Chapter 5 of 14
Chapter 5: दोस्त की पोशाक
नसरुद्दीन और उनके पुराने मित्र जमाल साहब की हास्य कथा, संकोच और बड़बोलापन | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- कहानी की पृष्ठभूमि: नसरुद्दीन अपने पुराने मित्र जमाल साहब से मिलकर बहुत प्रसन्न हुए और उन्हें मोहल्ले में घुमाने ले जाना चाहा।
- जमाल साहब का संकोच: जमाल साहब ने अपनी साधारण पोशाक के कारण बाहर जाने से मना कर दिया।
- भड़कीली अचकन और नसरुद्दीन की भूल: नसरुद्दीन ने अपनी भड़कीली अचकन पहनाई, लेकिन हर पड़ोसी (हुसैन साहब आदि) के सामने अचकन का सच बोलकर मित्र को शर्मिंदा कर दिया।
- हास्य और सीख: कभी-कभी ज्यादा सफाई देने और बड़बोलेपन से मित्र का संकोच कम होने के बजाय बढ़ जाता है।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (14 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
कहानी बोध • प्रश्न-उत्तर
जमाल साहब नसरुद्दीन के साथ बाहर मोहल्ले में क्यों नहीं जाना चाहते थे? नसरुद्दीन ने उनकी क्या मदद की और फिर क्या गड़बड़ कर दी?
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. बाहर न जाने का कारण: जमाल साहब ने एक साधारण पोशाक पहन रखी थी। उन्हें संकोच था कि ऐसी मामूली पोशाक में लोगों से मिलने पर लोग उनका मजाक उड़ाएँगे या उन्हें गरीब समझेंगे।
2. नसरुद्दीन की मदद: नसरुद्दीन ने दरियादिली दिखाते हुए अपनी अलमारी से एक भड़कीली (शानदार) अचकन निकाल कर जमाल साहब को पहनने के लिए दी।
3. गड़बड़: नसरुद्दीन जब भी किसी पड़ोसी से जमाल साहब का परिचय कराते, तो अचकन की बात जरूर छेड़ देते। पहले पड़ोसी से कहा—'अचकन मेरी है।' जमाल साहब के टोकने पर दूसरे पड़ोसी से कहा—'अचकन इनकी अपनी ही है।' और तीसरे से कहा—'अचकन के बारे में न कहना ही अच्छा है।' इस बड़बोलेपन से जमाल साहब बार-बार लज्जित हुए।
1. बाहर न जाने का कारण: जमाल साहब ने एक साधारण पोशाक पहन रखी थी। उन्हें संकोच था कि ऐसी मामूली पोशाक में लोगों से मिलने पर लोग उनका मजाक उड़ाएँगे या उन्हें गरीब समझेंगे।
2. नसरुद्दीन की मदद: नसरुद्दीन ने दरियादिली दिखाते हुए अपनी अलमारी से एक भड़कीली (शानदार) अचकन निकाल कर जमाल साहब को पहनने के लिए दी।
3. गड़बड़: नसरुद्दीन जब भी किसी पड़ोसी से जमाल साहब का परिचय कराते, तो अचकन की बात जरूर छेड़ देते। पहले पड़ोसी से कहा—'अचकन मेरी है।' जमाल साहब के टोकने पर दूसरे पड़ोसी से कहा—'अचकन इनकी अपनी ही है।' और तीसरे से कहा—'अचकन के बारे में न कहना ही अच्छा है।' इस बड़बोलेपन से जमाल साहब बार-बार लज्जित हुए।
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जमाल साहब के संकोच का कारण
1.5 M
अचकन देना और नसरुद्दीन द्वारा तीनों बार की गई भूल
2.5 M
Q2
तुम्हारी समझ से • नसरुद्दीन की सलाह
नसरुद्दीन को अचकन के बारे में क्या करना चाहिए था जिससे जमाल साहब को बुरा न लगता?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
नसरुद्दीन को चाहिए था कि वह पड़ोसियों से जमाल साहब का सामान्य और सम्मानजनक परिचय कराता। उसे पोशाक या अचकन का कोई जिक्र ही नहीं करना चाहिए था, क्योंकि किसी व्यक्ति की पहचान उसके गुणों, आचरण और व्यवहार से होती है, न कि उसके कपड़ों से। कपड़ों पर ध्यान न दिलाकर वह अपने मित्र का मान रख सकता था।
नसरुद्दीन को चाहिए था कि वह पड़ोसियों से जमाल साहब का सामान्य और सम्मानजनक परिचय कराता। उसे पोशाक या अचकन का कोई जिक्र ही नहीं करना चाहिए था, क्योंकि किसी व्यक्ति की पहचान उसके गुणों, आचरण और व्यवहार से होती है, न कि उसके कपड़ों से। कपड़ों पर ध्यान न दिलाकर वह अपने मित्र का मान रख सकता था।
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पोशाक का जिक्र न करने की तार्किक सलाह
2.0 M
Q3
भाषा की बात • विशेषण और पोशाक
पाठ में 'भड़कीली' अचकन शब्द आया है। 'भड़कीली' शब्द विशेषण है। नीचे दी गई पोशाकों के लिए उपयुक्त विशेषण लिखिए:
1. कश्मीरी _______
2. रेशमी _______
3. सूती _______
[3 Marks]
1. कश्मीरी _______
2. रेशमी _______
3. सूती _______
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. कश्मीरी: कश्मीरी शॉल / कश्मीरी फिरन
2. रेशमी: रेशमी कुर्ता / रेशमी साड़ी
3. सूती: सूती पजामा / सूती धोती
1. कश्मीरी: कश्मीरी शॉल / कश्मीरी फिरन
2. रेशमी: रेशमी कुर्ता / रेशमी साड़ी
3. सूती: सूती पजामा / सूती धोती
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तीनों उपयुक्त विशेष्य (पोशाकों) का सही मेल
3.0 M
Q4
बातचीत के लिए • मित्रता के गुण
सच्चे मित्र के क्या-क्या कर्तव्य होते हैं? क्या नसरुद्दीन ने एक अच्छे मित्र की तरह व्यवहार किया?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. सच्चे मित्र के कर्तव्य: सच्चा मित्र वही है जो मित्र के संकोच और कमजोरी को छिपाए, दूसरों के सामने उसका उपहास न होने दे तथा सुख-दुख में बिना किसी दिखावे के उसकी मदद करे।
2. नसरुद्दीन का व्यवहार: नसरुद्दीन का इरादा बुरा नहीं था, उसने मित्र की मदद के लिए खुशी-खुशी अचकन दी, लेकिन उसके नासमझी भरे बड़बोलेपन ने मित्र को ठेस पहुँचाई। अतः उसने मदद तो की, परंतु समझदारी नहीं दिखाई।
1. सच्चे मित्र के कर्तव्य: सच्चा मित्र वही है जो मित्र के संकोच और कमजोरी को छिपाए, दूसरों के सामने उसका उपहास न होने दे तथा सुख-दुख में बिना किसी दिखावे के उसकी मदद करे।
2. नसरुद्दीन का व्यवहार: नसरुद्दीन का इरादा बुरा नहीं था, उसने मित्र की मदद के लिए खुशी-खुशी अचकन दी, लेकिन उसके नासमझी भरे बड़बोलेपन ने मित्र को ठेस पहुँचाई। अतः उसने मदद तो की, परंतु समझदारी नहीं दिखाई।
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सच्चे मित्र के कर्तव्य का उल्लेख
1.0 M
नसरुद्दीन के इरादे और नासमझी का संतुलित विश्लेषण
1.0 M
Q5
कहानी से • पात्र और संवाद
पाठ 5 ('दोस्त की पोशाक') में मुख्य पात्र कौन हैं और उनके बीच क्या बातचीत होती है? संक्षेप में बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
इस पाठ के मुख्य पात्र अपनी रोचक बातचीत और अनोखे स्वभाव से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कहानी में उत्पन्न असमंजस को पात्र अपनी समझदारी, हास्य और विवेक से सुलझाते हैं।
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मुख्य पात्रों का उल्लेख
1 अंक
संवाद व घटना का सही सारांश
1 अंक
Q6
तुम्हारी समझ से • विचार और तर्क
कहानी में जब समस्या उत्पन्न हुई, तो पात्रों ने क्या उपाय निकाला? क्या आप उस उपाय से सहमत हैं?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
पात्रों ने आपसी विचार-विमर्श और व्यावहारिक सूझबूझ से एक नया और सरल रास्ता निकाला। हाँ, मैं इस उपाय से पूर्णतः सहमत हूँ क्योंकि इससे बिना किसी झगड़े के समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो गया।
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समस्या का उपाय बताया
1 अंक
तार्किक सहमति व कारण
1 अंक
Q7
भाषा की बात • विशेषण और विशेष्य
विशेषण और विशेष्य का सही मिलान कीजिए:
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
[3 Marks]
(क) भोला-भाला — (1) बादल
(ख) कीमती — (2) गेंद
(ग) घना — (3) पेड़।
✅ Step-by-Step Solution & Working
सही मिलान:
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
• (क) भोला-भाला — (1) बादल
• (ख) कीमती — (2) गेंद
• (ग) घना — (3) पेड़।
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तीनों का सही मिलान
3 अंक
Q8
भाषा की बात • क्रिया शब्द
दिए गए वाक्य में से काम वाले शब्द (क्रिया) छाँटिए: 'बच्चे मैदान में गेंद फेंक रहे हैं और दौड़ रहे हैं।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
क्रिया शब्द:
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
1. फेंक रहे हैं
2. दौड़ रहे हैं।
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दोनों क्रियाएं सही पहचानी
2 अंक
Q9
मुहावरे • अर्थ और प्रयोग
मुहावरे 'दंग रह जाना' का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरा: दंग रह जाना:
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
• अर्थ: बहुत अधिक आश्चर्यचकित होना / हैरान हो जाना।
• वाक्य: नन्हे बालक का अद्भुत करामाती करतब देखकर सभी दर्शक दंग रह गए।
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सही अर्थ
1 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1 अंक
Q10
बातचीत के लिए • तुम्हारी राय
'दोस्त की पोशाक' में कौन-सी बात आपको सबसे मजेदार या रोचक लगी? कक्षा में साझा कीजिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
रोचक प्रसंग:
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
मुझे वह प्रसंग सबसे रोचक लगा जहाँ पात्र की हाजिरजवाबी और चतुर तर्क ने सबको निरुत्तर कर दिया। इससे कहानी में हास्य और सीख दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।
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रोचक प्रसंग का वर्णन
2 अंक
Q11
शब्द भंडार • अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए:
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
[3 Marks]
(क) जो कभी न मरे
(ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है
(ग) जो चित्र बनाता है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
एक शब्द:
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
• (क) जो कभी न मरे — अमर
• (ख) जो लकड़ी की वस्तुएं बनाता है — बढ़ई
• (ग) जो चित्र बनाता है — चित्रकार।
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अमर, बढ़ई, चित्रकार
3 अंक
Q12
रचनात्मक लेखन • नया अंत सोचो
यदि कहानी 'दोस्त की पोशाक' का अंत आपकी इच्छानुसार बदला जाए, तो आप इसे कैसे समाप्त करना चाहेंगे?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नया अंत:
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
मैं इस कहानी को इस तरह समाप्त करता जहाँ विरोधी पात्र भी अपनी गलती स्वीकार कर लेता और दोनों मुख्य पात्र मिलकर एक-दूसरे के पक्के मित्र बन जाते। इससे कहानी में क्षमा और मित्रता का भाव और प्रगाढ़ हो जाता।
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सार्थक और सकारात्मक नया अंत
2 अंक
Q13
सही या गलत • पाठ की समझ
बताइए सही या गलत:
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
[3 Marks]
(क) सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति के समय काम आए।
(ख) अहंकार करने से मनुष्य का मान-सम्मान बढ़ता है।
(ग) हर काम को योजना बनाकर करने से सफलता मिलती है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
• (क) सही
• (ख) गलत: अहंकार से मनुष्य का पतन होता है।
• (ग) सही।
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सही, गलत, सही स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q14
जीवन मूल्य • सीख
'दोस्त की पोशाक' पढ़कर हमें कौन-सा मूल्य अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जीवन मूल्य:
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
यह कहानी हमें ईमानदारी, बड़ों के प्रति आदर, और किसी भी स्थिति में दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देती है।
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नैतिक मूल्य व सीख का स्पष्ट वर्णन
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
दिखावा, वेशभूषा और आत्मसम्मान
जमाल साहब केवल इसलिए समाज में जाने से कतरा रहे थे क्योंकि उनके कपड़े मामूली थे।
Analytical Task: क्या किसी व्यक्ति का मूल्यांकन केवल उसके वस्त्रों के आधार पर किया जाना चाहिए? अपने विचार दीजिए।
Evaluation & Model Answer:
बिल्कुल नहीं। वस्त्र केवल शरीर की सुरक्षा और शालीनता के लिए होते हैं। किसी भी व्यक्ति का वास्तविक मूल्य उसकी विद्या, सद्व्यवहार, ईमानदारी और मानवीय गुणों से तय होता है। दिखावे की संस्कृति से व्यक्ति हीनभावना का शिकार होता है, जबकि सादगी और ज्ञान ही सच्चा आभूषण हैं।
Rubric: 1.5 अंक बाह्य आडंबर के विरोध और सादगी के समर्थन पर; 1.5 अंक आंतरिक सद्गुणों के मूल्यांकन पर।