Chapter 2 of 14
Chapter 2: शेखीबाज़ मक्खी
योगेश जोशी द्वारा रचित प्रेरक कहानी — घमंड और शेखी बघारने का दुष्परिणाम | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- शेखी बघारने और घमंड करने से सदा नुकसान ही होता है।
- शेर और हाथी ने व्यर्थ के विवाद से बचने के लिए मक्खी से पीछा छुड़ाया।
- लोमड़ी ने अपनी चालाकी और बुद्धिमानी से मक्खी का घमंड चूर किया।
- मकड़ी के जाले में फँसकर मक्खी की शेखी समाप्त हो गई।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (17 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
कहानी की बात
मक्खी ने शेर को क्यों परेशान किया और अंत में शेर ने क्या कहा?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
शेर भोजन करके दो-तीन दिनों से नहाया नहीं था और आराम से सो रहा था। मक्खी उसके कान के पास भिन-भिन करने लगी। शेर के बार-बार पंजा मारने पर भी मक्खी उड़ जाती थी और शेर खुद ही घायल हो रहा था। अंत में थककर शेर ने कहा, 'मक्खी बहन! अब मुझे छोड़ो, मैं हारा और तुम जीतीं। बस!'
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
शेर को परेशान करने का कारण (नहाना, कान के पास भिनभिनाना)
1.5 अंक
शेर का थककर हार मानने का कथन
1.5 अंक
Q2
किसने किससे कहा
लोमड़ी ने मक्खी को मकड़ी के जाले की तरफ कैसे भेजा?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
लोमड़ी बहुत चतुर थी। उसने मक्खी की झूठी प्रशंसा करते हुए कहा, 'धन्य हो मक्खी रानी! पर वह जो मकड़ी दिखाई दे रही है न, वह आपको गाली दे रही थी। ज़रा उसकी खबर लो न!' मक्खी गुस्से में आगबबूला होकर मकड़ी पर झपटी और उसके जाले में फँस गई।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
लोमड़ी की चालाकी और झूठी प्रशंसा का उल्लेख
1.5 अंक
मक्खी के जाले में फँसने का परिणाम
1.5 अंक
Q3
भाषा की बात / पर्यायवाची शब्द
पाठ में आए इन शब्दों के समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए: (क) घमंड (ख) जंगल (ग) प्रणाम।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
दिए गए शब्दों के पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित हैं:
1. घमंड: अहंकार, गर्व, दंभ।
2. जंगल: वन, कानन, अरण्य।
3. प्रणाम: नमस्कार, अभिवादन, नमन।
1. घमंड: अहंकार, गर्व, दंभ।
2. जंगल: वन, कानन, अरण्य।
3. प्रणाम: नमस्कार, अभिवादन, नमन।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों शब्दों के सही पर्यायवाची लिखना
1.5 अंक
वर्तनी की शुद्धता
0.5 अंक
Q4
कहानी का क्रम • घटनाक्रम
कहानी 'शेखीबाज़ मक्खी' की घटनाओं को सही क्रम में (1 से 4) लगाइए:
• मक्खी मकड़ी के जाले में फँस गई और छटपटाते-छटपटाते थक गई।
• मक्खी ने सोते हुए शेर को परेशान किया और खुद को शेर से भी बलशाली बताया।
• लोमड़ी ने मक्खी की झूठी तारीफ करके उसे मकड़ी से लड़ने भेजा।
• हाथी ने मक्खी से झगड़ा न करके उसे सूँड उठाकर प्रणाम किया और आगे बढ़ गया।
[3 Marks]
• मक्खी मकड़ी के जाले में फँस गई और छटपटाते-छटपटाते थक गई।
• मक्खी ने सोते हुए शेर को परेशान किया और खुद को शेर से भी बलशाली बताया।
• लोमड़ी ने मक्खी की झूठी तारीफ करके उसे मकड़ी से लड़ने भेजा।
• हाथी ने मक्खी से झगड़ा न करके उसे सूँड उठाकर प्रणाम किया और आगे बढ़ गया।
✅ Step-by-Step Solution & Working
घटनाओं का सही क्रम:
1. मक्खी ने सोते हुए शेर को परेशान किया और खुद को शेर से भी बलशाली बताया।
2. हाथी ने मक्खी से झगड़ा न करके उसे सूँड उठाकर प्रणाम किया और आगे बढ़ गया।
3. लोमड़ी ने मक्खी की झूठी तारीफ करके उसे मकड़ी से लड़ने भेजा।
4. मक्खी मकड़ी के जाले में फँस गई और छटपटाते-छटपटाते थक गई।
1. मक्खी ने सोते हुए शेर को परेशान किया और खुद को शेर से भी बलशाली बताया।
2. हाथी ने मक्खी से झगड़ा न करके उसे सूँड उठाकर प्रणाम किया और आगे बढ़ गया।
3. लोमड़ी ने मक्खी की झूठी तारीफ करके उसे मकड़ी से लड़ने भेजा।
4. मक्खी मकड़ी के जाले में फँस गई और छटपटाते-छटपटाते थक गई।
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चारों घटनाओं का सटीक क्रमिक संयोजन (1 से 4)
3.0 अंक
Q5
अभिनय और संवाद • शेर और मक्खी
शेर ने मक्खी से पीछा छुड़ाने के लिए क्या कहा? शेर और मक्खी का संक्षिप्त संवाद लिखिए।
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
शेर और मक्खी का संवाद:
मक्खी (भिनभिनाते हुए): 'अरे शेर! तू मुझसे क्यों डरता है? आ, मुझसे कुश्ती लड़!'
शेर (थककर कान खुजलाते हुए): 'मक्खी बहन, मुझे छोड़ दो! मैं हारा और तुम जीतीं, बस अब मुझे सोने दो!'
मक्खी (भिनभिनाते हुए): 'अरे शेर! तू मुझसे क्यों डरता है? आ, मुझसे कुश्ती लड़!'
शेर (थककर कान खुजलाते हुए): 'मक्खी बहन, मुझे छोड़ दो! मैं हारा और तुम जीतीं, बस अब मुझे सोने दो!'
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मक्खी का शेखी बघारना और शेर का विवश संवाद
3.0 अंक
Q6
कहानी की सीख • घमंड का फल
लोमड़ी को सबसे समझदार क्यों माना गया? इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
शिक्षा और विश्लेषण:
• लोमड़ी ने मक्खी से लड़ने में अपनी शक्ति व्यर्थ नहीं की। उसने मक्खी के घमंड को उसी के विनाश का कारण बना दिया।
• सीख: घमंड का सिर हमेशा नीचा होता है। कभी भी अपनी ताकत या किसी छोटी उपलब्धि पर शेखी नहीं बघारनी चाहिए।
• लोमड़ी ने मक्खी से लड़ने में अपनी शक्ति व्यर्थ नहीं की। उसने मक्खी के घमंड को उसी के विनाश का कारण बना दिया।
• सीख: घमंड का सिर हमेशा नीचा होता है। कभी भी अपनी ताकत या किसी छोटी उपलब्धि पर शेखी नहीं बघारनी चाहिए।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
लोमड़ी की सूझबूझ की व्याख्या
1.5 अंक
'घमंड का सिर नीचा' की नैतिक सीख
1.5 अंक
Q7
भाषा की बात • विशेषण शब्द
कहानी में आए पात्रों के स्वभाव के लिए एक-एक उपयुक्त विशेषण शब्द लिखिए:
(क) मक्खी $\rightarrow$ _____
(ख) लोमड़ी $\rightarrow$ _____
(ग) हाथी $\rightarrow$ _____
[3 Marks]
(क) मक्खी $\rightarrow$ _____
(ख) लोमड़ी $\rightarrow$ _____
(ग) हाथी $\rightarrow$ _____
✅ Step-by-Step Solution & Working
पात्रों के विशेषण:
• (क) मक्खी $\rightarrow$ घमंडी / शेखीबाज़
• (ख) लोमड़ी $\rightarrow$ चतुर / समझदार
• (ग) हाथी $\rightarrow$ शांत / विनम्र
• (क) मक्खी $\rightarrow$ घमंडी / शेखीबाज़
• (ख) लोमड़ी $\rightarrow$ चतुर / समझदार
• (ग) हाथी $\rightarrow$ शांत / विनम्र
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तीनों पात्रों के सटीक स्वभाव-विशेषण
3.0 अंक
Q8
कहानी से • पात्र और घटना
पाठ 2 ('शेखीबाज़ मक्खी') में मुख्य घटना क्या घटित होती है? संक्षेप में बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ में मुख्य पात्र अपनी चतुराई, सूझबूझ और समझदारी से एक बड़ी समस्या या असमंजस को आसानी से सुलझा लेता है। कहानी से हमें यह संदेश मिलता है कि संकट के समय घबराने के बजाय बुद्धि से काम लेना चाहिए।
इस पाठ में मुख्य पात्र अपनी चतुराई, सूझबूझ और समझदारी से एक बड़ी समस्या या असमंजस को आसानी से सुलझा लेता है। कहानी से हमें यह संदेश मिलता है कि संकट के समय घबराने के बजाय बुद्धि से काम लेना चाहिए।
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मुख्य घटना का सही उल्लेख
1 अंक
सूझबूझ का संदेश
1 अंक
Q9
तुम्हारी समझ से • कारण बताओ
कहानी के मुख्य पात्र ने ऐसा निर्णय क्यों लिया? यदि आप उसकी जगह होते, तो क्या करते?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
मुख्य पात्र ने यह निर्णय न्याय, भलाई और शांति बनाए रखने के लिए लिया। यदि मैं उसकी जगह होता, तो मैं भी सबकी बात ध्यान से सुनकर बिना किसी पक्षपात के सच्चाई का साथ देता।
मुख्य पात्र ने यह निर्णय न्याय, भलाई और शांति बनाए रखने के लिए लिया। यदि मैं उसकी जगह होता, तो मैं भी सबकी बात ध्यान से सुनकर बिना किसी पक्षपात के सच्चाई का साथ देता।
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निर्णय का कारण
1 अंक
व्यक्तिगत राय व न्यायसंगत विचार
1 अंक
Q10
बातचीत के लिए • कक्षा चर्चा
इस पाठ में कौन-सा पात्र आपको सबसे अधिक पसंद आया और क्यों?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
मुझे मुख्य पात्र की सूझबूझ और शांत स्वभाव सबसे अधिक पसंद आया, क्योंकि उसने बिना क्रोध किए सबको सही राह दिखाई और झगड़े को समझदारी से समाप्त किया।
मुझे मुख्य पात्र की सूझबूझ और शांत स्वभाव सबसे अधिक पसंद आया, क्योंकि उसने बिना क्रोध किए सबको सही राह दिखाई और झगड़े को समझदारी से समाप्त किया।
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पसंदीदा पात्र व कारण
2 अंक
Q11
भाषा की बात • मुहावरे और अर्थ
दिए गए मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) अक्ल बड़ी या भैंस
(ख) नौ दो ग्यारह होना।
[3 Marks]
(क) अक्ल बड़ी या भैंस
(ख) नौ दो ग्यारह होना।
✅ Step-by-Step Solution & Working
मुहावरे और वाक्य:
• (क) अक्ल बड़ी या भैंस: शारीरिक बल से बुद्धि अधिक शक्तिशाली होती है।
वाक्य: बीरबल ने अपनी बुद्धि से शेर को हरा दिया और सिद्ध कर दिया कि अक्ल बड़ी होती है, भैंस नहीं।
• (ख) नौ दो ग्यारह होना: भाग जाना।
वाक्य: पुलिस को आते देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
• (क) अक्ल बड़ी या भैंस: शारीरिक बल से बुद्धि अधिक शक्तिशाली होती है।
वाक्य: बीरबल ने अपनी बुद्धि से शेर को हरा दिया और सिद्ध कर दिया कि अक्ल बड़ी होती है, भैंस नहीं।
• (ख) नौ दो ग्यारह होना: भाग जाना।
वाक्य: पुलिस को आते देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
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दोनों मुहावरों के अर्थ
1.5 अंक
सार्थक वाक्य प्रयोग
1.5 अंक
Q12
भाषा की बात • लिंग बदलो
लिंग बदलो:
(क) शेर
(ख) मोर
(ग) बंदर
(घ) बैल।
[2 Marks]
(क) शेर
(ख) मोर
(ग) बंदर
(घ) बैल।
✅ Step-by-Step Solution & Working
स्त्रीलिंग रूप:
• (क) शेर — शेरनी
• (ख) मोर — मोरनी
• (ग) बंदर — बंदरिया
• (घ) बैल — गाय।
• (क) शेर — शेरनी
• (ख) मोर — मोरनी
• (ग) बंदर — बंदरिया
• (घ) बैल — गाय।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
शेरनी, मोरनी, बंदरिया, गाय
2 अंक
Q13
भाषा की बात • वचन बदलो
वचन बदलो (एकवचन से बहुवचन):
(क) रोटी
(ख) तितली
(ग) बात
(घ) पत्ता।
[2 Marks]
(क) रोटी
(ख) तितली
(ग) बात
(घ) पत्ता।
✅ Step-by-Step Solution & Working
बहुवचन रूप:
• (क) रोटी — रोटियाँ
• (ख) तितली — तितलियाँ
• (ग) बात — बातें
• (घ) पत्ता — पत्ते।
• (क) रोटी — रोटियाँ
• (ख) तितली — तितलियाँ
• (ग) बात — बातें
• (घ) पत्ता — पत्ते।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
रोटियाँ, तितलियाँ, बातें, पत्ते
2 अंक
Q14
विशेषण • गुण बताने वाले शब्द
दिए गए शब्दों के आगे उचित विशेषण लगाइए:
(क) ___ मक्खी
(ख) ___ अम्मा
(ग) ___ पेड़।
[3 Marks]
(क) ___ मक्खी
(ख) ___ अम्मा
(ग) ___ पेड़।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विशेषण शब्द:
• (क) घमंडी / शेखीबाज़ मक्खी
• (ख) भोली / मेहनती अम्मा
• (ग) विशाल / छायादार पेड़।
• (क) घमंडी / शेखीबाज़ मक्खी
• (ख) भोली / मेहनती अम्मा
• (ग) विशाल / छायादार पेड़।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
तीनों के लिए उपयुक्त विशेषण
3 अंक
Q15
रचनात्मक लेखन • नया शीर्षक सोचो
कहानी 'शेखीबाज़ मक्खी' के लिए कोई एक नया और रोचक शीर्षक सोचकर लिखिए और कारण भी बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
नया शीर्षक:
'सूझबूझ की जीत'
कारण: पूरी कहानी में शारीरिक शक्ति पर बुद्धि और समझदारी की विजय दिखाई गई है, इसलिए यह शीर्षक अत्यंत सटीक है।
'सूझबूझ की जीत'
कारण: पूरी कहानी में शारीरिक शक्ति पर बुद्धि और समझदारी की विजय दिखाई गई है, इसलिए यह शीर्षक अत्यंत सटीक है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
सार्थक नया शीर्षक
1 अंक
उचित कारण
1 अंक
Q16
सही या गलत • समझ की जाँच
सही या गलत बताइए:
(क) हमें किसी भी छोटी बात पर तुरंत झगड़ा शुरू कर देना चाहिए।
(ख) दूसरों की सहायता करने से आपसी प्रेम और सम्मान बढ़ता है।
(ग) घमंड करने वाले को हमेशा अंत में पछताना पड़ता है।
[3 Marks]
(क) हमें किसी भी छोटी बात पर तुरंत झगड़ा शुरू कर देना चाहिए।
(ख) दूसरों की सहायता करने से आपसी प्रेम और सम्मान बढ़ता है।
(ग) घमंड करने वाले को हमेशा अंत में पछताना पड़ता है।
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
• (क) गलत: झगड़ा करने से बचना चाहिए और बातचीत से हल निकालना चाहिए।
• (ख) सही: सहायता करने से प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।
• (ग) सही: घमंड का परिणाम हमेशा बुरा होता है।
• (क) गलत: झगड़ा करने से बचना चाहिए और बातचीत से हल निकालना चाहिए।
• (ख) सही: सहायता करने से प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।
• (ग) सही: घमंड का परिणाम हमेशा बुरा होता है।
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गलत, सही, सही स्पष्टीकरण सहित
3 अंक
Q17
जीवन मूल्य • सीख
'शेखीबाज़ मक्खी' पढ़कर हमें समाज और परिवार में कैसा व्यवहार करने की सीख मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जीवन मूल्य:
यह पाठ हमें दूसरों का सम्मान करने, अहंकार से दूर रहने और आपस में मिल-जुलकर शांतिपूर्वक रहने की सीख देता है।
यह पाठ हमें दूसरों का सम्मान करने, अहंकार से दूर रहने और आपस में मिल-जुलकर शांतिपूर्वक रहने की सीख देता है।
CBSE Step-by-Step Marking Scheme
नैतिक मूल्य व सीख का स्पष्ट वर्णन
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
आत्मप्रशंसा बनाम बुद्धिमत्ता का नैतिक मूल्यांकन
कक्षा में रोहन ने गणित की प्रतियोगिता जीती। इसके बाद वह हर बच्चे को नीचा दिखाते हुए कहने लगा कि विद्यालय में कोई भी उसके बराबर होशियार नहीं है।
Analytical Task: 'शेखीबाज़ मक्खी' पाठ के आधार पर बताइए कि रोहन का यह व्यवहार क्यों अनुचित है और उसे मक्खी के हश्र से क्या सीख लेनी चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
रोहन का व्यवहार अनुचित है क्योंकि सफलता मिलने पर विनम्र रहना चाहिए, न कि दूसरों को कम आँकना चाहिए। 'शेखीबाज़ मक्खी' कहानी से सीख मिलती है कि झूठे घमंड और आत्मप्रशंसा में व्यक्ति अपनी सीमाओं को भूल जाता है और अंततः किसी बड़ी मुसीबत में फँसकर अपनी ही हँसी उड़वा बैठता है। रोहन को अपनी प्रतिभा पर घमंड करने के बजाय अपने सहपाठियों की मदद करनी चाहिए।
Rubric: विनम्रता का महत्व, घमंड के दुष्परिणाम और नैतिक व्यवहार का स्पष्ट विश्लेषण (4 अंक)।