Chapter 13 of 18
Chapter 13: पेड़ों की अम्मा 'थिमक्का'
पद्मश्री सालुमरदा थिमक्का का प्रेरक जीवन, 8000+ पेड़ लगाना, निःस्वार्थ सेवा और पर्यावरण रक्षा | CBSE Session 2026–27
Core Pedagogical Competencies & Concepts
- कर्नाटक की महान पर्यावरणविद सालुमरदा थिमक्का का जीवन परिचय।
- संतान न होने के दुख को प्रकृति प्रेम में बदलना: बरगद के 384+ विशाल वृक्षों को अपनी संतानों की तरह पालना।
- कठिन संघर्ष: मीलों दूर से घड़ों में पानी लाकर चिलचिलाती धूप में पौधों को सींचना और कंटीली बाड़ लगाना।
- भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' सम्मान और वैश्विक प्रेरणा।
All Textbook Exercises & In-Text Tasks (16 Questions)
100% Complete Ingestion
Q1
प्रेरक प्रसंग • सोचिए और लिखिए
सालुमरदा थिमक्का को 'पेड़ों की अम्मा' क्यों कहा जाता है? उन्होंने अपने जीवन के दुख को कैसे एक महान कार्य में बदल दिया?
[3 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
1. पेड़ों की अम्मा: थिमक्का ने अपने पति के साथ मिलकर कुदूर से हुलिकल राजमार्ग पर 4 किलोमीटर की दूरी में 384 से अधिक बरगद के पेड़ लगाए और 8000 से अधिक अन्य पेड़ रोपे। वे इन पेड़ों को अपने बच्चों की तरह मानती और पालती थीं, इसलिए लोग उन्हें आदर से 'सालुमरदा थिमक्का' (पेड़ों की कतार वाली अम्मा) कहते हैं।
2. दुख को शक्ति बनाना: शादी के कई साल बाद भी संतान न होने पर समाज के तानों को सहने के बजाय, उन्होंने पेड़ों को ही अपनी संतान मानकर उनकी सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
1. पेड़ों की अम्मा: थिमक्का ने अपने पति के साथ मिलकर कुदूर से हुलिकल राजमार्ग पर 4 किलोमीटर की दूरी में 384 से अधिक बरगद के पेड़ लगाए और 8000 से अधिक अन्य पेड़ रोपे। वे इन पेड़ों को अपने बच्चों की तरह मानती और पालती थीं, इसलिए लोग उन्हें आदर से 'सालुमरदा थिमक्का' (पेड़ों की कतार वाली अम्मा) कहते हैं।
2. दुख को शक्ति बनाना: शादी के कई साल बाद भी संतान न होने पर समाज के तानों को सहने के बजाय, उन्होंने पेड़ों को ही अपनी संतान मानकर उनकी सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
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बरगद के वृक्षों को संतानों की तरह पालने का उल्लेख
1.5 M
निःसंतान दुख को पर्यावरण सेवा में बदलने की प्रेरणा
1.5 M
Q2
कठिन परिश्रम और समर्पण
थिमक्का और उनके पति पौधों को पानी देने के लिए क्या-क्या कठिनाइयाँ उठाते थे?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
उनके गाँव में पानी की बहुत कमी थी। वे दोनों सुबह-सवेरे उठकर मीलों दूर से मिट्टी के घड़ों में पानी भरकर लाते थे। धूप से बचाने के लिए कंटीली झाड़ियों की बाड़ लगाते और कई किलोमीटर पैदल चलकर एक-एक पौधे को सींचते थे।
उनके गाँव में पानी की बहुत कमी थी। वे दोनों सुबह-सवेरे उठकर मीलों दूर से मिट्टी के घड़ों में पानी भरकर लाते थे। धूप से बचाने के लिए कंटीली झाड़ियों की बाड़ लगाते और कई किलोमीटर पैदल चलकर एक-एक पौधे को सींचते थे।
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घड़ों में दूर से पानी लाने और बाड़ लगाने का विवरण
2.0 M
Q3
प्रेरणादायक जीवन • सालुमरदा थिमक्का
सालुमरदा थिमक्का कौन हैं, और उन्हें 'पेड़ों की अम्मा' क्यों कहा जाता है?
[4 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सालुमरदा थिमक्का का परिचय:
• सालुमरदा थिमक्का कर्नाटक की एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, जिन्हें संतान न होने पर उन्होंने और उनके पति ने पेड़ों को ही अपनी संतान मानकर पाला।
• उन्होंने अपने गाँव के 4 किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों ओर 385 से अधिक बरगद के पेड़ लगाए और कई वर्षों तक दूर-दूर से पानी लाकर उनकी सींचाई की। पर्यावरण के प्रति इस असीम वात्सल्य के कारण पूरा देश उन्हें आदर से 'पेड़ों की अम्मा' (वृक्ष माता) कहता है। भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया।
• सालुमरदा थिमक्का कर्नाटक की एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, जिन्हें संतान न होने पर उन्होंने और उनके पति ने पेड़ों को ही अपनी संतान मानकर पाला।
• उन्होंने अपने गाँव के 4 किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों ओर 385 से अधिक बरगद के पेड़ लगाए और कई वर्षों तक दूर-दूर से पानी लाकर उनकी सींचाई की। पर्यावरण के प्रति इस असीम वात्सल्य के कारण पूरा देश उन्हें आदर से 'पेड़ों की अम्मा' (वृक्ष माता) कहता है। भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया।
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कर्नाटक और 385 बरगद के पेड़ों का उल्लेख
2.0 अंक
पेड़ों को संतानवत पालने और 'पद्मश्री' का उल्लेख
2.0 अंक
Q4
बरगद का पेड़ • वैज्ञानिक व सांस्कृतिक महत्व
बरगद के पेड़ की क्या विशेषताएं हैं? दो बिंदु लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
बरगद की विशेषताएं:
1. बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। इसकी शाखाओं से जटाएं (वायवीय जड़ें) निकलकर जमीन में धँस जाती हैं और विशाल तने को सहारा देती हैं।
2. यह सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है और सैकड़ों पक्षियों, बंदरों और कीटों को आश्रय व भोजन देता है।
1. बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। इसकी शाखाओं से जटाएं (वायवीय जड़ें) निकलकर जमीन में धँस जाती हैं और विशाल तने को सहारा देती हैं।
2. यह सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है और सैकड़ों पक्षियों, बंदरों और कीटों को आश्रय व भोजन देता है।
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राष्ट्रीय वृक्ष, जटाएं और दीर्घायु की दो विशेषताएं
2.0 अंक
Q5
शब्द-ज्ञान • 'सालुमरदा' का अर्थ
कन्नड़ भाषा में 'सालुमरदा' शब्द का क्या अर्थ है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
शब्दार्थ:
• कन्नड़ भाषा में 'सालुमरदा' का अर्थ होता है—'पेड़ों की कतार' (वृक्षों की पंक्ति)। क्योंकि थिमक्का ने सड़क के दोनों किनारों पर कतारबद्ध तरीके से बरगद के पेड़ लगाए थे, इसलिए उनका नाम 'सालुमरदा थिमक्का' पड़ा।
• कन्नड़ भाषा में 'सालुमरदा' का अर्थ होता है—'पेड़ों की कतार' (वृक्षों की पंक्ति)। क्योंकि थिमक्का ने सड़क के दोनों किनारों पर कतारबद्ध तरीके से बरगद के पेड़ लगाए थे, इसलिए उनका नाम 'सालुमरदा थिमक्का' पड़ा।
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'पेड़ों की कतार' का सही अर्थ और नामकरण का कारण
2.0 अंक
Q6
संदेश • एक बच्चा एक पेड़
थिमक्का के जीवन से आज के विद्यार्थियों को क्या संकल्प लेना चाहिए?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
संकल्प:
• प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और केवल लगाना ही नहीं, बल्कि एक बच्चे की तरह उसकी नियमित देखभाल और सींचाई करनी चाहिए।
• प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और केवल लगाना ही नहीं, बल्कि एक बच्चे की तरह उसकी नियमित देखभाल और सींचाई करनी चाहिए।
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वृक्षारोपण और सतत देखभाल का संकल्प
2.0 अंक
Q7
कविता से • मुख्य भाव
पाठ 13 ('पेड़ों की अम्मा 'थिमक्का'') में कवि ने प्रकृति और आस-पास के परिवेश से हमें क्या सीखने की प्रेरणा दी है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
इस पाठ के माध्यम से कवि हमें सिखाते हैं कि प्रकृति का प्रत्येक जीव और तत्व हमें निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करना, निरंतर कर्मशील रहना और सदा मुस्कराते हुए जीवन जीना सिखाता है।
इस पाठ के माध्यम से कवि हमें सिखाते हैं कि प्रकृति का प्रत्येक जीव और तत्व हमें निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करना, निरंतर कर्मशील रहना और सदा मुस्कराते हुए जीवन जीना सिखाता है।
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प्रकृति से सीखने का संदेश
1 अंक
निस्वार्थ सेवा और कर्मठता
1 अंक
Q8
बातचीत के लिए • मौखिक अभिव्यक्ति
'पेड़ों की अम्मा 'थिमक्का'' को पढ़कर आपके मन में क्या विचार आते हैं? अपने शब्दों में दो पंक्तियों में बताइए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
यह पाठ हमें सिखाता है कि हमें अपने आस-पास के सभी जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के प्रति दया और प्रेम का भाव रखना चाहिए। मिलकर काम करने से कोई भी कठिन कार्य आसान हो जाता है।
यह पाठ हमें सिखाता है कि हमें अपने आस-पास के सभी जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के प्रति दया और प्रेम का भाव रखना चाहिए। मिलकर काम करने से कोई भी कठिन कार्य आसान हो जाता है।
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मौखिक अभिव्यक्ति व विचार
2 अंक
Q9
सोचो और लिखो • विचार मंथन
यदि आपको 'पेड़ों की अम्मा 'थिमक्का'' के मुख्य पात्र से मिलने का अवसर मिले, तो आप उससे कौन-सा प्रश्न पूछना चाहेंगे और क्यों?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
उत्तर:
मैं उनसे पूछूँगा कि कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते समय वे हमेशा धैर्य और आत्मविश्वास कैसे बनाए रखते हैं, ताकि मैं भी अपने जीवन में वैसा ही धैर्य सीख सकूँ।
मैं उनसे पूछूँगा कि कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते समय वे हमेशा धैर्य और आत्मविश्वास कैसे बनाए रखते हैं, ताकि मैं भी अपने जीवन में वैसा ही धैर्य सीख सकूँ।
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उचित प्रश्न व कारण
2 अंक
Q10
भाषा की बात • विलोम शब्द
दिए गए शब्दों के विलोम (उलटे अर्थ वाले) शब्द लिखिए:
(क) मित्र
(ख) दिन
(ग) सरल
(घ) सच्चा।
[2 Marks]
(क) मित्र
(ख) दिन
(ग) सरल
(घ) सच्चा।
✅ Step-by-Step Solution & Working
विलोम शब्द:
• (क) मित्र — शत्रु
• (ख) दिन — रात
• (ग) सरल — कठिन
• (घ) सच्चा — झूठा।
• (क) मित्र — शत्रु
• (ख) दिन — रात
• (ग) सरल — कठिन
• (घ) सच्चा — झूठा।
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शत्रु, रात, कठिन, झूठा
2 अंक
Q11
भाषा की बात • पर्यायवाची शब्द
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द लिखिए:
(क) पेड़
(ख) पानी
(ग) हवा।
[3 Marks]
(क) पेड़
(ख) पानी
(ग) हवा।
✅ Step-by-Step Solution & Working
पर्यायवाची शब्द:
• (क) पेड़ — वृक्ष, तरु
• (ख) पानी — जल, नीर
• (ग) हवा — पवन, वायु।
• (क) पेड़ — वृक्ष, तरु
• (ख) पानी — जल, नीर
• (ग) हवा — पवन, वायु।
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वृक्ष/तरु
1 अंक
जल/नीर
1 अंक
पवन/वायु
1 अंक
Q12
भाषा की बात • तुकबंदी (समान लय वाले शब्द)
कविता से मिलते-जुलते लय वाले (तुकांत) शब्द खोजकर लिखिए:
(क) गाता
(ख) पानी
(ग) डाली।
[3 Marks]
(क) गाता
(ख) पानी
(ग) डाली।
✅ Step-by-Step Solution & Working
तुकांत शब्द:
• (क) गाता — भाता, पाता, जाता
• (ख) पानी — रानी, नानी, कहानी
• (ग) डाली — माली, ताली, लाली।
• (क) गाता — भाता, पाता, जाता
• (ख) पानी — रानी, नानी, कहानी
• (ग) डाली — माली, ताली, लाली।
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गाता-भाता
1 अंक
पानी-रानी
1 अंक
डाली-माली
1 अंक
Q13
शब्दों का खेल • संज्ञा शब्द छाँटना
दिए गए वाक्य में से नाम वाले शब्द (संज्ञा) छाँटकर लिखिए: 'रोहन और मीना बगीचे में मीठे आम खा रहे हैं।'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
संज्ञा शब्द (नाम वाले शब्द):
1. रोहन (व्यक्ति का नाम)
2. मीना (व्यक्ति का नाम)
3. बगीचे (स्थान का नाम)
4. आम (वस्तु/फल का नाम)।
1. रोहन (व्यक्ति का नाम)
2. मीना (व्यक्ति का नाम)
3. बगीचे (स्थान का नाम)
4. आम (वस्तु/फल का नाम)।
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रोहन, मीना, बगीचा, आम सही पहचाना
2 अंक
Q14
खोजें और जानें • पर्यावरण और परिवेश
अपने घर या विद्यालय के आस-पास पाए जाने वाले दो पक्षियों या पेड़ों के नाम और उनकी कोई एक विशेषता लिखिए।
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
अवलोकन:
1. नीम का पेड़: इसकी पत्तियाँ कड़वी होती हैं लेकिन हवा को शुद्ध करती हैं और दवाइयों के काम आती हैं।
2. गौरैया (चिड़िया): यह छोटी, फुर्तीली चिड़िया है जो तिनके जुटाकर पेड़ों और रोशनदान में घोंसला बनाती है।
1. नीम का पेड़: इसकी पत्तियाँ कड़वी होती हैं लेकिन हवा को शुद्ध करती हैं और दवाइयों के काम आती हैं।
2. गौरैया (चिड़िया): यह छोटी, फुर्तीली चिड़िया है जो तिनके जुटाकर पेड़ों और रोशनदान में घोंसला बनाती है।
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दो पक्षियों/पेड़ों के नाम व विशेषता
2 अंक
Q15
वाक्य रचना • सही क्रम में लिखना
शब्दों को सही क्रम में रखकर सार्थक वाक्य बनाइए: 'है / गाती / कोयल / मीठी / तान'
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
सही वाक्य:
कोयल मीठी तान गाती है।
कोयल मीठी तान गाती है।
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सार्थक वाक्य रचना व पूर्णविराम
2 अंक
Q16
मूल्यपरक प्रश्न • जीवन मूल्य
पाठ 'पेड़ों की अम्मा 'थिमक्का'' से हमें अपने जीवन में कौन-सा अच्छा गुण अपनाने की सीख मिलती है?
[2 Marks]
✅ Step-by-Step Solution & Working
जीवन मूल्य:
इस पाठ से हमें सदा सच बोलने, बड़ों का आदर करने और पर्यावरण की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है।
इस पाठ से हमें सदा सच बोलने, बड़ों का आदर करने और पर्यावरण की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है।
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सद्गुण व नैतिक सीख
2 अंक
🌟 NEP 2020 Competency-Based Case Study
एक व्यक्ति का असाधारण योगदान
अकेली अशिक्षित और निर्धन ग्रामीण महिला होते हुए भी थिमक्का ने पूरे राजमार्ग को एक विशाल हरित छतरी में बदल दिया।
Analytical Task: थिमक्का की जीवन गाथा से यह कैसे सिद्ध होता है कि प्रकृति सेवा के लिए धन और डिग्री नहीं, केवल सच्ची लगन चाहिए?
Evaluation & Model Answer:
1. थिमक्का के पास न बड़ा बैंक खाता था और न ही कोई औपचारिक शिक्षा, फिर भी अपने दृढ़ संकल्प और पसीने से उन्होंने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े संगठन नहीं कर पाते।
2. यह हमें सिखाता है कि यदि हमारे मन में निस्वार्थ सेवा भाव हो, तो एक अकेला व्यक्ति भी धरती को स्वर्ग बना सकता है।
2. यह हमें सिखाता है कि यदि हमारे मन में निस्वार्थ सेवा भाव हो, तो एक अकेला व्यक्ति भी धरती को स्वर्ग बना सकता है।
Rubric: 1.5M लगन व दृढ़ संकल्प का महत्व + 1.5M निस्वार्थ सेवा भाव की प्रेरणा।