Chapter 2 of 13
Chapter 2: बगीचे का घोंघा
धीमी गति की सुंदरता, आत्मरक्षा का अद्भुत कवच और जिज्ञासा व सावधानी का संतुलन | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- घोंघा (Snail) का शारीरिक स्वरूप: कोमल शरीर, सिर पर दो स्पर्श-तंतु (एंटीना) और पीठ पर कठोर घुमावदार शंख (शैल)।
- कठोर खोल का महत्व: किसी भी खतरे, धूप या स्पर्श की आहट पाते ही घोंघे का अपने खोल में सिमट जाना।
- धीमी गति में धैर्य: बिना किसी हड़बड़ी के लगातार रेंगते हुए आगे बढ़ना और अपनी मंजिल पाना।
- माँ की सीख: अज्ञात खतरों के प्रति सतर्क रहना और अपनी सुरक्षित सीमा को समझना।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (14 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
बातचीत के लिए • मौखिक चर्चा
घोंघे को बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन का समय क्यों लग जाता था?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
घोंघा अत्यंत छोटा और कोमल जीव है। उसके पैर नहीं होते, बल्कि वह अपने उदर (पेट की पेशियों) के सहारे बहुत धीमी गति से रेंगकर आगे बढ़ता है। उसके शरीर के लिए बगीचे की कुछ मीटर की दूरी भी इंसानों के कई किलोमीटर के सफर जैसी विशाल होती है, इसलिए उसे एक किनारे से दूसरे किनारे तक जाने में दो दिन लग जाते थे।
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पैर न होने और पेट की पेशियों से धीमी रेंगने की चाल का उल्लेख
1.5 M
घोंघे के छोटे आकार की तुलना में बगीचे की विशालता
1.5 M
Q2
सोचिए और लिखिए • पाठ बोध
उद्यान की पुरानी दीवार में छेद देखकर घोंघे को अपनी माँ की कौन-सी बात याद आती थी?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को अपनी माँ की चेतावनी याद आती थी, जिसमें उन्होंने कहा था— 'उस छेद के पार कभी मत जाना। वह बाहर की दुनिया हमारे इस शांत, हरे-भरे बगीचे से बिल्कुल अलग है, जहाँ भारी पाँवों की आहट और तेज़ दौड़ती गाड़ियाँ हमारे जैसे कोमल जीवों को कुचल सकती हैं।'
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
माँ की चेतावनी का सटीक उल्लेख
1.5 M
बाहरी दुनिया के खतरों और बगीचे की सुरक्षा का अंतर
1.5 M
Q3
पाठ बोध • शारीरिक विशेषताएँ
घोंघा अपने शरीर को खतरों से कैसे बचाता है? उसकी धीमी चाल से हमें क्या नैतिक सीख मिलती है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
आत्मरक्षा: घोंघे की पीठ पर एक कठोर घुमावदार खोल (कवच) होता है। जैसे ही उसे किसी खतरे की आहट, कंपन या स्पर्श महसूस होता है, वह तुरंत अपने सिर, आँखों और कोमल शरीर को खोल के भीतर समेट लेता है।
नैतिक सीख: घोंघे से हमें धैर्य और निरंतरता की सीख मिलती है। जीवन में चाहे गति धीमी हो, यदि हम बिना रुके लगातार अपने पथ पर आगे बढ़ते रहें, तो हम अपनी मंजिल अवश्य पा लेते हैं।
नैतिक सीख: घोंघे से हमें धैर्य और निरंतरता की सीख मिलती है। जीवन में चाहे गति धीमी हो, यदि हम बिना रुके लगातार अपने पथ पर आगे बढ़ते रहें, तो हम अपनी मंजिल अवश्य पा लेते हैं।
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कठोर खोल में शरीर समेटने की प्रक्रिया का वर्णन
1.5 M
धैर्य, लगन और निरंतर प्रयास की नैतिक सीख
1.5 M
Q4
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए: (क) धीरे, (ख) कोमल, (ग) बाहर, (घ) सुरक्षित।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
(क) धीरे: तेज़ / जल्दी।
(ख) कोमल: कठोर।
(ग) बाहर: भीतर / अंदर।
(घ) सुरक्षित: असुरक्षित।
(ख) कोमल: कठोर।
(ग) बाहर: भीतर / अंदर।
(घ) सुरक्षित: असुरक्षित।
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चारों सही विलोम शब्द (0.5 M प्रत्येक)
2.0 M
Q5
कविता / पाठ से • मुख्य भाव
पाठ 2 ('बगीचे का घोंघा') में लेखक/कवि ने कौन-सी प्रमुख सीख या जीवन मूल्य प्रस्तुत किया है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
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मुख्य सीख व जीवन मूल्य
1 अंक
सूझबूझ व आत्मविश्वास का उल्लेख
1 अंक
Q6
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन
'बगीचे का घोंघा' में दिए गए प्रसंग पर अपने विचार व्यक्त कीजिए: यदि आप कहानी के मुख्य पात्र की जगह होते, तो उस परिस्थिति का सामना कैसे करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
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उचित और विचारपूर्ण व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
2 अंक
Q7
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
[2 Marks]
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
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अनादर, अंधकार, अन्याय, कठोर
2 अंक
Q8
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
दिए गए शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
[3 Marks]
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
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रवि/दिनकर
1 अंक
नेत्र/नयन
1 अंक
वन/कानन
1 अंक
Q9
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
[3 Marks]
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
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दोनों मुहावरों के सही अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q10
सोचो और लिखो • रचनात्मक अभिव्यक्ति
'बगीचे का घोंघा' के आधार पर तीन पंक्तियों में वर्णन कीजिए कि हमें प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान क्यों करना चाहिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रचनात्मक उत्तर:
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीन स्पष्ट और सार्थक पंक्तियाँ
3 अंक
Q11
व्याकरण • सर्वनाम शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से सर्वनाम शब्द छाँटिए: 'उसने अपनी पुस्तक मेज पर रख दी और वह खेलने चला गया।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सर्वनाम शब्द:
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उसने, अपनी, वह सही पहचाना
2 अंक
Q12
खोजें और जानें • परिवेशी ज्ञान
अपने क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध लोक-त्योहार या मेले के बारे में पता लगाइए और दो मुख्य बातें लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोक-त्योहार की जानकारी:
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
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त्योहार का नाम व दो विशेषताएं
2 अंक
Q13
सही या गलत • समझ की परीक्षा
बताइए सही या गलत:
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
[3 Marks]
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
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सही, सही, गलत स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q14
जीवन मूल्य • सीख
'बगीचे का घोंघा' पढ़कर हमें अपने दैनिक व्यवहार में क्या सुधार लाने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सीख:
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक सीख का स्पष्ट उल्लेख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
कछुआ और घोंघा — प्राकृतिक रक्षा कवच
जीव विज्ञान शिक्षक ने कक्षा 4 के बच्चों को बताया कि कछुए और घोंघे दोनों के पास अपनी पीठ पर कठोर शैल (कवच) होता है जो हड्डियों या कैल्शियम कार्बोनेट का बना होता है।
Analytical Task: घोंघे का सुरक्षा कवच किस प्रकार आधुनिक हेलमेट या बुलेटप्रूफ जैकेट जैसा काम करता है? हमें सड़क पर हेलमेट क्यों पहनना चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
कवच की समानता: जिस तरह घोंघे का कठोर खोल उसके अति-संवेदनशील और कोमल आंतरिक अंगों को चोट और शिकारी जीवों के दाँतों से बचाता है, उसी तरह हेलमेट हमारे सबसे नाजुक अंग (मस्तिष्क और सिर की हड्डियों) को दुर्घटना के झटके से सुरक्षित रखता है।
हेलमेट की अनिवार्यता: दोपहिया वाहन चलाते समय सिर पर हेलमेट पहनना जीवनरक्षक है क्योंकि यह सिर की सीधी चोट को रोककर इंसान की जान बचाता है।
हेलमेट की अनिवार्यता: दोपहिया वाहन चलाते समय सिर पर हेलमेट पहनना जीवनरक्षक है क्योंकि यह सिर की सीधी चोट को रोककर इंसान की जान बचाता है।
Rubric: 1 अंक प्राकृतिक कवच की तुलना आधुनिक हेलमेट से करने पर; 1 अंक सड़क सुरक्षा व सिर की सुरक्षा के औचित्य पर।