपने या विरोधी) के ऊपर से कूदकर (छलांग लगाकर) आगे बढ़ सकता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
64 खाने और 8×8 ग्रिड का उल्लेख
1.0 M
ढाई घर चाल और मोहरों के ऊपर से कूदने की विशेषता
2.0 M
Q3
सोचिए और लिखिए • मानसिक लाभ
शतरंज खेलने से विद्यार्थियों की मानसिक क्षमता और पढ़ाई में क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
1. एकाग्रता और स्मरण शक्ति: शतरंज की हर चाल पर ध्यान केंद्रित करने से मन की चंचलता दूर होती है और याददाश्त तेज़ होती है।
2. दूरदर्शिता और योजना बनाना: विद्यार्थी विरोधी की अगली चाल का पहले से अनुमान लगाना सीखते हैं, जिससे उनके भीतर समस्याओं के समाधान की क्षमता (Problem Solving) बढ़ती है।
3. धैर्य और आत्मनियंत्रण: बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में चाल चलने से मोहरा पिट जाता है, इसलिए यह खेल जीवन में सोच-समझकर धैर्यपूर्वक निर्णय लेना सिखाता है।
2. दूरदर्शिता और योजना बनाना: विद्यार्थी विरोधी की अगली चाल का पहले से अनुमान लगाना सीखते हैं, जिससे उनके भीतर समस्याओं के समाधान की क्षमता (Problem Solving) बढ़ती है।
3. धैर्य और आत्मनियंत्रण: बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में चाल चलने से मोहरा पिट जाता है, इसलिए यह खेल जीवन में सोच-समझकर धैर्यपूर्वक निर्णय लेना सिखाता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
एकाग्रता, स्मरण शक्ति और योजना बनाने के लाभ
1.5 M
धैर्य, आत्मनियंत्रण और दूरदर्शिता का विकास
1.5 M
Q4
कविता / पाठ से • मुख्य भाव
पाठ 12 ('शतरंज में मात') में लेखक/कवि ने कौन-सी प्रमुख सीख या जीवन मूल्य प्रस्तुत किया है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
मुख्य सीख व जीवन मूल्य
1 अंक
सूझबूझ व आत्मविश्वास का उल्लेख
1 अंक
Q5
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन
'शतरंज में मात' में दिए गए प्रसंग पर अपने विचार व्यक्त कीजिए: यदि आप कहानी के मुख्य पात्र की जगह होते, तो उस परिस्थिति का सामना कैसे करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
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उचित और विचारपूर्ण व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
2 अंक
Q6
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
[2 Marks]
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अनादर, अंधकार, अन्याय, कठोर
2 अंक
Q7
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
दिए गए शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
[3 Marks]
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
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रवि/दिनकर
1 अंक
नेत्र/नयन
1 अंक
वन/कानन
1 अंक
Q8
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
[3 Marks]
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों मुहावरों के सही अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q9
सोचो और लिखो • रचनात्मक अभिव्यक्ति
'शतरंज में मात' के आधार पर तीन पंक्तियों में वर्णन कीजिए कि हमें प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान क्यों करना चाहिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रचनात्मक उत्तर:
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीन स्पष्ट और सार्थक पंक्तियाँ
3 अंक
Q10
व्याकरण • सर्वनाम शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से सर्वनाम शब्द छाँटिए: 'उसने अपनी पुस्तक मेज पर रख दी और वह खेलने चला गया।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सर्वनाम शब्द:
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उसने, अपनी, वह सही पहचाना
2 अंक
Q11
खोजें और जानें • परिवेशी ज्ञान
अपने क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध लोक-त्योहार या मेले के बारे में पता लगाइए और दो मुख्य बातें लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोक-त्योहार की जानकारी:
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
त्योहार का नाम व दो विशेषताएं
2 अंक
Q12
सही या गलत • समझ की परीक्षा
बताइए सही या गलत:
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
[3 Marks]
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
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सही, सही, गलत स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q13
जीवन मूल्य • सीख
'शतरंज में मात' पढ़कर हमें अपने दैनिक व्यवहार में क्या सुधार लाने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सीख:
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
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नैतिक सीख का स्पष्ट उल्लेख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
शतरंज ग्रैंडमास्टर और भारत का गौरव
विश्वनाथन आनंद, आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश जैसे भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का डंका पूरी दुनिया में बजाया है।
Analytical Task: जिस खेल की शुरुआत भारत में 'चतुरंग' के रूप में हुई, उसमें आज के नन्हे भारतीय खिलाड़ियों का विश्व चैंपियन बनना देश के लिए क्यों गर्व की बात है?
Evaluation & Model Answer:
गौरव का कारण: यह हमारी उस प्राचीन बौद्धिक विरासत की आधुनिक विजय है जिसे भारत ने सदियों पहले दुनिया को दिया था। भारतीय युवाओं का विश्व के सबसे कठिन दिमागी खेल में शीर्ष पर पहुँचना यह सिद्ध करता है कि भारत की तार्किक मेधा, धैर्य और रणनीतिक प्रतिभा विश्व में अद्वितीय है। इससे देश के लाखों प्राथमिक स्कूली बच्चों को बौद्धिक खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
Rubric: 1 अंक भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर से आधुनिक सफलता को जोड़ने पर; 1 अंक नई पीढ़ी के प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव के विश्लेषण पर।