Chapter 6 of 13
Chapter 6: जयपुर से पत्र
गुलाबी नगर की सैर, हवामहल, जंतर-मंतर, आमेर दुर्ग और समृद्ध राजस्थानी कला-संस्कृति | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- पत्र विधा: पत्र लेखन का औपचारिक व आत्मीय स्वरूप (संबोधन, कुशल-क्षेम, यात्रा वर्णन, समापन)।
- जयपुर को 'गुलाबी नगर' (Pink City) क्यों कहते हैं: महाराजा सवाई रामसिंह द्वारा शहर को गुलाबी रंग में रंगवाना।
- ऐतिहासिक इमारतें: हवामहल की 953 खिड़कियाँ, आमेर का भव्य किला, जंतर-मंतर की खगोलीय वेधशाला।
- राजस्थानी हस्तशिल्प: बंधेज (बांधनी) की साड़ियाँ, नीली मिट्टी के बर्तन (Blue Pottery) और दाल-बाटी-चूरमा।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (13 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
पाठ बोध • ऐतिहासिक तथ्य
जयपुर को 'गुलाबी नगर' (पिंक सिटी) क्यों कहा जाता है? पत्र में हवामहल की क्या-क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
गुलाबी नगर कहने का कारण: सन् 1876 में इंग्लैंड के राजकुमार अल्बर्ट एडवर्ड के स्वागत में जयपुर के महाराजा सवाई रामसिंह ने पूरे शहर के भवनों और परकोटे को आतिथ्य और स्वागत के प्रतीक गुलाबी रंग से रंगवा दिया था, तभी से इसे 'गुलाबी नगर' कहा जाता है।
हवामहल की विशेषताएँ:
1. हवामहल का आकार भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट जैसा है और यह पाँच मंजिला है।
2. इसमें 953 नक्काशीदार छोटे झरोखे और खिड़कियाँ हैं, जिनसे होकर ठंडी हवा महल के भीतर निरंतर बहती रहती है और राजपरिवार की महिलाएँ बाहर के उत्सव देख सकती थीं।
हवामहल की विशेषताएँ:
1. हवामहल का आकार भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट जैसा है और यह पाँच मंजिला है।
2. इसमें 953 नक्काशीदार छोटे झरोखे और खिड़कियाँ हैं, जिनसे होकर ठंडी हवा महल के भीतर निरंतर बहती रहती है और राजपरिवार की महिलाएँ बाहर के उत्सव देख सकती थीं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
महाराजा सवाई रामसिंह और स्वागत के लिए गुलाबी रंग का इतिहास
1.5 M
हवामहल के 953 झरोखे और मुकुट जैसी बनावट
1.5 M
Q2
पाठ बोध • दर्शनीय स्थल
हवामहल के अतिरिक्त पत्र में जयपुर के किन-किन प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों और प्रसिद्ध व्यंजनों का उल्लेख हुआ है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
दर्शनीय स्थल:
1. आमेर का किला: ऊँची पहाड़ी पर स्थित विशाल दुर्ग, जिसमें शीशमहल अत्यंत प्रसिद्ध है।
2. जंतर-मंतर: महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा निर्मित खगोलीय वेधशाला जिसमें सम्राट यंत्र (विशाल धूपघड़ी) स्थित है।
3. जलमहल: मानसागर झील के बीचों-बीच तैरता हुआ सुंदर महल।
प्रसिद्ध खानपान: पारंपरिक राजस्थानी भोजन दाल-बाटी-चूरमा और घेवर व कचौड़ी।
1. आमेर का किला: ऊँची पहाड़ी पर स्थित विशाल दुर्ग, जिसमें शीशमहल अत्यंत प्रसिद्ध है।
2. जंतर-मंतर: महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा निर्मित खगोलीय वेधशाला जिसमें सम्राट यंत्र (विशाल धूपघड़ी) स्थित है।
3. जलमहल: मानसागर झील के बीचों-बीच तैरता हुआ सुंदर महल।
प्रसिद्ध खानपान: पारंपरिक राजस्थानी भोजन दाल-बाटी-चूरमा और घेवर व कचौड़ी।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
आमेर दुर्ग, जंतर-मंतर और जलमहल का उल्लेख
2.0 M
दाल-बाटी-चूरमा व स्थानीय मिष्ठान्न का नाम
1.0 M
Q3
भाषा की बात • पत्र लेखन प्रारूप
पत्र लिखते समय सबसे ऊपर दाईं/बाईं ओर क्या लिखा जाता है, और अपने मित्र को पत्र के अंत में क्या लिखकर विदा ली जाती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
पत्र के प्रारंभ में सबसे ऊपर बाईं ओर पत्र भेजने वाले का पता और दिनांक (तारीख) लिखी जाती है। उसके नीचे आत्मीय संबोधन जैसे 'प्रिय मित्र [नाम], सस्नेह नमस्ते' लिखा जाता है।
पत्र के अंत में मित्र के लिए शुभकामनाएँ देते हुए लिखा जाता है— 'तुम्हारा अभिन्न मित्र / तुम्हारी सखी, [अपना नाम]'।
पत्र के अंत में मित्र के लिए शुभकामनाएँ देते हुए लिखा जाता है— 'तुम्हारा अभिन्न मित्र / तुम्हारी सखी, [अपना नाम]'।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
पता और दिनांक का सही स्थान
1.0 M
संबोधन और समापन के प्रारूप की शुद्धता
1.0 M
Q4
कविता / पाठ से • मुख्य भाव
पाठ 6 ('जयपुर से पत्र') में लेखक/कवि ने कौन-सी प्रमुख सीख या जीवन मूल्य प्रस्तुत किया है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
इस पाठ के माध्यम से हमें सत्य, परिश्रम, धैर्य और समाज में परस्पर सहयोग से जीने की प्रेरणा मिलती है। किसी भी कठिन परिस्थिति में सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
मुख्य सीख व जीवन मूल्य
1 अंक
सूझबूझ व आत्मविश्वास का उल्लेख
1 अंक
Q5
बातचीत के लिए • मौखिक चिंतन
'जयपुर से पत्र' में दिए गए प्रसंग पर अपने विचार व्यक्त कीजिए: यदि आप कहानी के मुख्य पात्र की जगह होते, तो उस परिस्थिति का सामना कैसे करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
यदि मैं मुख्य पात्र की जगह होता, तो मैं बिना घबराए समस्या के मूल कारण को समझता और अपने बड़ों तथा मित्रों से सलाह लेकर शांतिपूर्वक उचित निर्णय लेता।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उचित और विचारपूर्ण व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
2 अंक
Q6
भाषा की बात • विलोम शब्द
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
[2 Marks]
(क) आदर
(ख) प्रकाश
(ग) न्याय
(घ) कोमल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
• (क) आदर — अनादर / निरादर
• (ख) प्रकाश — अंधकार
• (ग) न्याय — अन्याय
• (घ) कोमल — कठोर।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अनादर, अंधकार, अन्याय, कठोर
2 अंक
Q7
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
दिए गए शब्दों के दो-दो समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए:
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
[3 Marks]
(क) सूर्य
(ख) आँख
(ग) जंगल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
• (क) सूर्य — रवि, दिनकर
• (ख) आँख — नेत्र, नयन
• (ग) जंगल — वन, कानन।
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रवि/दिनकर
1 अंक
नेत्र/नयन
1 अंक
वन/कानन
1 अंक
Q8
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
[3 Marks]
(क) फूला न समाना
(ख) आँखें खुलना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
• (क) फूला न समाना: अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर रोहन फूला न समाया।
• (ख) आँखें खुलना: सच्चाई का ज्ञान होना / होश में आना।
वाक्य: ठोकर खाने के बाद आखिरकार अमित की आँखें खुल गईं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों मुहावरों के सही अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q9
सोचो और लिखो • रचनात्मक अभिव्यक्ति
'जयपुर से पत्र' के आधार पर तीन पंक्तियों में वर्णन कीजिए कि हमें प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान क्यों करना चाहिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रचनात्मक उत्तर:
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
प्रकृति हमारी माता के समान है जो हमें जीने के लिए शुद्ध हवा, जल और भोजन प्रदान करती है। पेड़ों और नदियों के बिना हमारा जीवन असंभव है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम पेड़ों को न काटें और जल को व्यर्थ न बहाएँ।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीन स्पष्ट और सार्थक पंक्तियाँ
3 अंक
Q10
व्याकरण • सर्वनाम शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से सर्वनाम शब्द छाँटिए: 'उसने अपनी पुस्तक मेज पर रख दी और वह खेलने चला गया।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सर्वनाम शब्द:
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
1. उसने
2. अपनी
3. वह।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
उसने, अपनी, वह सही पहचाना
2 अंक
Q11
खोजें और जानें • परिवेशी ज्ञान
अपने क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध लोक-त्योहार या मेले के बारे में पता लगाइए और दो मुख्य बातें लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोक-त्योहार की जानकारी:
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
1. हमारे क्षेत्र में दीपावली और मकर संक्रांति का पर्व बड़े उल्लास से मनाया जाता है।
2. इस अवसर पर लोग मिट्टी के दीपक जलाते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू बाँटते हैं और पतंग उड़ाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
त्योहार का नाम व दो विशेषताएं
2 अंक
Q12
सही या गलत • समझ की परीक्षा
बताइए सही या गलत:
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
[3 Marks]
(क) सच बोलने वाले व्यक्ति का समाज में हमेशा सम्मान होता है।
(ख) कठिन परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है।
(ग) हमें केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचना चाहिए।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
• (क) सही
• (ख) सही
• (ग) गलत: हमें समाज की भलाई और परोपकार की भावना रखनी चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही, सही, गलत स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q13
जीवन मूल्य • सीख
'जयपुर से पत्र' पढ़कर हमें अपने दैनिक व्यवहार में क्या सुधार लाने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सीख:
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों के प्रति विनम्र रहने, बड़ों की बात ध्यान से सुनने और कभी भी किसी का उपहास न उड़ाने की सीख देता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक सीख का स्पष्ट उल्लेख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
प्राचीन जल संरक्षण और स्थापत्य कला
आमेर और नाहरगढ़ के किलों में 400 वर्ष पूर्व बने भूमिगत टांके (Water Reservoirs) आज भी वर्षा के एक-एक बूँद पानी को सहेजकर साल भर पीने योग्य बनाए रखते हैं।
Analytical Task: जयपुर के प्राचीन किलों की जल-संचयन प्रणाली से आधुनिक शहरों को क्या सीख लेनी चाहिए? वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) क्यों आवश्यक है?
Evaluation & Model Answer:
सीख: हमारे पूर्वजों ने बिना बिजली या मोटर के केवल गुरुत्वाकर्षण और ढलानों का उपयोग करके छत के वर्षा जल को भूमिगत टांकों में एकत्र करने की अद्भुत तकनीक विकसित की थी। आधुनिक शहरों को कंक्रीट की बर्बादी रोककर हर इमारत में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करनी चाहिए।
आवश्यकता: गिरते भूजल स्तर को सुधारने, गर्मियों में जल संकट से बचने और बाढ़ के पानी को व्यर्थ बहने से रोकने के लिए वर्षा जल संचयन अनिवार्य है।
आवश्यकता: गिरते भूजल स्तर को सुधारने, गर्मियों में जल संकट से बचने और बाढ़ के पानी को व्यर्थ बहने से रोकने के लिए वर्षा जल संचयन अनिवार्य है।
Rubric: 1 अंक प्राचीन स्थापत्य से जल संचयन की सीख पर; 1 अंक आधुनिक शहरों में गिरते भूजल स्तर के समाधान पर।