Chapter 9 of 13
Chapter 9: मिठाइयों का सम्मेलन
हास्य-व्यंग्य नाटिका: रसगुल्ला, जलेबी, लड्डू और गुलाब जामुन की आपसी बहस व एकता | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- काल्पनिक कथा: एक सुंदर सजे थाल में भारत की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाइयों का सम्मेलन बैठना।
- मिठाइयों का आत्मप्रशंसा वाद: जलेबी का अपनी कुरकुरी घुमावदार बनावट पर गर्व, रसगुल्ले का बंगाल की शान व रस से भरा होना।
- गुलाब जामुन और लड्डू का तर्क: त्योहारों और पूजा-अनुष्ठानों में लड्डुओं की प्राथमिकता।
- न्यायपूर्ण निष्कर्ष: हर मिठाई का अपना अनूठा स्वाद और महत्व है; अनेकता में मिठास और एकता ही भारत की पहचान है।
- व्याकरण: विशेषण और विशेष्य (रसदार रसगुल्ला, कुरकुरी जलेबी, गरमा-गरम गुलाब जामुन)।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (13 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ बोध • कहानी के पात्र व संवाद
मिठाइयों के सम्मेलन में किस बात को लेकर गरमा-गरम बहस छिड़ गई थी? विभिन्न मिठाइयों ने अपनी क्या-क्या खूबियाँ गिनाईं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
बहस का कारण: सम्मेलन में इस बात को लेकर विवाद छिड़ गया कि भारत की सभी मिठाइयों में सबसे श्रेष्ठ, लोकप्रिय और स्वादिष्ट मिठाई कौन-सी है।
मिठाइयों के दावे:
1. जलेबी: उसने कहा कि उसकी सुनहरी चाशनी और कुरकुरी घुमावदार बनावट के आगे सब फीके हैं।
2. रसगुल्ला: उसने दावा किया कि वह छेने का बना शुद्ध, कोमल और रस से भरा है जो मुँह में जाते ही घुल जाता है।
3. गुलाब जामुन: उसने कहा कि मावे से तलकर इलायची की चाशनी में डूबा उसका रसीला स्वाद पूरे देश की दावतों की पहली पसंद है।
4. लड्डू: उसने गर्व से कहा कि भगवान गणेश की पूजा से लेकर किसी भी शुभ कार्य में उसके बिना कोई मांगलिक काम पूरा नहीं होता।
मिठाइयों के दावे:
1. जलेबी: उसने कहा कि उसकी सुनहरी चाशनी और कुरकुरी घुमावदार बनावट के आगे सब फीके हैं।
2. रसगुल्ला: उसने दावा किया कि वह छेने का बना शुद्ध, कोमल और रस से भरा है जो मुँह में जाते ही घुल जाता है।
3. गुलाब जामुन: उसने कहा कि मावे से तलकर इलायची की चाशनी में डूबा उसका रसीला स्वाद पूरे देश की दावतों की पहली पसंद है।
4. लड्डू: उसने गर्व से कहा कि भगवान गणेश की पूजा से लेकर किसी भी शुभ कार्य में उसके बिना कोई मांगलिक काम पूरा नहीं होता।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सर्वश्रेष्ठ मिठाई बनने की बहस का उल्लेख
1.0 M
जलेबी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन व लड्डू के तर्कों का विवरण
2.0 M
Q2
सोचिए और लिखिए • सम्मेलन का निर्णय
सम्मेलन के अंत में क्या निर्णय हुआ और इस हास्य कथा से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
अंतिम निर्णय: सम्मेलन के बुजुर्ग अध्यक्ष काजू कतली ने सबको समझाते हुए निर्णय दिया कि कोई भी मिठाई छोटी या बड़ी नहीं है। जब थाल में विभिन्न रंगों और स्वादों की मिठाइयाँ एक साथ सजती हैं, तभी थाल की शोभा बढ़ती है।
शिक्षा: यह कथा विविधता में एकता का सुंदर संदेश देती है। समाज में हर व्यक्ति का अपना विशेष गुण, कला और उपयोगिता है। हमें अपने रूप या धन पर घमंड नहीं करना चाहिए और सभी के साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए।
शिक्षा: यह कथा विविधता में एकता का सुंदर संदेश देती है। समाज में हर व्यक्ति का अपना विशेष गुण, कला और उपयोगिता है। हमें अपने रूप या धन पर घमंड नहीं करना चाहिए और सभी के साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सभी मिठाइयों के समान महत्व का अंतिम फैसला
1.5 M
विविधता में एकता और अहंकार न करने की नैतिक सीख
1.5 M
Q3
भाषा की बात • विशेषण-विशेष्य जोड़ियाँ
पाठ के आधार पर सही विशेषण का मिलान कीजिए: (क) ___ रसगुल्ला, (ख) ___ जलेबी, (ग) ___ लड्डू, (घ) ___ कतली। [विकल्प: काजू, स्पंजी, गोल-मटोल, कुरकुरी]
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
(क) स्पंजी रसगुल्ला。
(ख) कुरकुरी जलेबी।
(ग) गोल-मटोल लड्डू।
(घ) काजू कतली।
(ख) कुरकुरी जलेबी।
(ग) गोल-मटोल लड्डू।
(घ) काजू कतली।
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चारों सही विशेषण-विशेष्य युग्म (0.5 M प्रत्येक)
2.0 M
Q4
कविता / पाठ से • मुख्य भाव
पाठ 9 ('मिठाइयों का सम्मेलन') में लेखक/कवि ने कौन-सी प्रमुख सीख या जीवन मूल्य प्रस्तुत किया है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
मुख्य सीख व जीवन मूल्य
1 अंक
सूझबूझ व आत्मविश्वास का उल्लेख
1 अंक
Q5
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन
'मिठाइयों का सम्मेलन' में दिए गए प्रसंग पर अपने विचार व्यक्त कीजिए: यदि आप कहानी के मुख्य पात्र की जगह होते, तो उस परिस्थिति का सामना कैसे करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उचित और विचारपूर्ण व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
2 अंक
Q6
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
[2 Marks]
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अनादर, अंधकार, अन्याय, कठोर
2 अंक
Q7
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
दिए गए शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
[3 Marks]
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
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रवि/दिनकर
1 अंक
नेत्र/नयन
1 अंक
वन/कानन
1 अंक
Q8
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
[3 Marks]
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों मुहावरों के सही अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q9
सोचो और लिखो • रचनात्मक अभिव्यक्ति
'मिठाइयों का सम्मेलन' के आधार पर तीन पंक्तियों में वर्णन कीजिए कि हमें प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान क्यों करना चाहिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रचनात्मक उत्तर:
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीन स्पष्ट और सार्थक पंक्तियाँ
3 अंक
Q10
व्याकरण • सर्वनाम शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से सर्वनाम शब्द छाँटिए: 'उसने अपनी पुस्तक मेज पर रख दी और वह खेलने चला गया।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सर्वनाम शब्द:
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उसने, अपनी, वह सही पहचाना
2 अंक
Q11
खोजें और जानें • परिवेशी ज्ञान
अपने क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध लोक-त्योहार या मेले के बारे में पता लगाइए और दो मुख्य बातें लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोक-त्योहार की जानकारी:
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
त्योहार का नाम व दो विशेषताएं
2 अंक
Q12
सही या गलत • समझ की परीक्षा
बताइए सही या गलत:
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
[3 Marks]
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही, सही, गलत स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q13
जीवन मूल्य • सीख
'मिठाइयों का सम्मेलन' पढ़कर हमें अपने दैनिक व्यवहार में क्या सुधार लाने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सीख:
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक सीख का स्पष्ट उल्लेख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
पारंपरिक भारतीय मिठाइयाँ बनाम पैकेज्ड चॉकलेट
दीपावली के अवसर पर आजकल कई लोग बेसन, खोया और मेवे की पारंपरिक मिठाइयों के स्थान पर विदेशी पैकेज्ड चॉकलेट गिफ्ट पैक देना पसंद करते हैं।
Analytical Task: स्थानीय हलवाइयों द्वारा बनाई जाने वाली भारतीय पारंपरिक मिठाइयों का हमारे ग्रामीण कुटीर उद्योग से क्या संबंध है? इन्हें बढ़ावा क्यों देना चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
कुटीर उद्योग से संबंध: पारंपरिक मिठाइयों में दूध, खोया, बेसन, गुड़ और देशी घी का उपयोग होता है, जिससे सीधे गाँव के पशुपालक किसानों, दुग्ध उत्पादकों और स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलता है।
बढ़ावा देने के कारण: विदेशी पैकेज्ड चॉकलेट में पाम ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जबकि ताजी पारंपरिक मिठाइयाँ शुद्ध होती हैं और हमारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं।
बढ़ावा देने के कारण: विदेशी पैकेज्ड चॉकलेट में पाम ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जबकि ताजी पारंपरिक मिठाइयाँ शुद्ध होती हैं और हमारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं।
Rubric: 1 अंक ग्रामीण दुग्ध व कृषि अर्थव्यवस्था से संबंध जोड़ने पर; 1 अंक सांस्कृतिक संरक्षण व स्वास्थ्यकर शुद्धता के औचित्य पर।