Chapter 12 of 14
Chapter 12: सुनीता की पहिया कुर्सी
दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समावेशी समाज | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- सुनीता की दिनचर्या: सुनीता पैरों से चल नहीं सकती और पहिया कुर्सी का उपयोग करती है। वह आत्मनिर्भर है और किसी की दया नहीं चाहती।
- बाजार की सैर: माँ के कहने पर वह पहली बार अकेले बाजार चीनी खरीदने जाती है और रास्ते की चहल-पहल का आनंद लेती है।
- समाज का दृष्टिकोण: लोग उसे दया और आश्चर्य भरी नजरों से देखते हैं, जिससे उसे ठेस पहुँचती है। दुकानदार भी चीनी उसकी गोदी में रख देता है।
- अमित के साथ मित्रता: सुनीता की मुलाकात एक छोटे कद के लड़के अमित से होती है। दोनों एक-दूसरे की भावना को समझते हैं और पक्के दोस्त बन जाते हैं।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (14 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
कहानी बोध • प्रश्न-उत्तर
सुनीता बाजार क्यों गई थी? दुकानदार के व्यवहार से सुनीता को गुस्सा और दुख क्यों हुआ?
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. बाजार जाने का कारण: सुनीता की माँ को एक किलो चीनी की जरूरत थी। सुनीता ने माँ से कहा कि वह खुद अकेले बाजार जाकर चीनी ले आएगी। वह आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और अपनी पहिया कुर्सी स्वयं चलाकर बाजार गई।
2. दुकानदार के व्यवहार पर दुख: जब सुनीता ने चीनी माँगी, तो दुकानदार ने चीनी की थैली हाथ में थमाने के बजाय आगे बढ़कर सीधे उसकी गोदी में रख दी। दुकानदार को लगा कि वह बेचारी है और थैली नहीं पकड़ पाएगी। इस अवांछित दया और विचित्र दृष्टि से सुनीता का स्वाभिमान आहत हुआ और उसे लगा कि लोग उसे सामान्य इंसान नहीं समझते।
1. बाजार जाने का कारण: सुनीता की माँ को एक किलो चीनी की जरूरत थी। सुनीता ने माँ से कहा कि वह खुद अकेले बाजार जाकर चीनी ले आएगी। वह आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और अपनी पहिया कुर्सी स्वयं चलाकर बाजार गई।
2. दुकानदार के व्यवहार पर दुख: जब सुनीता ने चीनी माँगी, तो दुकानदार ने चीनी की थैली हाथ में थमाने के बजाय आगे बढ़कर सीधे उसकी गोदी में रख दी। दुकानदार को लगा कि वह बेचारी है और थैली नहीं पकड़ पाएगी। इस अवांछित दया और विचित्र दृष्टि से सुनीता का स्वाभिमान आहत हुआ और उसे लगा कि लोग उसे सामान्य इंसान नहीं समझते।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
चीनी खरीदने अकेले जाने और आत्मनिर्भरता का उल्लेख
2.0 M
दुकानदार द्वारा गोदी में थैली रखने और दया भाव से आहत होने का विवरण
2.0 M
Q2
तुम्हारी समझ से • अमित और सुनीता
अमित कौन था? बच्चे उसे क्या कहकर चिढ़ाते थे और सुनीता की उससे दोस्ती कैसे हुई?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. अमित का परिचय: अमित उसी मोहल्ले में रहने वाला एक बालक था जिसका शारीरिक कद (हाइट) अपनी उम्र के बाकी बच्चों से काफी छोटा था। इस कारण बच्चे उसे 'छोटू-छोटू' कहकर चिढ़ाते थे।
2. दोस्ती का कारण: सुनीता जब दुकान की सीढ़ियों पर पहिया कुर्सी चढ़ाने में कठिनाई महसूस कर रही थी, तब अमित ने आगे बढ़कर बिना किसी घमंड या दया के उसकी कुर्सी को धक्का देकर ऊपर चढ़ाया। दोनों ने एक-दूसरे के अकेलेपन और दर्द को समझा। सुनीता ने कहा कि कोई किसी को चिढ़ाने का अधिकार नहीं रखता। दोनों हँसते हुए साथ चल पड़े और अच्छे मित्र बन गए।
1. अमित का परिचय: अमित उसी मोहल्ले में रहने वाला एक बालक था जिसका शारीरिक कद (हाइट) अपनी उम्र के बाकी बच्चों से काफी छोटा था। इस कारण बच्चे उसे 'छोटू-छोटू' कहकर चिढ़ाते थे।
2. दोस्ती का कारण: सुनीता जब दुकान की सीढ़ियों पर पहिया कुर्सी चढ़ाने में कठिनाई महसूस कर रही थी, तब अमित ने आगे बढ़कर बिना किसी घमंड या दया के उसकी कुर्सी को धक्का देकर ऊपर चढ़ाया। दोनों ने एक-दूसरे के अकेलेपन और दर्द को समझा। सुनीता ने कहा कि कोई किसी को चिढ़ाने का अधिकार नहीं रखता। दोनों हँसते हुए साथ चल पड़े और अच्छे मित्र बन गए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अमित के कद और 'छोटू' कहे जाने की समस्या का उल्लेख
1.5 M
सीढ़ियों पर मदद और आपसी समझ से मित्रता का निरूपण
1.5 M
Q3
सामाजिक संवेदनशीलता • सुगम्य भारत
दिव्यांगजनों (पहिया कुर्सी का उपयोग करने वालों) के लिए हमारे स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर क्या-क्या सुविधाएँ होनी चाहिए?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ अनिवार्य होनी चाहिए:
1. केवल सीढ़ियाँ होने के बजाय प्रत्येक इमारत, दुकान और बस स्टॉप पर ढलान वाले रास्ते (रैंप - Ramps) और रेलिंग होने चाहिए।
2. बहुमंजिला इमारतों में पहिया कुर्सी के प्रवेश योग्य चौड़ी लिफ्ट होनी चाहिए।
3. सड़कों पर फुटपाथ समतल और गड्ढामुक्त होने चाहिए तथा विशेष शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ अनिवार्य होनी चाहिए:
1. केवल सीढ़ियाँ होने के बजाय प्रत्येक इमारत, दुकान और बस स्टॉप पर ढलान वाले रास्ते (रैंप - Ramps) और रेलिंग होने चाहिए।
2. बहुमंजिला इमारतों में पहिया कुर्सी के प्रवेश योग्य चौड़ी लिफ्ट होनी चाहिए।
3. सड़कों पर फुटपाथ समतल और गड्ढामुक्त होने चाहिए तथा विशेष शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
रैंप, चौड़ी लिफ्ट और समतल फुटपाथ का सही उल्लेख
2.0 M
Q4
भाषा की बात • विशेषण और भाववाचक संज्ञा
निम्नलिखित शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए:
1. मित्र
2. भला
3. कठिन
[2 Marks]
1. मित्र
2. भला
3. कठिन
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. मित्र: मित्रता
2. भला: भलाई
3. कठिन: कठिनाई
1. मित्र: मित्रता
2. भला: भलाई
3. कठिन: कठिनाई
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों भाववाचक संज्ञाओं का सही रूप
2.0 M
Q5
कहानी से • पात्र और संवाद
पाठ 12 ('सुनीता की पहिया कुर्सी') में मुख्य पात्र कौन हैं और उनके बीच क्या बातचीत होती है? संक्षेप में बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
मुख्य पात्रों का उल्लेख
1 अंक
संवाद व घटना का सही सारांश
1 अंक
Q6
तुम्हारी समझ से • विचार और तर्क
कहानी में जब समस्या उत्पन्न हुई, तो पात्रों ने क्या उपाय निकाला? क्या आप उस उपाय से सहमत हैं?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
समस्या का उपाय बताया
1 अंक
तार्किक सहमति व कारण
1 अंक
Q7
भाषा की बात • विशेषण और विशेष्य
विशेषण और विशेष्य का सही मिलान कीजिए:
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
[3 Marks]
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
✅ Step-by-Step Solution & Working
सही मिलान:
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों का सही मिलान
3 अंक
Q8
भाषा की बात • क्रिया शब्द
दिए गए वाक्य में से काम वाले शब्द (क्रिया) छाँटिए: 'बच्चे मैदान में गेंद फेंक रहे हैं और दौड़ रहे हैं।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
क्रिया शब्द:
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों क्रियाएं सही पहचानी
2 अंक
Q9
मुहावरे • अर्थ और प्रयोग
मुहावरे 'दंग रह जाना' का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरा: दंग रह जाना:
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही अर्थ
1 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1 अंक
Q10
बातचीत के लिए • तुम्हारी राय
'सुनीता की पहिया कुर्सी' में कौन-सी बात आपको सबसे मजेदार या रोचक लगी? कक्षा में साझा कीजिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रोचक प्रसंग:
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
रोचक प्रसंग का वर्णन
2 अंक
Q11
शब्द भंडार • अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए:
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
[3 Marks]
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
एक शब्द:
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अमर, बढ़ई, चित्रकार
3 अंक
Q12
रचनात्मक लेखन • नया अंत सोचो
यदि कहानी 'सुनीता की पहिया कुर्सी' का अंत आपकी इच्छानुसार बदला जाए, तो आप इसे कैसे समाप्त करना चाहेंगे?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नया अंत:
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सार्थक और सकारात्मक नया अंत
2 अंक
Q13
सही या गलत • पाठ की समझ
बताइए सही या गलत:
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
[3 Marks]
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही, गलत, सही स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q14
जीवन मूल्य • सीख
'सुनीता की पहिया कुर्सी' पढ़कर हमें कौन-सा मूल्य अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जीवन मूल्य:
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक मूल्य व सीख का स्पष्ट वर्णन
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
समावेशी समाज और मानवीय गरिमा
रास्ते में लोग सुनीता को घूर-घूर कर देख रहे थे, मानो वह कोई अजूबा हो।
Analytical Task: किसी दिव्यांग व्यक्ति को देखकर घूरना या अत्यधिक दया दिखाना क्यों अनुचित है? हमें उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
दिव्यांग व्यक्तियों को घूरने या उन पर तरस (दया) खाने से उनका आत्मसम्मान आहत होता है। वे किसी से कम नहीं हैं और अपनी क्षमताओं के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं। हमें उनके साथ सामान्य मित्र जैसा व्यवहार करना चाहिए, उनकी गरिमा का सम्मान करना चाहिए और केवल तभी स्वाभाविक रूप से सहयोग करना चाहिए जब उन्हें वास्तव में आवश्यकता हो।
Rubric: 1.5 अंक घूरने व दया दिखाने के नकारात्मक प्रभाव पर; 1.5 अंक समानता, सम्मान व स्वाभाविक मित्रता के व्यवहार पर।