Chapter 9 of 14
Chapter 9: स्वतंत्रता की ओर
सुभद्रा सेन गुप्त की ऐतिहासिक बाल कथा, साबरमती आश्रम, दांडी यात्रा और महात्मा गांधी का नमक सत्याग्रह | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- कहानी की पृष्ठभूमि: 9 साल का बालक धनी अपने माता-पिता के साथ महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम में रहता है।
- आश्रम का वातावरण: देश भर से लोग आजादी की लड़ाई की योजना बनाने आते हैं। धनी की जिम्मेदारी आश्रम की प्रिय बकरी 'बिन्नी' की देखभाल करना है।
- दांडी यात्रा का रहस्य: धनी को पता चलता है कि गांधीजी गुजरात के तट पर 385 किलोमीटर पैदल चलकर समुद्र के पानी से नमक बनाने जा रहे हैं।
- नमक कर का विरोध: अंग्रेजों द्वारा प्रकृति के मुफ़्त उपहार नमक पर भारी टैक्स लगाने के अन्याय के खिलाफ अहिंसक सत्याग्रह।
- गांधीजी का स्नेहिल परामर्श: गांधीजी धनी को समझाते हैं कि जब वे यात्रा से कमजोर होकर लौटेंगे, तो उन्हें ताकत के लिए खूब दूध चाहिए, इसलिए धनी आश्रम में रहकर बिन्नी की सेवा करे।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (14 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
कहानी बोध • प्रश्न-उत्तर
गांधीजी साबरमती आश्रम से दांडी तक पैदल यात्रा क्यों कर रहे थे? अंग्रेजों के किस कानून का विरोध किया जा रहा था?
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. दांडी यात्रा का उद्देश्य: उस समय भारत पर ब्रिटिश (अंग्रेजी) हुकूमत का शासन था। अंग्रेजों ने नमक बनाने और बेचने पर एकाधिकार कर रखा था और नमक जैसी बुनियादी जरूरत पर भारी टैक्स लगा दिया था। किसी भी भारतीय को स्वयं समुद्र से नमक बनाने की मनाही थी।
2. कानून का विरोध: गांधीजी का मानना था कि नमक प्रकृति का उपहार है, जो अमीर और गरीब सबको भोजन में बराबर चाहिए। इस पर टैक्स लगाना घोर पाप है। इसलिए गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी समुद्र तट तक सैकड़ों मील पैदल चलकर समुद्र के पानी को उबालकर मुट्ठी भर नमक बनाकर कानून तोड़ने का निश्चय किया, ताकि पूरे देश में आजादी की अलख जगे।
1. दांडी यात्रा का उद्देश्य: उस समय भारत पर ब्रिटिश (अंग्रेजी) हुकूमत का शासन था। अंग्रेजों ने नमक बनाने और बेचने पर एकाधिकार कर रखा था और नमक जैसी बुनियादी जरूरत पर भारी टैक्स लगा दिया था। किसी भी भारतीय को स्वयं समुद्र से नमक बनाने की मनाही थी।
2. कानून का विरोध: गांधीजी का मानना था कि नमक प्रकृति का उपहार है, जो अमीर और गरीब सबको भोजन में बराबर चाहिए। इस पर टैक्स लगाना घोर पाप है। इसलिए गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी समुद्र तट तक सैकड़ों मील पैदल चलकर समुद्र के पानी को उबालकर मुट्ठी भर नमक बनाकर कानून तोड़ने का निश्चय किया, ताकि पूरे देश में आजादी की अलख जगे।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अंग्रेजों के नमक कानून और भारी टैक्स का उल्लेख
2.0 M
गांधीजी द्वारा दांडी जाकर नमक बनाने के सत्याग्रह का विवरण
2.0 M
Q2
तुम्हारी समझ से • गांधीजी और धनी की बातचीत
धनी भी गांधीजी के साथ दांडी जाना चाहता था। गांधीजी ने धनी को आश्रम में ही रुकने के लिए कैसे मनाया?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
गांधीजी बच्चों के मनोविज्ञान को गहराई से समझते थे। उन्होंने धनी को डाँटने या मना करने के बजाय प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा—'धनी, मैं जब दांडी की इतनी लंबी पैदल यात्रा करके लौटूंगा, तो बहुत कमजोर हो जाऊँगा। मुझे ताकत के लिए बहुत सारा ताजा दूध पीना पड़ेगा। मेरी प्यारी बिन्नी बकरी की देखभाल कौन करेगा? अगर तुम उसका ध्यान नहीं रखोगे तो वह अच्छा दूध कैसे देगी?'
धनी को लगा कि यह तो बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वह तुरंत बिन्नी की सेवा करने के लिए आश्रम में ही रुकने को राजी हो गया।
गांधीजी बच्चों के मनोविज्ञान को गहराई से समझते थे। उन्होंने धनी को डाँटने या मना करने के बजाय प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा—'धनी, मैं जब दांडी की इतनी लंबी पैदल यात्रा करके लौटूंगा, तो बहुत कमजोर हो जाऊँगा। मुझे ताकत के लिए बहुत सारा ताजा दूध पीना पड़ेगा। मेरी प्यारी बिन्नी बकरी की देखभाल कौन करेगा? अगर तुम उसका ध्यान नहीं रखोगे तो वह अच्छा दूध कैसे देगी?'
धनी को लगा कि यह तो बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वह तुरंत बिन्नी की सेवा करने के लिए आश्रम में ही रुकने को राजी हो गया।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
गांधीजी के प्रेमपूर्ण और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण का उल्लेख
1.5 M
बिन्नी की देखभाल और दूध की आवश्यकता से धनी का सहमत होना
1.5 M
Q3
आश्रम का जीवन • साबरमती की दिनचर्या
साबरमती आश्रम में रहने वाले लोग क्या-क्या काम करते थे? धनी के माता-पिता वहाँ क्या करते थे?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. आश्रम के कार्य: साबरमती आश्रम में हर व्यक्ति स्वावलंबी था। वहाँ चरखे पर सूत कातना, गाय-बकरियों की सेवा करना, रसोई में खाना पकाना, सब्जियाँ उगाना और आश्रम की सफाई करना जैसे सभी काम सब मिलकर करते थे।
2. धनी के माता-पिता का काम: धनी के पिता आश्रम में चरखा कातते थे और रसोई का काम देखते थे, जबकि उसकी माँ खाना बनाने और चूल्हा जलाने में मदद करती थी।
1. आश्रम के कार्य: साबरमती आश्रम में हर व्यक्ति स्वावलंबी था। वहाँ चरखे पर सूत कातना, गाय-बकरियों की सेवा करना, रसोई में खाना पकाना, सब्जियाँ उगाना और आश्रम की सफाई करना जैसे सभी काम सब मिलकर करते थे।
2. धनी के माता-पिता का काम: धनी के पिता आश्रम में चरखा कातते थे और रसोई का काम देखते थे, जबकि उसकी माँ खाना बनाने और चूल्हा जलाने में मदद करती थी।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
साबरमती आश्रम की स्वावलंबी दिनचर्या का उल्लेख
1.0 M
धनी के माता-पिता के कार्यों का सही विवरण
1.0 M
Q4
भाषा की बात • चरखा और खादी
गांधीजी चरखे पर सूत क्यों कातते थे? 'स्वदेशी' का क्या महत्व है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. चरखा कातने का उद्देश्य: गांधीजी भारतवासियों को आत्मनिर्भर (स्वावलंबी) बनाना चाहते थे। वे चाहते थे कि हम विदेशी मिलों के बने कपड़ों पर निर्भर न रहकर अपने हाथ से सूत कातें और खादी पहनें। चरखा श्रम की गरिमा और स्वतंत्रता का प्रतीक था।
2. स्वदेशी का महत्व: स्वदेशी का अर्थ है अपने ही देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करना। इससे देश के कारीगरों, बुनकरों और किसानों को रोजगार मिलता है और देश की संपत्ति देश में ही रहती है।
1. चरखा कातने का उद्देश्य: गांधीजी भारतवासियों को आत्मनिर्भर (स्वावलंबी) बनाना चाहते थे। वे चाहते थे कि हम विदेशी मिलों के बने कपड़ों पर निर्भर न रहकर अपने हाथ से सूत कातें और खादी पहनें। चरखा श्रम की गरिमा और स्वतंत्रता का प्रतीक था।
2. स्वदेशी का महत्व: स्वदेशी का अर्थ है अपने ही देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करना। इससे देश के कारीगरों, बुनकरों और किसानों को रोजगार मिलता है और देश की संपत्ति देश में ही रहती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
चरखे और खादी के स्वावलंबन का सिद्धांत
1.0 M
स्वदेशी और देश के कारीगरों के लाभ का उल्लेख
1.0 M
Q5
कहानी से • पात्र और संवाद
पाठ 9 ('स्वतंत्रता की ओर') में मुख्य पात्र कौन हैं और उनके बीच क्या बातचीत होती है? संक्षेप में बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
मुख्य पात्रों का उल्लेख
1 अंक
संवाद व घटना का सही सारांश
1 अंक
Q6
तुम्हारी समझ से • विचार और तर्क
कहानी में जब समस्या उत्पन्न हुई, तो पात्रों ने क्या उपाय निकाला? क्या आप उस उपाय से सहमत हैं?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
समस्या का उपाय बताया
1 अंक
तार्किक सहमति व कारण
1 अंक
Q7
भाषा की बात • विशेषण और विशेष्य
विशेषण और विशेष्य का सही मिलान कीजिए:
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
[3 Marks]
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
✅ Step-by-Step Solution & Working
सही मिलान:
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों का सही मिलान
3 अंक
Q8
भाषा की बात • क्रिया शब्द
दिए गए वाक्य में से काम वाले शब्द (क्रिया) छाँटिए: 'बच्चे मैदान में गेंद फेंक रहे हैं और दौड़ रहे हैं।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
क्रिया शब्द:
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
दोनों क्रियाएं सही पहचानी
2 अंक
Q9
मुहावरे • अर्थ और प्रयोग
मुहावरे 'दंग रह जाना' का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरा: दंग रह जाना:
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही अर्थ
1 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1 अंक
Q10
बातचीत के लिए • तुम्हारी राय
'स्वतंत्रता की ओर' में कौन-सी बात आपको सबसे मजेदार या रोचक लगी? कक्षा में साझा कीजिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रोचक प्रसंग:
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
रोचक प्रसंग का वर्णन
2 अंक
Q11
शब्द भंडार • अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए:
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
[3 Marks]
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
एक शब्द:
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
अमर, बढ़ई, चित्रकार
3 अंक
Q12
रचनात्मक लेखन • नया अंत सोचो
यदि कहानी 'स्वतंत्रता की ओर' का अंत आपकी इच्छानुसार बदला जाए, तो आप इसे कैसे समाप्त करना चाहेंगे?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नया अंत:
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सार्थक और सकारात्मक नया अंत
2 अंक
Q13
सही या गलत • पाठ की समझ
बताइए सही या गलत:
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
[3 Marks]
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सही, गलत, सही स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q14
जीवन मूल्य • सीख
'स्वतंत्रता की ओर' पढ़कर हमें कौन-सा मूल्य अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जीवन मूल्य:
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक मूल्य व सीख का स्पष्ट वर्णन
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
अहिंसा, सत्याग्रह और नागरिक कर्तव्य
गांधीजी ने अपनी बात मनवाने के लिए हिंसा या हथियारों का नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह का मार्ग चुना।
Analytical Task: आज के समय में नागरिक अपनी न्यायोचित मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं?
Evaluation & Model Answer:
लोकतंत्र में अपनी बात कहने के लिए हिंसा, तोड़फोड़ या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना बिल्कुल अनुचित है। नागरिकों को गांधीजी के अहिंसा मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण सभा, ज्ञापन देने, न्यायालय का सहारा लेने और समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात मर्यादा के साथ सरकार तक पहुँचानी चाहिए।
Rubric: 1.5 अंक अहिंसा और शांतिपूर्ण विरोध के महत्व पर; 1.5 अंक लोकतांत्रिक माध्यमों के सही उपयोग पर।