Chapter 3 of 13
Chapter 3: नीम
भारत का कल्पवृक्ष, औषधीय गुण, पर्यावरण शोधन और 'गाँव का डॉक्टर' | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- नीम का परिचय: भारत के गाँव-गाँव में पाया जाने वाला सदाबहार, छायादार और गुणकारी वृक्ष।
- नीम के विभिन्न अंगों का उपयोग: पत्तियाँ (त्वचा रोग व कीटनाशक), दातुन (दाँतों की मजबूती), छाल (बुखार व घाव), निबोरी (तेल व साबुन)।
- पर्यावरण लाभ: हवा को शुद्ध करना, हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करना और भरपूर ऑक्सीजन देना।
- नीम को 'गाँव का चलता-फिरता दवाखाना' क्यों कहा जाता है।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (13 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
बातचीत के लिए • परिवेशीय ज्ञान
नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं? आप अपने परिवेश में विभिन्न पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर करते हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नीम का ज्ञान: नीम भारत का अत्यंत प्रसिद्ध औषधीय वृक्ष है। यद्यपि इसका स्वाद कड़वा होता है, परंतु इसके पत्ते, टहनियाँ, छाल और फल सभी दवाइयों के रूप में प्रयोग होते हैं। यह हवा को शुद्ध करता है और कीटाणुओं को नष्ट करता है।
पेड़-पौधों की पहचान के आधार:
1. पत्तियों की आकृति, किनारे और सुगंध के आधार पर (जैसे नीम की दांतेदार पत्तियाँ, तुलसी की महक)।
2. तने की मोटाई, छाल के रंग और पेड़ की ऊँचाई के आधार पर।
3. उन पर लगने वाले फूलों और फलों के रंग-रूप के आधार पर।
पेड़-पौधों की पहचान के आधार:
1. पत्तियों की आकृति, किनारे और सुगंध के आधार पर (जैसे नीम की दांतेदार पत्तियाँ, तुलसी की महक)।
2. तने की मोटाई, छाल के रंग और पेड़ की ऊँचाई के आधार पर।
3. उन पर लगने वाले फूलों और फलों के रंग-रूप के आधार पर।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नीम के औषधीय और वायु-शोधक गुणों का उल्लेख
1.5 M
पेड़-पौधों की पहचान के तीन व्यावहारिक आधार
1.5 M
Q2
सोचिए और लिखिए • औषधीय उपयोग
नीम के निम्नलिखित अंगों के दो-दो प्रमुख उपयोग लिखिए: (क) पत्तियाँ, (ख) दातुन, (ग) छाल, (घ) निबोरी।
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
(क) पत्तियाँ:
• पानी में उबालकर नहाने से त्वचा के फोड़े-फुंसी व खुजली ठीक होते हैं।
• सुखाकर ऊनी कपड़ों और अनाजों में रखने से कीड़े नहीं लगते।
(ख) दातुन (टहनी):
• दाँतों में कीड़ा नहीं लगता और मसूड़े मजबूत होते हैं।
• मुँह की दुर्गंध दूर होती है और दाँत चमकदार बनते हैं।
(ग) छाल:
• छाल का काढ़ा पीने से बुखार और पेट के कीड़े शांत होते हैं।
• छाल को घिसकर घावों पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।
(घ) निबोरी (फल):
• इसके बीजों से नीम का तेल निकलता है जो साबुन और त्वचा की दवाओं में प्रयुक्त होता है।
• इसकी खली खेतों में प्राकृतिक जैविक खाद व कीटनाशक का कार्य करती है।
• पानी में उबालकर नहाने से त्वचा के फोड़े-फुंसी व खुजली ठीक होते हैं।
• सुखाकर ऊनी कपड़ों और अनाजों में रखने से कीड़े नहीं लगते।
(ख) दातुन (टहनी):
• दाँतों में कीड़ा नहीं लगता और मसूड़े मजबूत होते हैं।
• मुँह की दुर्गंध दूर होती है और दाँत चमकदार बनते हैं।
(ग) छाल:
• छाल का काढ़ा पीने से बुखार और पेट के कीड़े शांत होते हैं।
• छाल को घिसकर घावों पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।
(घ) निबोरी (फल):
• इसके बीजों से नीम का तेल निकलता है जो साबुन और त्वचा की दवाओं में प्रयुक्त होता है।
• इसकी खली खेतों में प्राकृतिक जैविक खाद व कीटनाशक का कार्य करती है।
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चारों अंगों के दो-दो सटीक आयुर्वेदिक व व्यावहारिक उपयोग (1 M प्रत्येक)
4.0 M
Q3
पाठ बोध • व्याख्यात्मक प्रश्न
नीम को 'गाँव का चलता-फिरता दवाखाना' क्यों कहा जाता है? स्पष्ट कीजिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नीम को गाँव का दवाखाना इसलिए कहा जाता है क्योंकि प्राचीन काल से लेकर आज तक ग्रामीण भारत में जब भी किसी को फोड़े-फुंसी, दाद-खाज, बुखार, पेट के विकार या दाँत का दर्द होता है, तो वे तुरंत नीम के पेड़ की ओर दौड़ते हैं।
नीम का हर एक भाग बिना किसी खर्च के मुफ्त में उपलब्ध रामबाण औषधि है, इसलिए इसे गाँव का सच्चा डॉक्टर और प्राकृतिक औषधालय कहा गया है।
नीम का हर एक भाग बिना किसी खर्च के मुफ्त में उपलब्ध रामबाण औषधि है, इसलिए इसे गाँव का सच्चा डॉक्टर और प्राकृतिक औषधालय कहा गया है।
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ग्रामीण भारत में सुलभता और प्राथमिक चिकित्सा में महत्व
1.5 M
बिना खर्च हर अंग के औषधीय लाभ का औचित्य
1.5 M
Q4
कविता / पाठ से • मुख्य भाव
पाठ 3 ('नीम') में लेखक/कवि ने कौन-सी प्रमुख सीख या जीवन मूल्य प्रस्तुत किया है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
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मुख्य सीख व जीवन मूल्य
1 अंक
सूझबूझ व आत्मविश्वास का उल्लेख
1 अंक
Q5
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन
'नीम' में दिए गए प्रसंग पर अपने विचार व्यक्त कीजिए: यदि आप कहानी के मुख्य पात्र की जगह होते, तो उस परिस्थिति का सामना कैसे करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
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उचित और विचारपूर्ण व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
2 अंक
Q6
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
[2 Marks]
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
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अनादर, अंधकार, अन्याय, कठोर
2 अंक
Q7
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
दिए गए शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
[3 Marks]
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
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रवि/दिनकर
1 अंक
नेत्र/नयन
1 अंक
वन/कानन
1 अंक
Q8
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
[3 Marks]
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों मुहावरों के सही अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q9
सोचो और लिखो • रचनात्मक अभिव्यक्ति
'नीम' के आधार पर तीन पंक्तियों में वर्णन कीजिए कि हमें प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान क्यों करना चाहिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रचनात्मक उत्तर:
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीन स्पष्ट और सार्थक पंक्तियाँ
3 अंक
Q10
व्याकरण • सर्वनाम शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से सर्वनाम शब्द छाँटिए: 'उसने अपनी पुस्तक मेज पर रख दी और वह खेलने चला गया।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सर्वनाम शब्द:
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उसने, अपनी, वह सही पहचाना
2 अंक
Q11
खोजें और जानें • परिवेशी ज्ञान
अपने क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध लोक-त्योहार या मेले के बारे में पता लगाइए और दो मुख्य बातें लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोक-त्योहार की जानकारी:
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
त्योहार का नाम व दो विशेषताएं
2 अंक
Q12
सही या गलत • समझ की परीक्षा
बताइए सही या गलत:
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
[3 Marks]
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही, सही, गलत स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q13
जीवन मूल्य • सीख
'नीम' पढ़कर हमें अपने दैनिक व्यवहार में क्या सुधार लाने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सीख:
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक सीख का स्पष्ट उल्लेख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
रासायनिक कीटनाशक बनाम नीम का अर्क (Neem Bio-Pesticide)
पंजाब और हरियाणा के खेतों में रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक छिड़काव से मिट्टी जहरीली हो गई और भूजल प्रदूषित हो गया। अब कृषि वैज्ञानिक किसानों को नीम के तेल और पत्तियों के घोल (नीमास्त्र) से प्राकृतिक खेती करने की सलाह दे रहे हैं।
Analytical Task: रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में नीम आधारित जैविक कीटनाशक किस प्रकार पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं?
Evaluation & Model Answer:
1. मिट्टी और भूजल की सुरक्षा: रासायनिक कीटनाशक मिट्टी के मित्र कीटों (जैसे केंचुए) को मार देते हैं और भूजल को विषैला बनाते हैं। इसके विपरीत, नीम का जैविक अर्क केवल हानिकारक कीटों को भगाता है, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखता है और पानी को प्रदूषित नहीं करता।
2. मानव स्वास्थ्य: रासायनिक छिड़काव वाली सब्जियाँ खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं, जबकि नीम का अर्क पूरी तरह सुरक्षित और गैर-विषाक्त होता है।
2. मानव स्वास्थ्य: रासायनिक छिड़काव वाली सब्जियाँ खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं, जबकि नीम का अर्क पूरी तरह सुरक्षित और गैर-विषाक्त होता है।
Rubric: 1 अंक मिट्टी व भूजल सुरक्षा के वैज्ञानिक कारण पर; 1 अंक मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण पर।